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भोपाल: ओवैसी के बयान पर क्यों भड़का संत समाज? लव जिहाद की फंडिंग के आरोप, बढ़ा विवाद

Wed, 16 Sep 2026 05:48 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Wed, 16 Sep 2026 05:48 PM IST
सार

ओवैसी ने कहा कि बालिग व्यक्ति अपनी मर्जी से शादी करना चाहता है तो उसे रोकने वाला कोई नहीं होना चाहिए और कानून का इस्तेमाल धर्म के चश्मे से नहीं होना चाहिए। इस पर संत समिति अध्यक्ष अनिलानंद ने ओवैसी पर ‘लव जिहाद’ के लिए फंडिंग और युवाओं को मदद देने का आरोप लगाया।

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Bhopal: Why are seers outraged by Owaisi's statement? Controversy escalates over allegations of 'Love Jihad' f
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लव जिहाद को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान के बाद मध्यप्रदेश में विवाद तेज हो गया है। भोपाल में ओवैसी ने कहा कि अगर कोई युवक-युवती बालिग है और अपनी मर्जी से शादी करना चाहता है तो उसे रोकने वाला कोई नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून का इस्तेमाल धर्म के चश्मे से नहीं किया जाना चाहिए। ओवैसी ने कहा, बालिग माने अडल्ट है। और वो अपनी मर्जी से किसी से शादी करना चाहता है, तो आप कौन होते भाई किसी को रोकने वाले? कानून के कथित चयनात्मक इस्तेमाल पर उन्होंने कहा कि कानून के इस्तेमाल में धर्म या मजहब का चश्मा नहीं होना चाहिए। ओवैसी के इसी तर्क को लेकर संत समाज ने उन पर तीखा हमला बोला है। संत समिति के अध्यक्ष अनिलानंद ने आरोप लगाया कि ओवैसी जिस तरह लव जिहाद के मामलों में युवाओं की शादी की पैरवी कर रहे हैं, उससे उनकी भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं।
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ओवैसी का तर्क- बालिग है तो अपनी मर्जी से शादी का अधिकार
ओवैसी से जब पूछा गया कि लव जिहाद को लेकर कानून है और क्या यह कानून सिर्फ मुस्लिम लड़कों के मामले में लागू होता है, तो उन्होंने कहा कि कानून का इस्तेमाल धर्म के आधार पर नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि अगर कोई बालिग अपनी इच्छा से शादी करना चाहता है तो उसे रोकने का अधिकार किसी को नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे को मोहब्बत को धर्म के चश्मे से नहीं देखने और कानून के समान इस्तेमाल से जोड़ते हुए अपना पक्ष रखा।
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 ओवैसी लव जिहाद की पैरवी कर रहे
संत समिति के अध्यक्ष अनिलानंद ने ओवैसी के बयान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह ओवैसी हिंदू-मुस्लिम लड़कियों के बालिग होने पर अपनी पसंद से शादी करने की बात कर रहे हैं, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि वह लव जिहाद की पैरवी कर रहे हैं। अनिलानंद ने आरोप लगाया कि लव जिहाद करने वाले युवकों को कथित तौर पर आर्थिक मदद और दूसरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने गाड़ी से लेकर होटल तक की व्यवस्था और फंडिंग किए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि ओवैसी को ऐसे मामलों का विरोध करना चाहिए, लेकिन वे इसके बजाय उनकी पैरवी कर रहे हैं। 
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यह भी पढ़ें-भोपाल: ओवैसी की सभा के बाद सियासत गरम, अब हिन्दू संगठन ने 5 अक्टूबर को टी. राजा की सभा की मांगी अनुमति

विवाद की जड़ क्या है?
एक तरफ ओवैसी का तर्क है कि बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद से शादी करने का अधिकार है और कानून का इस्तेमाल धर्म के आधार पर नहीं होना चाहिए। दूसरी तरफ संत समाज का आरोप है कि ऐसे बयानों से लव जिहाद को बढ़ावा मिलता है और इसके पीछे संगठित मदद की जा रही है।यही बयान अब मध्यप्रदेश में लव जिहाद, अंतरधार्मिक विवाह और कानून के इस्तेमाल को लेकर नई बहस का आधार बन गया है।
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