{"_id":"6a370b2d88e8a4cb890f4da3","slug":"ram-mandir-evidence-of-theft-of-offerings-found-roles-of-gopal-rao-and-anil-under-suspicion-2026-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ram Mandir: चढ़ावे में चोरी के मिले साक्ष्य, गोपाल राव-अनिल की भूमिका संदिग्ध; SIT कल सौंपेगी CM को रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ram Mandir: चढ़ावे में चोरी के मिले साक्ष्य, गोपाल राव-अनिल की भूमिका संदिग्ध; SIT कल सौंपेगी CM को रिपोर्ट
Sun, 21 Jun 2026 03:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सूरज शुक्ला, अमर उजाला ब्यूूरो, लखनऊ
सूरज शुक्ला, अमर उजाला ब्यूूरो, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 21 Jun 2026 03:20 AM IST
सार
विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच में ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा के अलावा निर्माण सहायक गोपाल राव की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। दोनों के खिलाफ कई गवाह सामने आए हैं और ठोस साक्ष्य भी मिले हैं।
विज्ञापन
आस्था पर चोट...
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में गबन के सबूत मिले हैं। इसमें गणना और बैंक कर्मियों के साथ टिन्नू यादव की भूमिका सामने आई है। इन पर जल्द एफआईआर दर्ज हो सकती है। विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच में ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा के अलावा निर्माण सहायक गोपाल राव की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। दोनों के खिलाफ कई गवाह सामने आए हैं और ठोस साक्ष्य भी मिले हैं।
विज्ञापन
एसआईटी की जांच में कुछ ऐसे तथ्य भी सामने आए हैं, जिनमें मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी सवालों के घेरे में हैं। अयोध्या से शनिवार को लखनऊ लौटी एसआईटी सोमवार को मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंप सकती है। उसके बाद दोषियों और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकती है। 13 जून को गठित एसआईटी जांच के लिए 15 जून को अयोध्या पहुंची थी।
विज्ञापन
इसमें शामिल लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ रेंज आईजी किरन एस व विशेष सचिव वित्त नील रतन ने छह दिन में ट्रस्ट के पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों, गणना कर्मियों व पकड़े गए संदिग्धों से लंबी पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावे की राशि में चोरी की पुष्टि हुई है। इसे संदिग्धों ने स्वीकारा भी है।
विज्ञापन
टिन्नू और अन्य गवाहों ने खोली पोल
एसआईटी ने तमाम लोगों के बयान दर्ज किए। टिन्नू से तीन दिन लगातार पूछताछ की गई। टिन्नू ने दान राशि की गणना से लेकर उसे जमा कराने की व्यवस्था में अनिल मिश्रा व गोपाल राव की भूमिका बताई। अन्य गवाहों ने भी इन दोनों के नाम प्रमुखता से लिए।
एसआईटी ने छह दिन तक की तफ्तीश
एसआईटी ने करीब 150 लोगों से पूछताछ की। करीब 30 लोगों की भूमिका गबन में संदिग्ध मिली। इसमें ट्रस्ट के 3-4 पदाधिकारियों समेत प्रबंधन के 20-25 लोगों की लापरवाही सामने आई।
अनुभवी हाथों में देना होगा राम मंदिर का प्रबंधन : नृपेंद्र
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक इंटरव्यू में फिर राम मंदिर के प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में करीब 1500 लोग अनौपचारिक तरीके से काम कर रहे हैं। यह एक मिनी सिटी की तरह है।
उन्होंने कहा कि उनका निश्चित मत है कि पूरा प्रबंधन अनुभवी लोगों के हाथ में सौंप दिया जाना चाहिए। प्रबंधन के अंदर कोई स्ट्रक्चर नहीं है। काम का कोई बंटवारा नहीं है। प्रबंधन को अनुभवी हाथों में देना होगा। जिम्मेदारी स्पष्ट करनी होगी। नियम बने, वेतन हो, ऐसा सुझाव है।