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Lucknow University: कुमार विश्वास के गीतों ने जीता युवाओं का दिल, बोले- इस अधूरी जवानी का क्या फायदा, बिन... 

Tue, 24 Nov 2020 02:15 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 24 Nov 2020 02:15 AM IST
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Lucknow University News: Kumar Vishwas Poem: Lucknow University: If songs of Kumar Vishwas show respect for Atalji, then life of Kashmir is also reflected
लखनऊ विश्वविद्यालय: कुमार विश्वास के गीतों पर झूमे युवा - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह की पांचवीं शाम कवि डॉ. कुमार विश्वास के गीतों से जवां हो उठी। लखनऊ को समर्पित गोमती का मचलता ये पानी भी है... गीत से कार्यक्रम की शुरुआत करने वाले कुमार ने दो घंटे तक सभी को गुदगुदाया, युवा मन को टटोला, प्रेम का आभास कराया, टूटे मन को सांत्वना दी तो कुलपति और राजनेताओं की खिंचाई भी की। उनके गीतों में अटलजी को समर्पित इस शाम में पूर्व प्रधानमंत्री के लिए सम्मान दिखा तो कश्मीर के हालातों पर संजीदगी भी झलकी।

 
Lucknow University News: Kumar Vishwas Poem: Lucknow University: If songs of Kumar Vishwas show respect for Atalji, then life of Kashmir is also reflected
- फोटो : अमर उजाला
कोविड-19 की वजह से काफी बंदिशों के साथ विद्यार्थियों को कार्यक्रम में शामिल होने दिया गया था। इसको देखते हुए कुमार विश्वास ने कुलपति से हालत सामान्य होने पर दोबारा बुलाने के लिए न्योता भी मांगा।कुमार विश्वास ने अटलजी की कर्मभूमि लखनऊ को नमन करते हुए अपने गीत ‘गोमती का मचलता ये पानी भी है, हिंद के उस गदर की कहानी भी है।
Lucknow University News: Kumar Vishwas Poem: Lucknow University: If songs of Kumar Vishwas show respect for Atalji, then life of Kashmir is also reflected
- फोटो : अमर उजाला
गंज हजरत चिकन चौक की आबरू, ये शाम-ए-अवध तर्जुमा रूबरू-रूबरू से कार्यक्रम की शुरुआत की तो पूरा कला प्रांगण तालियों से गूंज उठा। इसके बाद उन्होंने जवानी में कई गजलें अधूरी छूट जाती हैं... का भी वाचन किया। अटलजी की मशहूर कविता गीत नहीं गाता हूं, हार नहीं मानूंगा, गीत नया गाता हूं... सुनाया। इसके बाद डॉक्टर विश्वास ने ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता... गीत गाया तो युवाओं ने उनके शब्दों में अपने शब्द शामिल कर दिए।
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Lucknow University News: Kumar Vishwas Poem: Lucknow University: If songs of Kumar Vishwas show respect for Atalji, then life of Kashmir is also reflected
- फोटो : अमर उजाला
पराए आंसुओं से आंखें नम कर रहा हूं मैं, इस अधूरी जवानी का क्या फायदा, बिन कथानक कहानी का क्या फायदा... से युवाओं में प्रणय का भाव भरा तो वक्त के क्रूर कल का भरोसा नहीं, आज जी लो कल का भरोसा नहीं... सुनाकर टूटे दिलों को दिलासा भी दी। ताल को ताल की झंकृति तो मिले, रूप को भाव की आकृति तो मिले, मैं भी सपनों में आने लगूं आपके, पर मुझे आपकी स्वीकृति तो मिले... सुनाई तो प्रांगण तालियाें और सीटियाें से गूंज उठा। इसके बाद कश्मीर के हालात पर ‘ऋषि की कश्यप की तपस्या ने तपाया है तुझे, ऋषि अगस्त ने हम वार बनाया है तुझे, तेरी सरगोशी पर कुर्बान मेरा वतन, मेरे कश्मीर मेरी जान मेरे प्यारे चमन... सुनाकर सभी को देशभक्ति के भाव से भर दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. राकेश चंद्रा ने किया।
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Lucknow University News: Kumar Vishwas Poem: Lucknow University: If songs of Kumar Vishwas show respect for Atalji, then life of Kashmir is also reflected
- फोटो : अमर उजाला
चिकन केवल कपड़े में ही रह गया है
कार्यक्रम के दौरान कुमार विश्वास नेे चुटीले अंदाज तथा कटाक्षों से भी सभी को खूब हंसाया। मांस को लेकर हुई सख्ती पर उन्होंने कहा कि बाबा ने ऐसी व्यवस्था की कि चिकन केवल कपड़े पर ही रह गया। इसी तरह एंटी रोमियो स्क्वॉयड पर उन्होंने कहा कि मोदी कहते हैं कि न खाऊंगा और न खाने दूंगा और यहां यह है कि न करूंगा न करने दूंगा।
 
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