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नाक से लगातार खून या पानी निकले तो न करें नजरअंदाज, हो सकता है खतरनाक

Sat, 09 Nov 2019 04:48 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 09 Nov 2019 04:48 PM IST
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three days UPAOICON-2019 in SGPGI in ucknow
प्रतीकात्मक तस्वीर

नाक से लगातार खून या साफ पानी निकले तो उसकी अनदेखी न करें। यह बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। इसमें सर्जरी की जरूरत पड़ती है। जल्दी इलाज शुरू हो जाने से बीमारी नियंत्रित हो जाती है। यह कहना एसजीपीजीआई के डॉ. अमित केसरी का। उन्होंने बताया कि एसजीपीजीआई में आयोजित तीन दिवसीय यूपीएओआईकॉन-2019 के पहले दिन पांच मरीजों की सर्जरी की गई। दो मरीजों की नाक के ट्यूमर की सर्जरी का लाइव प्रदर्शन किया गया।


 

three days UPAOICON-2019 in SGPGI in ucknow
प्रतीकात्मक तस्वीर

करीब 50 साल के मरीज की नाक पूरी तरह से जाम हो गई थी। वह नाक से सांस नहीं ले पा रहा था। जांच के दौरान पता चला कि नालिका में ट्यूमर है, जो बढ़कर आंख की नस को दबा रहा है। इसकी वजह से मरीज की आंख की रोशनी भी प्रभावित होने लगी थी। सर्जरी करके उसके ट्यूमर को निकाला गया। इसी तरह एक मरीज के ब्रेन से रिसाव होने की सर्जरी की गई। दो मरीजों की कान की सर्जरी कर कॉक्लीयर इंप्लांट लगाया गया।

three days UPAOICON-2019 in SGPGI in ucknow
प्रतीकात्मक तस्वीर
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. एससी श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को प्रो. आरएन मिश्रा, डॉ. राजेश विश्वकर्मा, प्रो. एसआर सिंह, डॉ. संपथ चंद्र प्रसाद राव, प्रो. वाईसी यादव, डॉ. ईशा त्यागी का व्याख्यान होगा। उन्होंने बताया कि कान से कम सुनाई पड़े या कान से लगातार तरल पदार्थ निकलता रहे तो भी चिकित्सक को दिखाना चाहिए। इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए। कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों के करीब दो सौ से अधिक चिकित्सकों ने हिस्सा लिया।
 
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three days UPAOICON-2019 in SGPGI in ucknow
प्रतीकात्मक तस्वीर
केस 1-
10 से 18 साल के बीच नाक से खून निकले तो जांच कराएं
पटना निवासी 15 साल के राकेश (परिवर्तित नाम) की नाक से काफी समय से खून निकलता था। इलाज के बावजूद समस्या बढ़ती गई। दो माह पहले राकेश को लेकर परिवारीजन एसजीपीजीआई आए। यहां जांच में पता पता चला कि नाक में ट्यूमर है। शुक्रवार को सर्जरी करके ट्यूमर को निकाला गया।

क्या थी बीमारी- डॉ. अमित केसरी ने बताया कि राकेश को इंडियोफाइब्रोमा हो गया था। यह मर्ज 10 से 18 साल के बीच होता है। यह लड़कियों में नहीं होता है। इसकी मूल वजन हार्मोनल बदलाव होता है। सप्ताह में दो बार नाक से खून निकले तो तो चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
केस 2-
रायबरेली निवासी संजय के नाक से पानी निकलता था। परिवार वाले जुखाम समझ कर टाल दिए। इस बीच उसे तेज सिर दर्द, बुखार रहने लगा। जांच कराई गई तो पता चला कि उसके ब्रेन में संक्रमण है। दवा देने पर भी यह ठीक नहीं हो रहा था। शुक्रवार को संजय की सर्जरी की गई।

क्या थी बीमारी-  मस्तिष्क के स्पाइनल कॉर्ड तथा मस्तिष्क की झिल्लियों में संक्रमण होने से लीकेज हो गया था। इससे मस्तिष्क का फ्लूड नाक के रास्ते बाहर निकल रहा था। पैर व नाक के अंदर की चमड़ी लेकर सर्जरी के जरिये लीकेज को बंद कर दिया गया।
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