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भोपाल: एमपी के 2,269 स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक क्यों? खाली पदों और घटते दाखिलों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

Wed, 16 Sep 2026 07:14 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Wed, 16 Sep 2026 07:14 PM IST
सार

एमपी में 2,269 स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक होने का कांग्रेस ने मुद्दा उठाया। जीतू पटवारी ने शिक्षक पदों की रिक्ति, घटते स्कूलों और बच्चों के पढ़ाई छोड़ने के आंकड़ों पर सरकार से जवाब और शिक्षा से रोजगार तक समयबद्ध रोडमैप की मांग की।

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Bhopal: Why is there only one teacher in 2,269 schools across MP? Congress raises questions over vacant posts
पीसीसीसी चीफ जीतू पटवारी की प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के 2,269 सरकारी स्कूलों में सिर्फ एक-एक शिक्षक होने का मुद्दा अब सियासी बहस के केंद्र में है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा से जुड़े आंकड़े सामने रखते हुए सरकार से सवाल किए। उन्होंने शिक्षकों के खाली पद, स्कूलों की संख्या में कमी और बच्चों के स्कूल छोड़ने के आंकड़ों को शिक्षा व्यवस्था की बड़ी चुनौती बताया। पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पहली कक्षा में दाखिला लेने वाले बच्चों में से केवल 47.2 प्रतिशत ही 12वीं तक पहुंच पाते हैं। उनके मुताबिक 2014-15 से 2025-26 के बीच देश में सरकारी स्कूलों की संख्या करीब 1.02 लाख कम हुई है। मध्य प्रदेश में इसी अवधि में सरकारी स्कूलों की संख्या करीब 30,650 कम होने का दावा उन्होंने किया।
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2,269 स्कूलों में एक ही शिक्षक
पटवारी के अनुसार मध्य प्रदेश में 2,269 ऐसे स्कूल हैं, जहां केवल एक शिक्षक है। इन स्कूलों में करीब 2.29 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में ऐसे एक लाख से अधिक स्कूल हैं, जहां एक ही शिक्षक के भरोसे बच्चों की पढ़ाई चल रही है। शिक्षकों के खाली पदों को लेकर भी पटवारी ने सवाल उठाए। उन्होंने प्रदेश में 69,667 शिक्षक पद खाली होने का दावा किया। हालांकि, स्कूल शिक्षा विभाग के हालिया उपलब्ध आंकड़ों में कुल 72,901 रिक्त पद बताए गए हैं। इनमें से 59,073 पद पदोन्नति और 13,828 पद सीधी भर्ती से भरने की तैयारी बताई गई है।
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उच्च शिक्षा में भी खाली पदों का मुद्दा
पटवारी ने उच्च शिक्षा के आंकड़ों को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि देश में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात करीब 30 प्रतिशत है और बड़ी संख्या में युवा उच्च शिक्षा से बाहर हैं।मध्य प्रदेश की 17 सरकारी विश्वविद्यालयों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि स्वीकृत 1,949 पदों में से 1,585 पद खाली हैं। कांग्रेस ने इन रिक्तियों को भरने के साथ शिक्षा से रोजगार तक के लिए समय-सीमा वाला रोडमैप बनाने की मांग की।
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राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले उठाया मुद्दा
पटवारी का यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से तीन दिन पहले आया है। यह कार्यक्रम छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है।पटवारी ने कहा कि युवाओं की बड़ी आबादी देश की ताकत बन सकती है, लेकिन इसके लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसर जरूरी हैं। कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर श्वेत पत्र जारी करने, खाली शिक्षक पद भरने और शिक्षा से रोजगार तक की समयबद्ध योजना बनाने की मांग की।

 
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