बकरीद के पहले थी लखनऊ को दहलाने की साजिश : ई-रिक्शा के जरिए तीन स्थानों पर करना था धमाका, चार संदिग्ध और निशाने पर
इसके लिए पिछले जनवरी से भीड़-भाड़ वाले इलाकों की रेकी कराई गई थी। इस योजना को अमली जामा पहनाने केलिए कश्मीर से दो कमांडर तौहीद व मूसा आने वाले थे। जो शुक्रवार को होने वाले धमाके की तारीख व समय तय करते।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दो दिन पहले एटीएस द्वारा दबोचे गये दोनों आतंकियों के जरिए अलकायदा ने लखनऊ को बकरीद के पहले दहलाने की योजना बना लिया था। इसके लिए पिछले जनवरी से भीड़-भाड़ वाले इलाकों की रेकी कराई गई थी। इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए कश्मीर से दो कमांडर तौहीद व मूसा आने वाले थे। जो शुक्रवार को होने वाले धमाके की तारीख व समय तय करते। जिसके बाद राजधानी में तबाही का मंजर खड़ा किया जाता। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई थी।
एटीएस के अधिकारी के मुताबिक मिनहाज और मुशीर दोनों काफी शातिर हैं। अलकायदा संगठन के जम्मू-कश्मीर में रहने वाले दो कमांड तौहीद व मूसा के सीधे संपर्क में थे। दोनों को यूपी में दहशत फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसकी शुरूआत बकरीद के पहले राजधानी लखनऊ से की जानी थी। योजना भी ऐसी खतरनाक थी कि एक धमाके से सैकड़ों लोगों की जान चली जाती। धमाके के लिए राजधानी के दो प्रमुख मंदिर और एक भीड़भाड़ वाला बाजार भी तय कर लिया गया था।
बुधवार तक पहुंचने वाले थे कश्मीर के दोनों कमांडर
एटीएस के मुताबिक राजधानी को दहलाने की तैयारी का जायजा लेने और उसे अमली जामा पहनाने के लिए अलकायदा के दो प्रमुख कमांडर तौहीद व मूसा कश्मीर से लखनऊ आने वाले थे। अब तक की पड़ताल में सामने आया कि यह दोनों बुधवार तक लखनऊ पहुंचते। इसके बाद सीधे मिनहाज के घर जाते। जहां पर राजधानी के प्रमुख स्थानों को दहलाने के लिए गोपनीय बैठक करते। उनकी तैयारियों का जायजा लेते। इसके बाद मिनहाज और मुशीर को काम को अंजाम देने के लिए मोटी रकम उपलब्ध कराते। उनके साथ चिह्नित किये गये स्थानों पर जाकर भीड़भाड़ का अनुमान लगाते। फिर धमाके की तारीख व समय नियत कर वापस चले जाते। इसके बाद दोनों से सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए संपर्क में रहते।
ई-रिक्शा में कुकर बम लगाकर धमाके की थी योजना
एटीएस के अधिकारी के मुताबिक दोनाें ने अपने कमांडरों के हुक्म पर बड़े धमाके की तैयारी कर रखी थी। पड़ताल में अबतक सामने आया कि राजधानी में धमाके के लिए कुकर बम तैयार कर लिया था। आसानी से आतंकी वारदात केा अंजाम देने के लिए ई-रिक्शा का प्रयोग किया जाना था। इसके लिए मिनहाज ने मुशीर को जिम्मेदारी सौंपी थी। कुकर बम को ई-रिक्शा में सेट करना था। उसका कनेक्शन ई-रिक्शा केबैटरी से जोड़कर चिह्नित स्थानों के पार्किंग एरिया में धमाका करने की तैयारी थी। ताकि अधिक से अधिक लोगों की मौत और नुकसान पहुंचाया जा सके। एटीएस के अधिकारी के मुताबिक मिनहाज ने अपने घर में बम भी बना रखा था। उसका कनेक्शन सिर्फ बैटरी से करना था। साथ उसमें टाइमर लगाना था।
धमाके से 50 मीटर का इलाका दहलता
मिनहाज व मुशीर ने राजधानी को दहलाने के लिए जो तैयारी की थी। उससे उनके मंसूबों के बारे में अंदाजा लगाया जा सकता था। एटीएस एक्सपर्ट के मुताबिक जो विस्फोटक उनकेपास से बरामद हुआ है। वह काफी खतरनाक है। उसका एक धमाका 50 मीटर के घेरे को नुकसान पहुंचाती। इतने दायरे में आने वाले सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हो सकते थे। वहीं जो इस धमाके के 20 फीट के दायरे में आता उसकी मौत हो सकती थी। एटीएस के मुताबिक दो प्रमुख धार्मिक स्थल और बाजार को मिनहाज और मुशीर ने चिह्नित कर रखा था।
बुलेट से दोनों करते थे रेकी
एटीएस के मुताबिक मिनहाज और मुशीर ने कश्मीरी कमांडरों के निर्देश पर पूरे लखनऊ की रेकी कर रखी थी। उनके निशाने पर भीड़भाड़ वाला इलाका था। एटीएस की पड़ताल में यह बात सामने आई की यह धमाका मंगलवार को कराने की तैयारी थी। ताकि इस दिन देर शाम को मंदिर में अधिक संख्या में लोग जुटते हैं। आतंकियों के निशाने पर दो प्रमुख मंदिर और सबसे अधिक भीड़भाड़ वाला बाजार था। इन दोनों ने ई-रिक्शा में विस्फोटक लगाकर पार्किंग में खड़ी करने की योजना बनाई थी। इसके पीछे सोच यह थी कि पार्किंग व मंदिर के बीच कम दूरी होती है। वहां धमाके से अधिक लोगों को नुकसान पहुंच सकता है। इन स्थानों को चिह्नित करने के लिए मिनहाज व मुशीर बुलेट से निकलते थे। घंटो घूमकर रेकी करने के बाद वापस हो जाते।
चार संदिग्ध और निशाने पर
एटीएस ने दो दिन पहले रविवार को दुबग्गा के बेगरिया से मिनहाज और मुहिबुल्लापुर नौबस्ता से मसीरुद्दीन उर्फ मुशीर को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के दौरान लखनऊ और कानपुर के चार अन्य लोगों के नाम सामने आये है। जिनसे मिनहाज व मुशीर विस्फोटक व असलहा लेते थे। इसमें दो लखनऊ और दो कानपुर के संदिग्ध है। जिनकी कुंडली एटीएस खंगाल रही है। जल्द ही इन चारों की गिरफ्तारी भी हो जाएगी।