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एलडीए में अब नए फॉर्मूले पर होगी संपत्तियों की रजिस्ट्री
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एलडीए में अब नए फॉर्मूले पर होगी संपत्तियों की रजिस्ट्री
एलडीए में संपत्तियों की रजिस्ट्री फिर से शुरू हो गई है। अबकी बार लेकिन नियम बदले हुए होंगे। 2014 या इससे पहले हुए आवंटन वाली संपत्तियों पर यह नया फॉर्मूला लागू होगा।
वहीं, 2015 या इसके बाद आवंटित संपत्तियों पर मौजूदा सर्किल रेट का ही 12 प्रतिशत फ्रीहोल्ड शुल्क लिया जाएगा।
एलडीए के अधिकारियों के मुताबिक, फ्रीहोल्ड शुल्क की दरों में अंतर की वजह से 2014 से पहले आवंटित संपत्तियों की रजिस्ट्री रोकी गई थी।
अब यह तय किया गया है कि 12 प्रतिशत शुल्क में से 10 प्रतिशत आवंटन के समय की कीमतों की दरों पर ही लिया जाए। वहीं बाकी दो प्रतिशत मौजूदा सर्किल दर पर लिया जाएगा।
वित्त नियंत्रक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि फ्रीहोल्ड रजिस्ट्री शुरू होने से पहले 10 प्रतिशत लीज रेंट संपत्ति की बिक्री दर पर लिया जाता था।
इसके बाद शासन ने दो प्रतिशत अतिरिक्त लेकर फ्रीहोल्ड रजिस्ट्री करने का आदेश कर दिया। इसे आधार बनाकर फॉर्मूला तय किया गया है। 2014 के बाद सर्किल दरों में वृद्धि नहीं हुई है।
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ऐसे में इससे पहले के आवंटियों पर ही इसका असर पड़ रहा है। नए आवंटियों को अब रजिस्ट्री के समय मौजूदा सर्किल दर पर ही फ्रीहोल्ड शुल्क देना होगा।
एलडीए ने शुरू की रजिस्ट्री
फॉर्मूला तय होने के बाद अब एलडीए सचिव पवन गंगवार ने रुकी हुई रजिस्ट्री शुरू करने का आदेश कर दिया है। वित्त विभाग नए सिरे से फ्रीहोल्ड शुल्क का आकलन कर आवंटियों को नए अंतिम आगणन की जानकारी देगा। ऐसे में बकाया राशि को जमा कर रजिस्ट्री की जा सके।
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एलडीए में संपत्तियों की रजिस्ट्री फिर से शुरू हो गई है। अबकी बार लेकिन नियम बदले हुए होंगे। 2014 या इससे पहले हुए आवंटन वाली संपत्तियों पर यह नया फॉर्मूला लागू होगा।
वहीं, 2015 या इसके बाद आवंटित संपत्तियों पर मौजूदा सर्किल रेट का ही 12 प्रतिशत फ्रीहोल्ड शुल्क लिया जाएगा।
एलडीए के अधिकारियों के मुताबिक, फ्रीहोल्ड शुल्क की दरों में अंतर की वजह से 2014 से पहले आवंटित संपत्तियों की रजिस्ट्री रोकी गई थी।
अब यह तय किया गया है कि 12 प्रतिशत शुल्क में से 10 प्रतिशत आवंटन के समय की कीमतों की दरों पर ही लिया जाए। वहीं बाकी दो प्रतिशत मौजूदा सर्किल दर पर लिया जाएगा।
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वित्त नियंत्रक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि फ्रीहोल्ड रजिस्ट्री शुरू होने से पहले 10 प्रतिशत लीज रेंट संपत्ति की बिक्री दर पर लिया जाता था।
इसके बाद शासन ने दो प्रतिशत अतिरिक्त लेकर फ्रीहोल्ड रजिस्ट्री करने का आदेश कर दिया। इसे आधार बनाकर फॉर्मूला तय किया गया है। 2014 के बाद सर्किल दरों में वृद्धि नहीं हुई है।
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ऐसे में इससे पहले के आवंटियों पर ही इसका असर पड़ रहा है। नए आवंटियों को अब रजिस्ट्री के समय मौजूदा सर्किल दर पर ही फ्रीहोल्ड शुल्क देना होगा।
एलडीए ने शुरू की रजिस्ट्री
फॉर्मूला तय होने के बाद अब एलडीए सचिव पवन गंगवार ने रुकी हुई रजिस्ट्री शुरू करने का आदेश कर दिया है। वित्त विभाग नए सिरे से फ्रीहोल्ड शुल्क का आकलन कर आवंटियों को नए अंतिम आगणन की जानकारी देगा। ऐसे में बकाया राशि को जमा कर रजिस्ट्री की जा सके।