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Lucknow News: केजीएमयू-पीजीआई में रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त

Fri, 18 Oct 2024 04:34 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Oct 2024 04:34 AM IST
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Strike of resident doctors in KGMU-PGI ends

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लखनऊ। कोलकाता कांड के विरोध में बृहस्पतिवार को भी केजीएमयू रेजिडेंट डॉक्टरों ने सांकेतिक हड़ताल जारी रखी। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ा। वहीं, वरिष्ठ डॉक्टरों ने ओपीडी में बैठकर मरीजों को सेवाएं दी। अफसरों के आश्वासन बाद रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ले ली।



केजीएमयू रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. दिव्यांश सिंह ने कहा, कोलकाता कांड के दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। सरकार ने मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन होगा। केजीएमयू कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद व शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. केके सिंह के आश्वासन पर हड़ताल स्थगित की गई है। रेजिडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने का आश्वासन मिला है। वहीं, ड्यूटी से मिलने के बाद रेजिडेंट डॉक्टर बारी-बारी से छत्रपति शाहूजी महाराज की प्रतिमा के निकट धरने पर बैठे रहे।
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आजमगढ़ की रहने वाली रीना पेट रोग से ग्रस्त हैं। बुधवार रात करीब 12 बजे वह कतार में लगी थी। सुबह ओपीडी में पंजीकरण भी कराया। बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे तक उन्हें इलाज नहीं मिला। पेट दर्द से कराह रही महिला ने बताया 12 घंटे के इंतजार बाद भी ओपीडी में नंबर नहीं आया था। इसी तरह सीतापुर से आए मरीज रमेश ने बताया वह सुबह चार बजे से लाइन में लगा था मगर दोपहर बाद भी ओपीडी में इलाज नहीं मिल पाया।
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पीजीआई रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ले ली है। इससे मरीजों को राहत मिली है। संस्थान में नए मरीजों का पंजीकरण भी शुरू कर दिया गया। बृहस्पतिवार को ओपीडी में अधिक भीड़ नहीं रही। पीजीआई रेजिडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अंशुमान व महासचिव डॉ. संजय की अगुवाई में मंगलवार और बुधवार को दो दिन तक रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल रही। दो दिन तक नए मरीजों का पंजीकरण तक नहीं किया। मरीजों को आगे की डेट दी गई। दो दिन में पीजीआई में 1300 से अधिक मरीजों को इलाज नहीं मिला था। करीब चार से पांच सौ मरीजों की जांचें नहीं हुईं। 18 से अधिक ऑपरेशन टल गए थे।
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