फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP: CM Mohan Yadav Tells New DSPs to Solve Real Problems, Eliminate Drugs by 2029

MP: नए DSP को CM मोहन यादव की नसीहत- रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सॉल्व करें, 2029 तक ड्रग्स का सफाया करें

Tue, 03 Nov 2026 02:21 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Tue, 03 Nov 2026 02:21 PM IST
सार

भोपाल में नए डीएसपी की पासिंग आउट परेड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अधिकारियों को जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि रील बनाने से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सॉल्व करें और वर्ष 2029 तक प्रदेश से ड्रग्स की समस्या खत्म करने में जुटें।

विज्ञापन
MP: CM Mohan Yadav Tells New DSPs to Solve Real Problems, Eliminate Drugs by 2029
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया की लोकप्रियता के बजाय जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी रील बनाने से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सुलझाने पर ध्यान दें। डाकुओं और नक्सलवाद के खिलाफ सफलता के बाद अब पुलिस के सामने वर्ष 2029 तक प्रदेश से ड्रग्स की समस्या खत्म करने की चुनौती है। मुख्यमंत्री मंगलवार को भोपाल के भौंरी स्थित मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी में 44वें और 45वें बैच के उप पुलिस अधीक्षकों (डीएसपी) की पासिंग आउट परेड में शामिल हुए। उन्होंने परेड की सलामी ली और निरीक्षण किया। प्रशिक्षण पूरा करने वाले 48 नए अधिकारियों में 20 महिला अधिकारी भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  माफी के बाद भी निशाने पर बाबा बागेश्वर: दिग्विजय ने कसा तंज, भूपेश बोले- केमिकल लोचा है, इनकी रेबीज की जांच हो
विज्ञापन


कमजोर वर्ग के लिए देवदूत बनें पुलिस अधिकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दौर सोशल मीडिया का है, लेकिन पुलिस के सामने सोशल मीडिया से ज्यादा सामाजिक समस्याएं हैं। अधिकारी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहें, लेकिन जनता के मुद्दों को भी गंभीरता से समझें। समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय उनके समाधान पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि नए अधिकारी ऐसे बनें, जिनका समाज के हर वर्ग में सम्मान हो। कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए पुलिस अधिकारी देवदूत की तरह काम करें। जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों को अपने कर्तव्य के प्रति हमेशा गंभीर रहना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  रिटायर्ड आईएएस हत्याकांड: फरार केयरटेकर आगरा से गिरफ्तार, हिरासत से भागने की कोशिश में पैर में लगी गोली

2029 तक नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने डाकुओं और नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना किया है। चंबल और रीवा अंचल में डाकुओं का उन्मूलन किया गया। वहीं, आदिवासी क्षेत्रों में विकास के सामने बड़ी बाधा रहे नक्सलवाद को भी प्रदेश से समाप्त करने में पुलिस ने सफलता हासिल की है। अब नशा पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वर्ष 2029 तक ड्रग्स की समस्या के सफाए के लिए निर्णायक भूमिका निभाएं। उन्होंने अवैध शराब के कारोबार और शराब माफिया के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 


ये भी पढ़ें- MP Cabinet: 23 हजार 288 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी, 15 सैटेलाइट टाउन भी होंगे विकसित

पुलिस अकादमी में 12 करोड़ के विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने पुलिस अकादमी में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराने की घोषणा की। इसमें ऑडिटोरियम का निर्माण, विद्युत सब स्टेशन की स्थापना और एक किलोमीटर लंबी एप्रोच रोड का निर्माण शामिल है। 

ये भी पढ़ें- एमपी: 1500 करोड़ के ग्लोबल स्किल पार्क की 60% सीटें खाली, अब ऑफिस बॉय से मैनेजर तक को एडमिशन का टारगेट

नक्सल विरोधी अभियान के 63 पुलिसकर्मियों को प्रमोशन
नक्सल विरोधी अभियान में योगदान देने वाले 63 पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया गया। मुख्यमंत्री ने जवानों के साहस और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सरकार उनके बलिदान और सेवाओं को हमेशा याद रखेगी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 17 हजार 710 पदों पर भर्ती की गई है। सरकार का लक्ष्य कुल 22 हजार 500 पदों पर भर्ती करने का है। पुलिसकर्मियों के कल्याण और विभाग को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 

ये भी पढ़ें-  देवास टीआई मौत मामला: मास्टर माइंड राहुल जायसवाल गिरफ्तार, सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल निलंबित

48 अधिकारियों में 20 महिलाएं, पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी भी प्रशिक्षित
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने बताया कि वर्ष 2014 से डीएसपी स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण भौंरी स्थित पुलिस अकादमी में कराया जा रहा है। इस बैच के 48 अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूरा किया है। इनमें 20 महिलाएं हैं। इस बार पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी स्तर के अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है। ये अधिकारी पुलिस की तकनीकी व्यवस्था और साइबर अपराधों से निपटने की क्षमता को मजबूत करेंगे। प्रशिक्षित अधिकारियों में 22 इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं। डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के बीच नशे का बढ़ता चलन और साइबर अपराध बड़ी चुनौतियां हैं। पुलिस ने नशे से दूरी है जरूरी और सेफ क्लिक जैसे अभियान शुरू किए हैं। उन्होंने नए अधिकारियों से विभाग की ओर से जारी एसओपी का पालन करने और ड्यूटी के साथ अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखने को कहा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed