{"_id":"680f9412e85cd2b2720d1c41","slug":"up-investigation-committee-formed-to-investigate-the-fire-in-prayagraj-education-directorate-talk-of-burning-2025-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: प्रयागराज शिक्षा निदेशालय में लगी आग की जांच के लिए बनी जांच कमेटी, तबादले की फाइलों के जलने की बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: प्रयागराज शिक्षा निदेशालय में लगी आग की जांच के लिए बनी जांच कमेटी, तबादले की फाइलों के जलने की बात
Mon, 28 Apr 2025 08:15 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 28 Apr 2025 08:15 PM IST
सार
Fire in Prayagraj: प्रयागराज शिक्षा निदेशालय में लगी आग को शासन ने गंभीरता से लिया है। इस अग्निकांड की जांच के लिए पांच सदस्यी कमेटी का गठन कर दिया गया है।
विज्ञापन
शिक्षा निदेशालय में लगी थी आग।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
प्रयागराज स्थित शिक्षा निदेशालय में आग लगने की घटना का शासन ने संज्ञान लिया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इसे 15 दिन में अपनी जांच आख्या देने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी इस आग लगने की घटना की जांच करेगी। इसमें माध्यमिक शिक्षा निदेशक, अपर जिलाधिकारी प्रयागराज, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रयागराज व उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से नामित वरिष्ठ अधिकारी इस कमेटी में शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा है कि जांच समिति 15 दिन में अपनी जांच आख्या व संस्तुति उनके सामने प्रस्तुत करेगी।
विज्ञापन
वहीं विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के अनुसार शिक्षा निदेशालय में पिछले दिनों ही काफी बजट खर्चकर बिल्डिंग का रिनोवेशन कराया गया था। ऐसे में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात पर सवाल उठ रहे हैं। दूसरी तरफ माध्यमिक शिक्षक संगठनों ने यह आशंका जताई है कि पिछले साल अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में काफी संख्या में तबादले हुए थे।
विज्ञापन
इस अग्निकांड में इससे जुड़ी फाइलें जली हैं। इतना ही नहीं तदर्थ शिक्षकों के भुगतान आदि से जुड़ी फाइलें भी जलने की आशंका जताई जा रही है। वहीं विभाग ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि किस तरह की फाइलें जली हैं या सभी फाइलें सुरक्षित हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने कहा कि किसी भी तरह के रिकॉर्ड अब डीआईसीआई, सहायक निदेशक, अपर निदेशक व निदेशालय में रहते हैं। ऐसे में कोई भी रिकॉर्ड पूरी तरह से खत्म होने की बात निराधार है।