UP Budget: 30 हजार करोड़ के निवेश से बनेंगे 8 डाटा सेंटर, स्वास्थ्य क्षेत्र में 37,956 करोड़ रुपये प्रस्तावित
UP Budget 2026-27: यूपी सरकार के बजट में एआई और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष फोकस किया गया है। युवाओं के साथ कानून व्यवस्था को भी ध्यान में रखने की कोशि की गई है। बजट भाषण में इन क्षेत्रों में खास जोर दिखा।
विस्तार
प्रदेश सरकार ने आईटी, एआई और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े निवेश का रोडमैप पेश किया है। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स योजनाओं के लिए 2,059 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 76 प्रतिशत अधिक है। यूपी एआई मिशन के लिए 225 करोड़ रुपये और साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र हेतु 95 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
30 हजार करोड़ के निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने का लक्ष्य है। वहीं, स्वास्थ्य क्षेत्र में 37,956 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। आयुष्मान योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, पल्स पोलियो अभियान और जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम को मजबूती देने पर जोर दिया गया है।
आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के आवंटन में 76 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर बड़ा भरोसा जताया है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने इस क्षेत्र के लिए 2059 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है, जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 76 प्रतिशत की भारी भरकम वृद्धि की गई है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि उत्तर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था और उन्नत तकनीक का अग्रणी केंद्र बनाया जाएगा।
बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में उत्तर प्रदेश एआई मिशन की शुरुआत की जा रही है, जिसके लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही इंडिया एआई मिशन के तहत प्रदेश की 49 आईटीआई में एआई लैब स्थापित की जाएंगी। प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडिया एआई डाटा लैब्स की स्थापना के लिए 32 करोड़ 82 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
साइबर सुरक्षा को भी बजट में अहम स्थान मिला है। साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना के लिए 95 करोड़ 16 लाख रुपये की नई योजना प्रस्तावित की गई है। डिजिटल विस्तार के साथ बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए इसे रणनीतिक कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एआई प्रज्ञा कार्यक्रम पहले ही शुरू किया जा चुका है।
वैश्विक कंपनियां प्रदेश सरकार के साथ मिलकर एआई प्रशिक्षण दे रही
इस पहल में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम और वन एम वन बी जैसी वैश्विक कंपनियां
प्रदेश सरकार के साथ मिलकर एआई प्रशिक्षण दे रही हैं। किसानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों तथा राजकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को इस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य एआई तकनीक को जमीनी स्तर तक उतरना है।
डाटा सेंटर के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में 30,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने और 900 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 6 डाटा सेंटर पार्क और 2 डाटा सेंटर इकाइयां शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 21,342 करोड़ रुपये का निवेश और 644 मेगावाट क्षमता अर्जित की जा चुकी है।
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भी प्रदेश की स्थिति मजबूत बनी हुई है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है। भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स इकाइयां भी उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
उद्योग और तकनीक में बढ़ते निवेश तथा नवाचार को प्रोत्साहन देने की नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर का दर्जा प्राप्त हुआ है। बजट में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र पर 76 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी को प्रदेश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश उत्तर प्रदेश को तकनीक आधारित विकास मॉडल की ओर तेजी से अग्रसर करेगा।
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए ये रहा खास
- चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो 2025-2026 की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।
- जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम प्रदेश के समस्त जनपदों में लागू है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रसव हेतु आने वाली गर्भवती महिलाओं को गारन्टीड कैशलेस डिलीवरी सेवा प्रदान करना है।
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रत्येक ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें तैनात की गई जो आंगनबाडी केन्द्रों तथा स्कूलों में जा कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं।
- प्रदेश के समस्त जनपदों में दिनांक 8 दिसम्बर, 2024 से संचालित पल्स पोलियो अभियान के अन्तर्गत 3 करोड़ 28 लाख 44 हजार 929 बच्चों को पोलियो ड्राप पिलायी गयी।
- जपानी इन्सेफिलाईटिस से बचाव हेतु प्रदेश के संवेदनशील 42 जनपदों में टीकाकरण कार्यक्रम निर्बाध रूप से संचालित है।
- आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत लाभार्थी परिवारों की संख्या 49.22 लाख है। योजना हेतु 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- उत्तर प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित है।
- एकीकृत डिजीज सर्विलांस पोर्टल पर जनपद स्तर से सरकारी क्षेत्र के साथ निजी क्षेत्र की चिकित्सा इकाइयों द्वारा नियमित रूप से 16 संक्रामक रोगों, 6 वैक्सीन प्रिवेंटेबल डीजिजेज एवं कोविड-19 की रिपोर्टिंग की जा रही है।
- राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन हेतु लगभग 8,641 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन हेतु 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।