{"_id":"60ef4ce68ebc3ebf1f1f3009","slug":"people-wandering-about-vaccination-in-the-capital-lucknow-news-lko5869631150","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजधानी में टीकाकरण को लेकर भटक रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजधानी में टीकाकरण को लेकर भटक रहे लोग
विज्ञापन
राजधानी में गहराए वैक्सीन के संकट के बीच लोगों को दूसरी डोज लगवाने का स्लॉट नहीं मिल रहा है। इससे 18 से 44 वर्ष वालों की टीका लगाने की तय तिथि छूट रही है।
45 पार वाले भी केंद्रों से निराश लौट रहे हैं। नई खेप न मिलने से समस्या बढ़ी है। हालांकि, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी का कहना है टीके का दो दिन का बैकअप है।
जिले में टीके का संकट होने के साथ स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीनेशन सेंटर कम कर दिए हैं। शुरुआत में इनकी संख्या 175 थी, जो पिछले सप्ताह 80-90 तक हो गई।
अब आंकड़ा सिमटकर 19 रह गया है। वहीं, बलरामपुर, सिविल, रानीलक्ष्मीबाई समेत अन्य अस्पतालों में 18 से 44 वर्ष वाले 30-40 लोग रोजाना दूसरी डोज लगवाने पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
हालांकि, इनका आरोप है कि स्लॉट न मिलने से दूसरी डोज की डेट छूट गई। 45 पार वालों को भी दूसरी डोज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। उधर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमके सिंह ने बताया नई खेप आने के बाद पूरी क्षमता के साथ टीका लगाया जाएगा।
45 हजार डोज होने का दावा
टीके के संकट के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अफसर इसकी कमी न होने की बात दोहरा रहे हैं। उनका कहना है कि करीब 38 हजार कोविशील्ड व सात हजार कोवॉक्सीन की डोज बची है। हालांकि, इसके बाद भी सीएचसी-पीएचसी पर टीकाकरण बंद कर दिया गया है। नए केंद्र नहीं बढ़ाए जा रहे और हर केंद्र पर सीमित डोज ही भेजी जा रही है।
वैक्सीन की डोज के लिए भटक रहे लोग
अलीगंज के नेहरू बाल वाटिका स्थित पीएचसी में दो दिनों से वैक्सीनेशन बंद मिला। वहां एक बोर्ड पर लिखा था कि आज यहां वैक्सीन नहीं लगेगी। वहीं, महानगर स्थित बीआरडी हॉस्पिटल में बुधवार को 439 लोगों के वैक्सीन लगी। हालांकि, रियल्टी चेक के दौरान वैक्सीन लगवाने आए बुजुर्गों ने कहा कि इस नियम की वजह से काफी देर इंतजार करना पड़ता है।
14777 लोगों ने टीका लगवाया
राजधानी में बुधवार को 14777 लोगों ने टीका लगवाया जबकि रोजाना लक्ष्य 23 हजार से अधिक है। 18-44 आयु वाले केवल 6157 लोगों को ही वैक्सीन मिली और पहली खुराक लगवा पाए। स्लॉट बुकिंग की कड़ी मशक्कत के बाद 1008 लोगों को दूसरी डोज लगी। 52 हेल्थ वर्कर ने भी पहली डोज लगवाई। इसके अलावा बुजुर्गों में 922 को पहली खुराक जबकि 1082 को दूसरी खुराक मिली।
ग्रामीण इलाकों में दूसरे दिन भी टीकाकरण बंद, कई जगह नोकझोंक
ग्रामीण इलाकोें में सीएचसी-पीएचसी पर दूसरे दिन भी टीकाकरण बंद रहा। इसे लेकर कई केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों व लोगों के बीच नोकझोंक भी हुई। नगराम सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि वैक्सीन न मिलने से टीकाकरण बंद रहा। माल सीएचसी पर भी किसी को टीका नहीं लगा। अधीक्षक डॉ. विवेक वर्मा ने बताया कि हमें स्लॉट नहीं मिला और वैक्सीन की भी कमी है। सीएचसी सरोजनीनगर में वैक्सीनेशन ठप रहा। मलिहाबाद सीएचसी पर करीब 40 लोग टीका लगवाने पहुंचे, लेकिन यहां ताला मिला। उधर, कसमंडी कला पीएचसी पर 16वें दिन भी टीकाकरण बंद रहा। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि वैक्सीन न मिलने से उच्चाधिकारियों के आदेश पर दूसरे दिन भी टीका नहीं लगा। मोहनलालगंज में सीएचसी, पीएचसी व कलस्टर सेंटर पर टीका लगवाने आए लोगों को निराश लौटना पड़ा। मेगा कैंप में 136 को ही टीका लगा। सीएचसी अधीक्षक ज्योति कांबले ने बताया कि वैक्सीन न होने से स्लॉट नहीं खुले। उधर, काकोरी की सीएचसी-पीएचसी पर भी वैक्सीनेशन बंद रहा।
