फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal: Bhopal's air became poisonous after Diwali, AQI crossed 300, Gwalior had the highest AQI at 400

Bhopal: दिवाली के बाद भोपाल की जहरीली हुई हवा, 300 पार पहुंचा AQI, ग्वालियर में सबसे ज्यादा 400 पर रहा AQI

Fri, 01 Nov 2024 06:58 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Fri, 01 Nov 2024 06:58 PM IST
सार

दिवाली बाद राजधानी भोपल समेत कई शहरों की हवा जहरीली हो गई है। ग्वालियर के डीडीनगर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 408 दर्ज किया गया। भोपाल 314 जबलपुर 315 रतलाम 370 उज्जैन 322 और देवास में 316 AQI दर्ज किया गया है, जाे खतरे के निशान से ऊपर ही है। 

विज्ञापन
Bhopal: Bhopal's air became poisonous after Diwali, AQI crossed 300, Gwalior had the highest AQI at 400
भोपाल का मौसम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दीपावली में जम के हुई पटाखे बाजी के बाद प्रदेश शहरों की आबो हवा खराब हो गई है। कई बड़े शहरों में प्रदूषण का स्तर करीब तीन गुना तक बढ़ गया है। ग्वालियर के डीडीनगर में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 408 दर्ज किया गया। भोपाल 314 जबलपुर 315 रतलाम 370 उज्जैन 322 और देवास में 316 AQI दर्ज किया गया है, जाे खतरे के निशान से ऊपर ही है। जबकि इंदौर के ग्वाल टोली में यह 399 रहा एमपीपीसीबी के अनुसार,भोपाल में पर्टिकुलेट मैटर 2.5 यानी धूल के बारीक कण से सबसे अधिक प्रदूषण हो रहा है। भोपाल शहर के AQI की बात करें तो पर्यावरण परिसर में मौजूद लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम पर गुरुवार को 284 AQI था। सुबह टीटी नगर का AQI 238 दर्ज किया गया। देर रात तक यह 314 पर पहुंच गया। हालांकि, कई शहरों में एयर फ्लो की वजह से आतिशबाजी के बावजूद AQI कम हुआ है। एयर फ्लो से मतलब यह है कि तेज हवा चलने या हवा का दबाव ज्यादा होने के चलते प्रदूषण कम हो जाता है।
विज्ञापन


कुल मौतों में 18 प्रतिशत केवल वायु प्रदूषण कारण
मध्यप्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (एमपीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार, शहरभर में पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 यानी धूल के बारीक कण से सबसे अधिक प्रदूषण हो रहा है। सभी जगहों पर जो AQI बढ़ रहा है, इसका मुख्य मुख्य कारण पीएम 2.5 ही है। हवा में मौजूद हानिकारक तत्व जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और छोटे-छोटे कण (पर्टिकुलेट मैटर) स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। पहली बार एडवाइजरी में विभाग ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की एक रिपोर्ट का जिक्र किया है, जिसमें भारत में होने वाली कुल मौतों का 18 प्रतिशत केवल वायु प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के कारण है।
विज्ञापन



एयर क्वालिटी इंडेक्स इतने से ज्यादा हो तो खराब हो जाती स्थिति 
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 से 500 के बीच खतरनाक होता है। प्रदूषण से आंखों, गले और त्वचा में जलन, सांस लेने में दिक्कत, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, तेज पटाखों की आवाज से कानों में घंटी बजना, सुनने में कठिनाई और नींद में खलल जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



भोपाल-इंदौर में कुल 30 जगह आग लगी
इधर दिवाली की रात भोपाल-इंदौर में कुल 30 से ज्यादा जगहों पर आग लगने की घटना हुई। भोपाल में जहां लालघाटी और रातीबड़ इलाके में दो मकान, 10 नंबर मार्केट और इतवारा में दो दुकानें जल गईं। वहीं इंदौर में होटल, टेंट हाऊस और लकड़ी के पीठे आग की चपेट में आ गए। देर रात राजबाड़ा इलाके में एक कार में आग लग गई। वहीं बजरंग नगर इलाके में अज्ञात लोगों ने नगर निगम की जेसीबी में आग लगा दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed