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Bhopal News: गणपति बैनर पर विवाद, 'ईदगाह का राजा' लिखने पर विरोध के बाद हटाना पड़ा पोस्टर
Fri, 29 Aug 2025 08:10 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 29 Aug 2025 08:10 PM IST
सार
भोपाल के ईदगाह हिल्स इलाके में गणेश उत्सव के दौरान लगाए गए एक बैनर ने विवाद खड़ा कर दिया। बैनर में गणपति प्रतिमा को "ईदगाह का राजा" लिखा गया था, जिस पर मुस्लिम समुदाय ने आपत्ति जताई और बाद में आयोजकों ने बैनर हटा दिया।
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भोपाल में लगा पोस्टर, विवाद के बाद हटाया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी में गणेश उत्सव के दौरान एक बैनर ने धार्मिक विवाद खड़ा कर दिया। ईदगाह हिल्स इलाके में लगाए गए एक बैनर में गणपति प्रतिमा को 'ईदगाह का राजा' बताया गया था। इस पर मुस्लिम समुदाय ने ऐतराज जताया और प्रशासन से शिकायत की। विरोध बढ़ने पर आयोजकों ने विवादित बैनर को हटवा दिया। जानकारी के अनुसार गणेश उत्सव के दौरान हर साल शहर में बड़े स्तर पर पंडाल लगते हैं और शोभायात्राएं निकाली जाती हैं। इस बार ईदगाह हिल्स क्षेत्र में गणेश प्रतिमा की स्थापना के दौरान लगाए गए एक पोस्टर में 'ईदगाह का राजा' लिखा गया। जैसे ही यह पोस्टर चर्चा में आया, आसपास के मुस्लिम नागरिकों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया और विरोध शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने से पहले ही प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई। अधिकारियों ने आयोजकों से बातचीत की और मामले को शांत कराने के लिए बैनर हटाने के निर्देश दिए। आयोजकों ने भी किसी तरह का विरोध करने के बजाए तुरंत बैनर हटा दिया।
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दरअसल स्थानीय मुस्लिम संगठनों ने कहा कि धार्मिक आस्था का सम्मान होना चाहिए और किसी भी त्योहार में ऐसे शब्दों या प्रतीकों का प्रयोग नहीं होना चाहिए, जो दूसरे समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाएं। एक स्थानीय निवासी अनवर पठान ने लिखा कि इदगाह हिल्स का राजा तो हो सकता है, लेकिन इदगाह का तो कोई राजा नहीं है। वहीं, इस मामले में वहीं आयोजकों ने सफाई दी कि उनका मकसद किसी को आहत करना नहीं था।
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ईदगाह पर किसी एक समुदाय का एकाधिकार नहीं
संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर पोस्टर लगाया गया, वह मूल रूप से राजा भोज द्वारा बसाए गए भोपाल का हिस्सा है। नवाबी काल में ईदगाह क्षेत्र को मुस्लिम समाज को नमाज अदा करने के लिए उपलब्ध कराया गया था, लेकिन इस पर किसी एक समुदाय का एकाधिकार नहीं माना जा सकता। तिवारी ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज को इस स्थान को लेकर साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को विवादित करने का प्रयास गलत है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करे और संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करे उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल की धरोहर सभी धर्मों की साझी विरासत है और इसे लेकर किसी भी प्रकार का विवाद पैदा करना उचित नहीं है।
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दरअसल स्थानीय मुस्लिम संगठनों ने कहा कि धार्मिक आस्था का सम्मान होना चाहिए और किसी भी त्योहार में ऐसे शब्दों या प्रतीकों का प्रयोग नहीं होना चाहिए, जो दूसरे समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाएं। एक स्थानीय निवासी अनवर पठान ने लिखा कि इदगाह हिल्स का राजा तो हो सकता है, लेकिन इदगाह का तो कोई राजा नहीं है। वहीं, इस मामले में वहीं आयोजकों ने सफाई दी कि उनका मकसद किसी को आहत करना नहीं था।
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ईदगाह पर किसी एक समुदाय का एकाधिकार नहीं
संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर पोस्टर लगाया गया, वह मूल रूप से राजा भोज द्वारा बसाए गए भोपाल का हिस्सा है। नवाबी काल में ईदगाह क्षेत्र को मुस्लिम समाज को नमाज अदा करने के लिए उपलब्ध कराया गया था, लेकिन इस पर किसी एक समुदाय का एकाधिकार नहीं माना जा सकता। तिवारी ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज को इस स्थान को लेकर साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को विवादित करने का प्रयास गलत है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करे और संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करे उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल की धरोहर सभी धर्मों की साझी विरासत है और इसे लेकर किसी भी प्रकार का विवाद पैदा करना उचित नहीं है।
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