UP Budget : संस्कृत पाठशालाओं के अनुदान के लिए 324 करोड़ 41 लाख, मिड-डे मिल के लिए 3548.93 लाख रुपये की व्यवस्था
बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से 42 हजार 565 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए बजट में 650 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गई है।
विस्तार
समग्र शिक्षा अभियान के लिए सरकार ने बजट में भारी भरकम राशि की व्यवस्था करते हुए 18,670 करोड़ 72 लाख और मध्याह्न भोजन (मिड-डे मिल) के लिए 3,548.93 करोड़ तथा फल वितरण मद में 166.71 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। साथ ही कक्षा एक से आठ तक में अध्ययनरत विद्यार्थियों के निशुल्क यूनिफॉर्म, स्वेटर, बैग आदि मद में 370 करोड़ की व्यवस्था की गई है। सरकार ने सैनिक स्कूलों के संचालन के लिए बजट में 98 करोड़ 38 लाख रुपये की व्यवस्था की है। संस्कृत पाठशालाओं को अनुदान के लिए 836 करोड़ 80 लाख रूपये की व्यवस्था की गई है।
परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प में जुटी योगी सरकार ने अपने पहले बजट समग्र शिक्षा अभियान को और मजबूत करते हुए 18,670 करोड़ 72 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है। वहीं आगे भी कक्षा एक से आठ तक में पढ़ने वाले छात्र/छात्राओं को निशुल्क ड्रेस, स्वेटर, स्कूल, बैग एवं जूता-मोजा की धनराशि उनके माता पिता के खाते में डीबीटी के जरिये हस्तांतरित की जाएगी। इस मद में बजट में 370 करोड़ की व्यवस्था की गई है। सरकार ने सत्र 2022-23 में परिषदीय विद्यालयों में स्कूल चलो अभियान के तहत छात्र नामांकन का लक्ष्य दो करोड़ रखा गया है। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को मिड-डे मिल के लिए 3548.93 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है ।
संस्कृत पाठशालाओं का होगा कायाकल्प
योगी सरकार ने संस्कृत की शिक्षा को बढ़ावा देने के की बड़ी पहल की है। संस्कृत में आधुनिक विषयों का समावेश करते हुए एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया गया है। संस्कृत पाठशालाओं को अनुदान के लिए बजट में 324 करोड़ 41 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
1.16 करोड़ से स्थापित होगा संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र
संस्कृत को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी में निशुल्क आनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया है। इस केन्द्र के जरिये संस्कृत में रोजगार पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इस प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए सरकार ने बजट में 1 करोड़ 16 लाख रुपये की व्यवस्था की है।
चार राजकीय आईटीआई माडल के रूप में विकसित होंगे
बजट में प्रदेश सरकार ने चार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को मॉडल आईटीआई के रूप में विकसित करने का निर्णय (प्रस्तावित) किया है। सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्थापित नवीन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में से 31 को पीपीपी माडल पर संचालित करने का लक्ष्य तय किया है। वहीं उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगभग दो लाख युवाओं को पंजीकृत करते हुए प्रशिक्षण देने का लक्ष्य हासिल किया है।
चार नए पाठ्यक्रमों से तैयार होंगे ट्रेंड मैन पावर
योगी सरकार ने एक ट्रिलियन डालर इकोनॉमी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सत्र 2022-23 में न्यूज़ एज ट्रेडस के तहत चार नए पाठ्यक्रम- डाटा साइंस एवं मशीन लर्निंग इंटरनेट आफ थिग्स साइबर सेक्यूरिटी एवं ड्रोन टेक्नोलॉजी में शिक्षण और प्रशिक्षण कराने का निर्णय लिया है। इन पाठ्यक्रमों के जरिये विद्यार्थियों को रोजगार तथा इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए मैनपावर तैयार किए जाएंगे।
निर्माणाधीन राजकीय महाविद्यालयों के लिए 200 करोड़
योगी सरकार ने बजट में राजकीय महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज की स्थापना के लिए 10 करोड़ और राजकीय महाविद्यालय के निर्माणाधीन भवनों को पूरा कराने के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। बताते चलें कि प्रदेश में 75 नये राजकीय डिग्री कालेजों का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
बीज, खाद, पानी के साथ किसानों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा पर भी फोकस
बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से 42 हजार 565 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए बजट में 650 करोड़ रूपये की धनराशि प्रस्तावित की गई है।
सिंचन क्षमता में विस्तार के लिए मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के 1000 करोड़ रुपये की धनराशि बजट में प्रस्तावित है। इसी मकसद से प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना के अन्तर्गत वर्ष 2022-2023 में 15,000 सोलर पम्पों की स्थापना कराई जायेगी।
वर्ष 2022-2023 में 60.20 लाख कुन्टल बीज और 119.30 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। मालूम हो कि प्रदेश में 34,307 राजकीय नलकूपों तथा 252 लघु डाल नहरों के माध्यम से कृषकों को मुफ्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध है।
उल्लेखनीय है कि 16 मई, 2022 तक गन्ना किसानों 1 लाख 72 हजार 745 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान कर चुकी है। यह पूर्व के 5 वर्षों के सम्मिलित गन्ना मूल्य भुगतान 95,215 करोड़ रूपये से 77,530 करोड़ रूपये अधिक है।