भाजपा कार्यकर्ता को थर्ड डिग्री देने पर दरोगा समेत पांच पुलिस कर्मियों को किया गया निलंबित
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युवक से मोबाइल छीन रहे उचक्कों को पकड़ रहे भाजपा नेता के भाई को पुलिस ने पीट दिया। यहीं नहीं रात भर उसे हवालात में बंद कर पट्टे से पीटा। सूचना के बाद भाजपा नेता अपने भाई को छुड़ाने पहुंचे तो पुलिस कर्मियों ने उनकी भी पिटाई कर दी।
मंगलवार सुबह भाजपा पदाधिकारी की पिटाई के मामले ने तूल पकड़ लिया। भाजपा विधायक के प्रतिनिधि ने समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंचकर घेराव शुरू कर दिया। मामला गंभीर होने पर एसपी ने तत्काल एक एसआई समेत पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित करते हुए पूरे मामले की जांच एएसपी को सौंप दी तब जाकर मामला शांत हुआ।
अमेठी कोतवाली क्षेत्र के डिग्री कॉलेज के पास राहुल शुक्ल निवासी बेनी दास शुक्ल का पुरवा जिला सुल्तानपुर किराए पर कमरा लेकर रहता हैं। सोमवार की रात करीब आठ बजे घर के पास ही राहुल से दो युवक मोबाइल छीन रहे थे तभी केशव नगर गांव निवासी भाजपा नेता रवि प्रताप सिंह के भाई मानवेंद्र सिंह बाइक से वहां पहुंच गए। मानवेंद्र सिंह बाइक खड़ी कर राहुल से मोबाइल छीनने की कोशिश कर रहे दोनों युवकों से भिड़ गए। इस बीच मौके का फायदा उठाकर दोनों उचक्के फरार हो गए। राहुल और मानवेंद्र ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना पर पहुंचे चीता मोबाइल पर तैनात पुलिसकर्मी राहुल और मानवेंद्र सिंह को ही पकड़कर थाने ले गए। अमेठी कोतवाली में मौजूद एसआई व अन्य पुलिसकर्मी मानवेंद्र सिंह और राहुल के साथ गाली-गलौज करने लगे। मानवेंद्र ने जब बताया कि वे भाजपा नेता के भाई हैं तो एसआई और अन्य सिपाहियों ने मानवेंद्र को पट्टे से पीटना शुरू कर दिया।
छोड़ने की बात की तो दोनों भाइयों को पीटा
भाई के हवालात में होने की जानकारी मिलते ही भाजपा नेता रवि प्रताप सिंह व शैलेंद्र सिंह अपनी मां के साथ कोतवाली पहुंचे। रवि और शैलेंद्र ने मानवेंद्र को छोड़ने की बात एसआई से की तो पुलिसकर्मियों ने मानवेंद्र के साथ शैलेंद्र को भी जमकर पीटा।
मंगलवार की सुबह भाजपा विधायक गरिमा सिंह के बेटे व प्रतिनिधि अनंत विक्रम सिंह, भाजपा क्षेत्रीय महामंत्री काशी प्रांत काशी तिवारी ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंचकर घेराव शुरू कर दिया। विधायक प्रतिनिधि दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने तथा केस दर्ज कर पीड़ितों का चिकित्सीय परीक्षण कराए जाने की मांग पर अड़ गए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने तत्काल एसआई विजय सिंह, आरक्षी सुनील यादव, चंद्रभान, दीपक यादव, सत्यबिंद यादव को निलंबित करते हुए पूरे मामले की जांच एएसपी दयाराम को सौंप दी है।