महंगाई का तड़का: टमाटर-मिर्च ने बढ़ाया रसोई का बजट, कोहरे व बिगड़ते मौसम से सब्जियों के ट्रांसपोर्ट में दिक्कत
खराब मौसम से महंगाई का तड़का लग रहा है। टमाटर-मिर्च ने रसोई का बजट बढ़ा दिया है। कोहरे व बिगड़ते मौसम से सब्जियों के ट्रांसपोर्ट में दिक्कत आ रही है। आगे पढ़ें पूरा अपडेट...
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कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और बिगड़ते मौसम का सीधा असर आमजन की रसोई पर पड़ रहा है। दिसंबर की विदाई और जनवरी की दस्तक के साथ ही राजधानी लखनऊ में टमाटर, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, अदरक जैसी कई सब्जियों के दामों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। वहीं कुछ सब्जियों के दामों में मामूली गिरावट भी देखने को मिली है, जिससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है।
सब्जी मंडियों में टमाटर, आलू, लौकी, शिमला मिर्च और अदरक के भाव दो से 20 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। दुबग्गा सब्जी मंडी के विक्रेता राहुल बताते हैं कि प्रदेश में इन सब्जियों का उत्पादन सीमित है। मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से बड़ी मात्रा में सब्जियां मंगाई जाती हैं।
आपूर्ति नहीं होने से दाम बढ़ गए
दिसंबर-जनवरी में मौसम की गिरावट और घने कोहरे के कारण ट्रांसपोर्ट प्रभावित हो रहा है, जिससे मंडियों में समय पर आपूर्ति नहीं हो पा रही और दाम चढ़ गए हैं। नरही के सब्जी विक्रेता महेश के अनुसार, एक सप्ताह पहले तक टमाटर 40–45 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, जो अब 50–55 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। हरी मिर्च भी 40 रुपये प्रति किलो के पार निकल गई है।
हालांकि सभी सब्जियों के दाम बढ़े हों, ऐसा नहीं है। कुछ सब्जियों के भाव जनवरी में घटे भी हैं। व्यापारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होते ही और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था सुधरने पर सब्जियों के दामों में स्थिरता आने की उम्मीद है।
मंडी में सब्जियों के भाव (रुपये प्रति किलो)
| सब्जी | दिसंबर | जनवरी |
| टमाटर | 35 रुपये | 45 रुपये |
| आलू | 7 रुपये | 9 रुपये |
| लौकी | 12 रुपये | 15 रुपये |
| शिमला मिर्च | 40 रुपये | 60 रुपये |
| अदरक | 50 रुपये | 60 रुपये |
| हरी मिर्च | 25 रुपये | 40 रुपये |
मंडी में इन सब्जियों के घटे दाम (रुपये प्रति किलो)
| सब्जी | दिसंबर | जनवरी |
| मटर | 25 रुपये | 23 रुपये |
| गोभी | 10 रुपये | 8 रुपये |
| पत्ता गोभी | 7 रुपये | 5 रुपये |