दो दिन के लिए खुला स्लॉट चंद मिनटों में फुल
ग्रामीण और शहरी सीएचसी-पीएचसी समेत राजधानी के 42 केंद्रों पर टीका लगवाने के लिए बुधवार देर शाम दो दिन के लिए स्लॉट खुला। हालांकि, यह चंद मिनटों में ही फुल हो गया। इससे निराश युवाओं का कहना स्लॉट बुकिंग न होने से पहली ही डोज नहीं लग पा रही है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमके सिंह ने बताया कि अभी दो दिन के लिए स्लॉट खुला है। रोजाना 19,650 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। शुक्रवार शाम को फिर से स्लॉट खोला जाएगा।
अब केजीएमयू में रोजाना जांचें जाएंगे 15 हजार नमूने
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में अब कोरोना के रोजाना 15 हजार सैंपल जांचे जा सकेंगे। अभी तक छह से आठ हजार नमूनों की जांच रोजाना हो रही है। जांच क्षमता दोगुनी करने के लिए संस्थान में बुधवार को हाईथ्रूपुट टेस्ंिटग लैब का उद्घाटन किया गया। चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार के साथ ही कुलपति ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने शुभारंभ किया। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के अनुसार, आरटीपीसीआर जांच मशीन की संख्या चार से बढ़ाकर सात कर दी गई है। इसी तरह आरएनए एक्सट्रैक्शन मशीन की संख्या एक से बढ़ाकर चार कर दी गई है। अब यहां रोज 15 हजार नमूने जांच जा सकेंगे। केजीएमयू में प्रदेशभर से कोरोना जांच के लिए नमूने आ रहे हैं। जांच की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है। ट्रॉमा सेंटर में भर्ती होने वाले मरीजों की रिपोर्ट पांच से छह घंटे में मुहैया कराई जा रही है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष प्रो. अमिता जैन के अनुसार कोरोना की तीसरी लहर की आशंका में जांच की संख्या बढ़ाने का फैसला किया गया है। लैब में अब तक 22 लाख नमूनों की जांच हो चुकी है। कोरोना की जीनोम सिक्वेंसिंग भी की जा रही है।
विज्ञापन
45 पार वाले भी केंद्रों से निराश लौट रहे हैं। नई खेप न मिलने से समस्या बढ़ी है। हालांकि, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी का कहना है टीके का दो दिन का बैकअप है।
विज्ञापन
जिले में टीके का संकट होने के साथ स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीनेशन सेंटर कम कर दिए हैं। शुरुआत में इनकी संख्या 175 थी, जो पिछले सप्ताह 80-90 तक हो गई।
अब आंकड़ा सिमटकर 19 रह गया है। वहीं, बलरामपुर, सिविल, रानीलक्ष्मीबाई समेत अन्य अस्पतालों में 18 से 44 वर्ष वाले 30-40 लोग रोजाना दूसरी डोज लगवाने पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
हालांकि, इनका आरोप है कि स्लॉट न मिलने से दूसरी डोज की डेट छूट गई। 45 पार वालों को भी दूसरी डोज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। उधर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमके सिंह ने बताया नई खेप आने के बाद पूरी क्षमता के साथ टीका लगाया जाएगा।
45 हजार डोज होने का दावा
टीके के संकट के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अफसर इसकी कमी न होने की बात दोहरा रहे हैं। उनका कहना है कि करीब 38 हजार कोविशील्ड व सात हजार कोवॉक्सीन की डोज बची है। हालांकि, इसके बाद भी सीएचसी-पीएचसी पर टीकाकरण बंद कर दिया गया है। नए केंद्र नहीं बढ़ाए जा रहे और हर केंद्र पर सीमित डोज ही भेजी जा रही है।
वैक्सीन की डोज के लिए भटक रहे लोग
