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उमा के सामने अफसरों ने कबूला 'मौत का राज'

Mon, 15 Dec 2014 01:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Mon, 15 Dec 2014 01:19 AM IST
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Officers reveal secret of death of fishes.

संगम क्षेत्र में मरी मछलियों का मुद्दा उछलने पर स्थानीय अफसरों ने आमजन से सच्चाई छिपाने की कोशिश की है। रविवार को कैबिनेट मंत्री उमा भारती इलाहाबाद पहुंचीं और इसे लेकर पूछताछ की तो अफसरों की बोलती बंद हो गई।

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अफसरों ने स्वीकार किया कि रामगंगा नदी के पानी के साथ शुगर फैक्ट्रियों का केमिकल यहां पहुंचा। उसके असर से मछलियां और कछुए मरे। हालांकि, कैबिनेट मंत्री को यह बात हजम नहीं हुई। उन्होंने मामले की जांच को कहा है।
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आश्वस्त किया कि पूरे मामले की तहकीकात कर समस्या का समाधान किया जाएगा। साथ ही अफसरों के सामने सवाल उठाया कि रामगंगा के पानी से संगम में मछलियां मरीं तो रास्ते में यह घटना कहीं और क्यों नहीं हुई?
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प्रदूषित पानी पीछे से आया तो अन्य जगहों पर भी ऐसी घटना होनी चाहिए थी। मंत्री ने बताया कि इलाहाबाद के समाचार पत्रों में मछलियों के मरने की खबरें प्रकाशित होने पर न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय ने इसकी जानकारी दी थी।

इसके बाद सीडब्ल्यूसी के अफसरों को मौके पर भेजा था। घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।

उमा को देख अफसरों के हाथ-पांव फूले

Officers reveal secret of death of fishes.

कैबिनेट मंत्री रविवार की सुबह प्रयागराज एक्सप्रेस से इलाहाबाद पहुंचीं तो किसी को रत्तीभर एहसास नहीं हुआ कि वह हाथ-मुंह धोकर निरीक्षण करने निकल पड़ेंगी। सुबह की चाय पीकर वह सीधे नैनी एसटीपी पहुंच गईं। परिसर में उन्हें देख अफसरों और कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए।

अफसरों ने एसटीपी के संचालन, शोधित होकर निकलने वाले पानी के इस्तेमाल की जानकारी दी। इसके बाद वह पुराने यमुना पुल से रिसने वाली सीवर लाइन के बारे में पूछताछ की।

फिर, छोटी नदी सरीखे बहने वाला चाचर नाला देखने पहुंचीं तो स्थानीय लोगों ने घेर लिया। शिकायत की कि प्रदूषित पानी के कारण स्थानीय लोगों और जानवरों में तरह-तरह की बीमारियां फैल रही हैं। ककरहा घाट को देखकर वह दारागंज स्थित मोरी गेट नाला देखने पहुंचीं।

स्थानीय लोगों ने उमा भारती से शिकायत की कि उनके पहुंचने के थोड़ा पहले ही पंपिंग स्टेशन को चालू किया गया है। यह आए दिन बंद रहता है। उन्होंने राजापुर एसटीपी भी देखा।

अफसरों ने बताया कि यह किसी न किसी कारण आए दिन बंद रहता है। देर शाम उन्होंने सरकिट हाउस में अफसरों के साथ बैठक भी की।

उमा के सामने आई एक और मुसीबत

Officers reveal secret of death of fishes.

संगम पर प्रस्तावित पुल के विरोध में शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती खड़े हो गए हैं। रविवार को अलोपीबाग स्थित आश्रम पहुंचीं कैबिनेट मंत्री से उन्होंने पुल का निर्माण रुकवाने की मांग की।

कहा, पुल बनना है तो नैनी और छतनाग के बीच बने। उन्होंने टेनरियों का पानी रोकने और गंगा में पर्याप्त जल की मांग उठाई। उमा भारती ने उन्हें गंगा मिशन की जानकारी दी।

इस दौरान हरिचैतन्य ब्रह्मचारी, सच्चा बाबा आश्रम के संत गोपालजी, लक्ष्मी नारायण मंदिर के स्वामी घनश्यामाचार्य, चंद्रभूषणाचार्य, गंगा सेना के अध्यक्ष आनंद गिरि, न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय आदि मौजूद रहे।

दोपहर में उमा भारती न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय के आवास गईं और शाम को संगम आरती में भी शामिल हुईं।

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