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Lucknow News: जानकीपुर ट्रॉमा सेंटर में ऑपरेशन थिएटर शुरू
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लखनऊ। जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर में अब ऑपरेशन शुरू हो गए हैं। इससे मरीजों को राहत मिली है। ओटी शुरू न होने से अब तक मरीजों को दूसरे अस्पताल रेफर किया जाता था।
पहले चरण में आर्थोपैडिक व जनरल सर्जरी विभाग में ओटी शुरू की गई है। इनमें तीन-तीन मरीजों की सर्जरी भी हो चुकी है। अफसरों का कहना है कि कुछ दिनों में नए विभागों की ओटी शुरू होगी।
जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर में सितंबर 2024 से ओपीडी शुरू हुई थी। यहां 20 बेडों पर मरीजों की भर्ती होती है। इमरजेंसी मेडिकल अफसर समेत सात एमबीबीएस डॉक्टर हैं। यहां मरीजों को ओपीडी और डे केयर की सुविधा मिल रही थी। फिर रात के वक्त मरीज भर्ती करना भी शुरू किया गया।
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अब ऑपरेशन की सुविधा भी चालू की गई है। आर्थोपैडिक व जनरल सर्जरी विभाग में तीन-तीन मरीजों के ऑपरेशन किए गए हैं। ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि इन विभागों के मरीजों को ऑपरेशन के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। ईएनटी समेत अन्य विशेषज्ञों की मांग की गई है, ताकि मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिल सकें।
अल्ट्रासाउंड मशीन न मिलने से लौट रहे मरीज
जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर की ओपीडी में रोजाना 200 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें से कई को डॉक्टर अल्ट्रासाउंड जांच लिखते हैं, लेकिन मशीन न होने से मरीज भटक रहे हैं। इन्हें जांच के लिए दूसरे अस्पताल या निजी केंद्र जाना पड़ रहा है। ट्रॉमा प्रभारी का कहना है कि दो माह में मशीन व रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती हो जाएगी।
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पहले चरण में आर्थोपैडिक व जनरल सर्जरी विभाग में ओटी शुरू की गई है। इनमें तीन-तीन मरीजों की सर्जरी भी हो चुकी है। अफसरों का कहना है कि कुछ दिनों में नए विभागों की ओटी शुरू होगी।
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जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर में सितंबर 2024 से ओपीडी शुरू हुई थी। यहां 20 बेडों पर मरीजों की भर्ती होती है। इमरजेंसी मेडिकल अफसर समेत सात एमबीबीएस डॉक्टर हैं। यहां मरीजों को ओपीडी और डे केयर की सुविधा मिल रही थी। फिर रात के वक्त मरीज भर्ती करना भी शुरू किया गया।
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अब ऑपरेशन की सुविधा भी चालू की गई है। आर्थोपैडिक व जनरल सर्जरी विभाग में तीन-तीन मरीजों के ऑपरेशन किए गए हैं। ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि इन विभागों के मरीजों को ऑपरेशन के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। ईएनटी समेत अन्य विशेषज्ञों की मांग की गई है, ताकि मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिल सकें।
अल्ट्रासाउंड मशीन न मिलने से लौट रहे मरीज
जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर की ओपीडी में रोजाना 200 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें से कई को डॉक्टर अल्ट्रासाउंड जांच लिखते हैं, लेकिन मशीन न होने से मरीज भटक रहे हैं। इन्हें जांच के लिए दूसरे अस्पताल या निजी केंद्र जाना पड़ रहा है। ट्रॉमा प्रभारी का कहना है कि दो माह में मशीन व रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती हो जाएगी।