अलीगंज के नेहरू बाल वाटिका स्थित पीएचसी में दो दिनों से वैक्सीनेशन बंद मिला। वहां एक बोर्ड पर लिखा था कि आज यहां वैक्सीन नहीं लगेगी। वहीं, महानगर स्थित बीआरडी हॉस्पिटल में बुधवार को 439 लोगों के वैक्सीन लगी। हालांकि, रियल्टी चेक के दौरान वैक्सीन लगवाने आए बुजुर्गों ने कहा कि इस नियम की वजह से काफी देर इंतजार करना पड़ता है।
14777 लोगों ने टीका लगवाया
राजधानी में बुधवार को 14777 लोगों ने टीका लगवाया जबकि रोजाना लक्ष्य 23 हजार से अधिक है। 18-44 आयु वाले केवल 6157 लोगों को ही वैक्सीन मिली और पहली खुराक लगवा पाए। स्लॉट बुकिंग की कड़ी मशक्कत के बाद 1008 लोगों को दूसरी डोज लगी। 52 हेल्थ वर्कर ने भी पहली डोज लगवाई। इसके अलावा बुजुर्गों में 922 को पहली खुराक जबकि 1082 को दूसरी खुराक मिली।
ग्रामीण इलाकों में दूसरे दिन भी टीकाकरण बंद, कई जगह नोकझोंक
ग्रामीण इलाकोें में सीएचसी-पीएचसी पर दूसरे दिन भी टीकाकरण बंद रहा। इसे लेकर कई केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों व लोगों के बीच नोकझोंक भी हुई। नगराम सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि वैक्सीन न मिलने से टीकाकरण बंद रहा। माल सीएचसी पर भी किसी को टीका नहीं लगा। अधीक्षक डॉ. विवेक वर्मा ने बताया कि हमें स्लॉट नहीं मिला और वैक्सीन की भी कमी है। सीएचसी सरोजनीनगर में वैक्सीनेशन ठप रहा। मलिहाबाद सीएचसी पर करीब 40 लोग टीका लगवाने पहुंचे, लेकिन यहां ताला मिला। उधर, कसमंडी कला पीएचसी पर 16वें दिन भी टीकाकरण बंद रहा। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि वैक्सीन न मिलने से उच्चाधिकारियों के आदेश पर दूसरे दिन भी टीका नहीं लगा। मोहनलालगंज में सीएचसी, पीएचसी व कलस्टर सेंटर पर टीका लगवाने आए लोगों को निराश लौटना पड़ा। मेगा कैंप में 136 को ही टीका लगा। सीएचसी अधीक्षक ज्योति कांबले ने बताया कि वैक्सीन न होने से स्लॉट नहीं खुले। उधर, काकोरी की सीएचसी-पीएचसी पर भी वैक्सीनेशन बंद रहा।
दो दिन के लिए खुला स्लॉट चंद मिनटों में फुल
ग्रामीण और शहरी सीएचसी-पीएचसी समेत राजधानी के 42 केंद्रों पर टीका लगवाने के लिए बुधवार देर शाम दो दिन के लिए स्लॉट खुला। हालांकि, यह चंद मिनटों में ही फुल हो गया। इससे निराश युवाओं का कहना स्लॉट बुकिंग न होने से पहली ही डोज नहीं लग पा रही है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमके सिंह ने बताया कि अभी दो दिन के लिए स्लॉट खुला है। रोजाना 19,650 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। शुक्रवार शाम को फिर से स्लॉट खोला जाएगा।
अब केजीएमयू में रोजाना जांचें जाएंगे 15 हजार नमूने
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में अब कोरोना के रोजाना 15 हजार सैंपल जांचे जा सकेंगे। अभी तक छह से आठ हजार नमूनों की जांच रोजाना हो रही है। जांच क्षमता दोगुनी करने के लिए संस्थान में बुधवार को हाईथ्रूपुट टेस्ंिटग लैब का उद्घाटन किया गया। चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार के साथ ही कुलपति ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने शुभारंभ किया। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के अनुसार, आरटीपीसीआर जांच मशीन की संख्या चार से बढ़ाकर सात कर दी गई है। इसी तरह आरएनए एक्सट्रैक्शन मशीन की संख्या एक से बढ़ाकर चार कर दी गई है। अब यहां रोज 15 हजार नमूने जांच जा सकेंगे। केजीएमयू में प्रदेशभर से कोरोना जांच के लिए नमूने आ रहे हैं। जांच की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है। ट्रॉमा सेंटर में भर्ती होने वाले मरीजों की रिपोर्ट पांच से छह घंटे में मुहैया कराई जा रही है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष प्रो. अमिता जैन के अनुसार कोरोना की तीसरी लहर की आशंका में जांच की संख्या बढ़ाने का फैसला किया गया है। लैब में अब तक 22 लाख नमूनों की जांच हो चुकी है। कोरोना की जीनोम सिक्वेंसिंग भी की जा रही है।