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लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में निर्माण व औद्योगिक इकाइयों को नोटिस, भारी जुर्माने की सिफारिश
Wed, 11 Nov 2020 08:30 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 11 Nov 2020 08:30 PM IST
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हवा की गुणवत्ता खराब होने पर पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में निर्माण और औद्योगिक इकाइयों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। समुचित जवाब न मिलने पर भारी जुर्माना लगाने का जिक्र भी किया गया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मेसर्स रिशिता डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सी-6, सेक्टर-सी, सुशांत गोल्फ सिटी, सुल्तानपुर रोड लखनऊ का निरीक्षण किया। साइट पर पानी का छिड़काव, मिट्टी की खोदाई और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं न होने से अत्यधिक मात्रा में धूल का गुबार मिला। इन्हें 10.78 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसी तरह से मेसर्स शालीमार वन वर्ल्ड, बाघामऊ, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ को भी 10.78 लाख रुपये की पर्यावरण संबंधी नुकसान के लिए नोटिस भेजा गया है।
गाजियाबाद के बीएस रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में वायु प्रदूषण फैलाने पर मेसर्स सुटेक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 50 लाख रुपये का जुर्माना और बंदी की कार्यवाही की सिफारिश भी की गई है। इसके अलावा नोएडा के कई प्लाट स्वामियों पर भी निर्माण कार्यों के दौरान मानकों का पालन न करने पर जुर्माना लगाए जाने की संस्तुति की गई है। नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण की अधिकृत कार्यदायी संस्था के निर्माण कार्य के दौरान प्रदूषण संबंधी मानकों का पालन न करने पर अर्थदंड लगाने की संस्तुति की गई है। यहां बता दें कि एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संस्तुति पर कार्रवाई के बाबत निर्णय जिला प्रशासन लेता है। आगरा विकास प्राधिकरण पर 31.12 लाख रुपये के अर्थदंड का नोटिस दिया गया। आगरा की ही सीएंडडीएस इकाई और आगरा स्मार्ट सिटी लिमिटेड को भी इतनी ही राशि के जुर्माने का नोटिस थमाया गया है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मेसर्स रिशिता डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सी-6, सेक्टर-सी, सुशांत गोल्फ सिटी, सुल्तानपुर रोड लखनऊ का निरीक्षण किया। साइट पर पानी का छिड़काव, मिट्टी की खोदाई और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं न होने से अत्यधिक मात्रा में धूल का गुबार मिला। इन्हें 10.78 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसी तरह से मेसर्स शालीमार वन वर्ल्ड, बाघामऊ, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ को भी 10.78 लाख रुपये की पर्यावरण संबंधी नुकसान के लिए नोटिस भेजा गया है।
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गाजियाबाद के बीएस रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में वायु प्रदूषण फैलाने पर मेसर्स सुटेक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 50 लाख रुपये का जुर्माना और बंदी की कार्यवाही की सिफारिश भी की गई है। इसके अलावा नोएडा के कई प्लाट स्वामियों पर भी निर्माण कार्यों के दौरान मानकों का पालन न करने पर जुर्माना लगाए जाने की संस्तुति की गई है। नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण की अधिकृत कार्यदायी संस्था के निर्माण कार्य के दौरान प्रदूषण संबंधी मानकों का पालन न करने पर अर्थदंड लगाने की संस्तुति की गई है। यहां बता दें कि एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संस्तुति पर कार्रवाई के बाबत निर्णय जिला प्रशासन लेता है। आगरा विकास प्राधिकरण पर 31.12 लाख रुपये के अर्थदंड का नोटिस दिया गया। आगरा की ही सीएंडडीएस इकाई और आगरा स्मार्ट सिटी लिमिटेड को भी इतनी ही राशि के जुर्माने का नोटिस थमाया गया है।
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