अनुपूरक बजट-2025-26: ओबीसी छात्रों के लिए और दिए 362 करोड़, दिव्यांजनों का रखा खास ख्याल, जानें डिटेल...
यूपी में 320 निजी आरटीओ कर्मियों को पहले भ्रष्ट और दलाल बताकर हटा दिया गया, फिर पॉजिटिव रिपोर्ट देकर पुनः तैनात किया गया। आरोप है कि कर्मचारियों से 3.50 करोड़ रुपये वसूले गए। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा, अधिकारियों की साजिश और कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश सरकार ने समाज कल्याण विभाग के लिए अनुपूरक बजट में विशेष प्रावधान किया है। राजकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों की दशमोत्तर कक्षाओं में अध्ययनरत ओबीसी विद्यार्थियों के लिए वर्ष 2024–25 के अवशेष भुगतान और वर्ष 2025–26 के पात्र छात्रों के लिए करीब 362 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।
अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अनुपूरक बजट में व्यवस्था की गई है। अनुसूचित जाति के लिए विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में मानक मदों के लिए 15.46 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं में अनुसूचित जाति के लिए सबसे बड़ा प्रावधान करते हुए 1223.55 करोड़ का अनुपूरक अनुदान दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा सके।
सीएम सामूहिक विवाह के लिए 200 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था
अन्य पिछड़े वर्ग के निर्धन कर्मियों की पुत्रियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता के लिए 32 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही ओबीसी वर्ग के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक संस्थानों में छात्रावास निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 11.40 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत वृद्धजनों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से 5.59 करोड़ की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 200 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।
दिव्यांजनों का खास ख्याल
दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग के अधीनस्थ कार्यालयों में ई-ऑफिस संचालन के लिए हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और कनेक्टिविटी की व्यवस्था के लिए 1 करोड़ की अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया है। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय को विभिन्न मदों में सहायता अनुदान के रूप में 5.43 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। सरकारी और जनोपयोगी भवनों में दिव्यांगजन के लिए बाधारहित और सुगम वातावरण विकसित करने के लिए 6 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।