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UP: "साहब हम जिंदा हैं..." का पोस्टर लेकर अफसरों के सामने पहुंची रामलली, बताई जमीन हड़पने की पूरी कहानी

Mon, 05 Jan 2026 07:29 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अमेठी
अमर उजाला नेटवर्क, अमेठी Published by: ishwar ashish Updated Mon, 05 Jan 2026 07:29 PM IST
सार

अमेठी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान में एक बुजुर्ग महिला जिसे मृत बता दिया गया था न्याय मांगने के लिए पहुंची। मामले में अधिकारियों ने न्याय का भरोसा दिलाया।

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UP: Ramlali approaches officers with a poster reading Sir, I am alive... alleges land grab by showing her dead
पोस्टर लेकर पहुंची बुजुर्ग महिला। - फोटो : amar ujala

विस्तार

अमेठी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सोमवार को गौरीगंज के बरनाटीकर वार्ड निवासी रामलली सिंह हाथ में पोस्टर लेकर अधिकारियों के सामने पहुंचीं। पोस्टर पर लिखा था “साहब हम जिंदा हैं।” रामलली का आरोप है कि न्यायालयी अभिलेखों में उन्हें मृत दर्शाकर उनकी पैतृक भूमि हड़पने की साजिश रची गई है।

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रामलली सिंह ने बताया कि उनका मायका अमेठी तहसील के घोरहा गांव में है। घोरहा स्थित बाग की भूमि में उनका वैधानिक हिस्सा है। उसी भूमि में गांव के एक अन्य व्यक्ति का भी हिस्सा बताया गया है। आरोप है कि उस हिस्सेदार ने एसडीएम न्यायिक न्यायालय में बंटवारे का वाद दाखिल किया जिसमें रामलली को मृत दर्शा दिया गया, जबकि वह जीवित हैं।
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पीड़िता का कहना है कि उनके पुत्र अरविंद सिंह और धर्मेंद्र सिंह के नाम जानबूझकर अभिलेखों से हटा दिए गए। इसके स्थान पर एक व्यक्ति को फर्जी तरीके से वारिस दिखाते हुए शपथपत्र प्रस्तुत किया गया। आरोप यह भी है कि उनकी मृत बहन पार्वती, जिनकी कोई संतान नहीं थी, उनके भी काल्पनिक वारिस दर्शा दिए गए।

रामलली सिंह ने आरोप लगाया कि तीन लोगों ने आपसी मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उनके हिस्से की भूमि पर कब्जे का प्रयास किया। तहसील परिसर में पोस्टर लेकर खड़ी रामलली बार-बार कहती रहीं कि वह जिंदा हैं, फिर भी कागजों में उन्हें मृत दिखाया गया। मामले में एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। अभिलेखों की जांच कराई जा रही है। तथ्य गलत पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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