प्रदेश में 15 जून और बहराइच-फतेहपुर में 16 जून को आमद दर्ज कराने के बाद मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। लखनऊ के मुहाने पर ठिठका मानसून आगे नहीं बढ़ रहा है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता ने शुक्रवार को बताया कि मध्य प्रदेश और बिहार के आसपास बने चक्रवाती दबाव के चलते मानसून की गतिविधियों को उतनी तेजी नहीं मिल पा रही है, जिससे यह लखनऊ समेत प्रदेश के बाकी हिस्सों को भी कवर कर सके।
मानसूनी गतिविधियों को तेजी देने वाला सिस्टम अगले तीन-चार दिनों में सक्रिय हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि मानसून चार-पांच दिनों में लखनऊ समेत प्रदेश के बाकी हिस्सों में दस्तक दे सकता है।
इस दौरान प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में कुछेक स्थानों में गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पूर्वी हिस्से में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।
राजधानी में बादलों की लुकाछिपी
लखनऊ समेत आसपास के इलाकों में शुक्रवार को धूप संग बादलों की लुकाछिपी जारी रही। इससे उमस बढ़ी। शाम को हवा के झोंको से मामूली राहत मिली।
अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।