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MP News: IAS अफसरों को देना होगा ऑनलाइन प्रॉपर्टी विवरण, नहीं दी जानकारी तो अटक जाएगा प्रमोशन
Fri, 29 Aug 2025 05:55 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 29 Aug 2025 05:55 PM IST
सार
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और अन्य अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को अब अपनी संपत्ति का विवरण समय पर देना अनिवार्य कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जो अधिकारी 31 जनवरी तक ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिटर्न (IPR) दाखिल नहीं करेंगे, उन्हें पदोन्नति से वंचित कर दिया जाएगा।
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वल्लभ भवन, भोपाल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) सहित ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारियों को अब अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा समय पर देना अनिवार्य कर दिया गया है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जो अधिकारी ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिटर्न (IPR) दाखिल नहीं करेंगे, उनके प्रमोशन पर रोक लगा दी जाएगी। केंद्र के आदेश पर मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने निर्देश जारी कर दिए है। जिसके तहत अब अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम 1968 के नियम-16(2) के तहत हर अधिकारी को अपनी संपत्ति का वार्षिक ब्यौरा देना अनिवार्य है। इसके लिए अधिकारियों को हर साल 31 जनवरी तक ऑनलाइन विवरण अपलोड करना होता है।
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राज्य में वर्तमान में 459 IAS अधिकारी पदस्थ हैं। जानकारी के अनुसार प्रदेश में अधिकतर अधिकारी समय पर विवरण उपलब्ध नहीं कराते और कुछ अधिकारी जानकारी नहीं देते हैं। केंद्र की तरफ से जारी आदेश में यह उल्लेख है कि यदि कोई अधिकारी तय समयसीमा में अपनी संपत्ति का विवरण नहीं देता, तो उसे पदोन्नति संबंधी विचार से बाहर कर दिया जाएगा। इस संबंध में राज्य सरकार ने सभी विभागों को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि समयसीमा का सख्ती से पालन कराया जाए। जानकारी के अनुसार बीते वर्षों में भी कई अधिकारियों को प्रमोशन से वंचित रहना पड़ा था क्योंकि उन्होंने ऑनलाइन प्रॉपर्टी विवरण समय पर अपलोड नहीं किया था। इस बार भी सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
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राज्य में वर्तमान में 459 IAS अधिकारी पदस्थ हैं। जानकारी के अनुसार प्रदेश में अधिकतर अधिकारी समय पर विवरण उपलब्ध नहीं कराते और कुछ अधिकारी जानकारी नहीं देते हैं। केंद्र की तरफ से जारी आदेश में यह उल्लेख है कि यदि कोई अधिकारी तय समयसीमा में अपनी संपत्ति का विवरण नहीं देता, तो उसे पदोन्नति संबंधी विचार से बाहर कर दिया जाएगा। इस संबंध में राज्य सरकार ने सभी विभागों को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि समयसीमा का सख्ती से पालन कराया जाए। जानकारी के अनुसार बीते वर्षों में भी कई अधिकारियों को प्रमोशन से वंचित रहना पड़ा था क्योंकि उन्होंने ऑनलाइन प्रॉपर्टी विवरण समय पर अपलोड नहीं किया था। इस बार भी सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
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