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लविवि में अस्थायी सहयुक्तता की अवधि समाप्त
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एलयू अब कॉलेजों को नहीं देगा अस्थायी सहयुक्तता
लखनऊ विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को सहयुक्तता देने के नियमों में बदलाव कर दिया है। अब निर्धारित समय सीमा या फिर स्थायी सहयुक्तता ही जारी की जाएगी। अभी तक लविवि पहली बार तीन साल के लिए अस्थायी सहयुक्तता देता था। तीन साल बाद उन्हें स्थायी मान्यता दी जाती थी। अब इसमें बदलाव कर दिया गया है। सभी मानक पूरे होने पर महाविद्यालय को स्थायी मान्यता दे दी जाएगी। मान्यता की शर्तों में अब बैंक खाते में वेतन देने तथा सीसीटीवी कैमरे लगाना भी जोड़ा गया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय में सहयुक्तता की नई शतों में साफ किया गया है कि कॉलेज को अपनी वेबसाइट बनाना अनिवार्य होगा। इस वेबसाइट पर प्राचार्य के साथ ही सभी शिक्षकों का ब्योरा तथा उनकी फोटोग्राफ भी अपलोड की जाएगी। शिक्षकों को वेतन बैंक के माध्यम से सीधे उनके खाते में दिया जाएगा। भविष्य निधि की कटौती भी अनिवार्य होगी तथा इसका रिकॉर्ड भी विवि के पास जमा करना होगा। इसके साथ ही अग्निशमन की व्यवस्था भी नई शर्र्तों में की जाएगी। इसकी रिपोर्ट उन्हें विवि के पास हर साल 15 जुलाई तक देनी होगी। नई शर्तों में इस बात का ध्यान रखना होगा कि महाविद्यालय में पढ़ाई का माहौल बने।
ऑडियोयुक्त सीसीटीवी लगाने का निर्देश
मान्यता की नई शर्तों में सीसीटीवी लगाने का निर्देश तो दिया ही गया है। साथ ही हर कक्षा में सीसीटीवी कैमरे लगाने की शर्त भी है। यह सीसीटीवी ऑडियो यानी वॉयस रिकॉर्डर की व्यवस्था वाला होना चाहिए। इसी की निगरानी में परीक्षा का आयोजन कराना है। मान्यता की नई शर्तों में किसी प्रकार की सूचना भी तुरंत देने की बात कही गई है।
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शासनादेशों को सहयुक्तता की शर्तों में जोड़ा
समय-समय पर जो शासनादेश जारी हुए हैं उन्हें सहयुक्तता की शर्तों में जोड़ा गया है। अब अस्थायी सहयुक्तता की व्यवस्था नहीं होगी। विवि या तो निर्धारित अवधि या फिर स्थायी सहयुक्तता ही जारी करेगा।
- शैलेश शुक्ल,
कुलसचिव, लविवि
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लखनऊ विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को सहयुक्तता देने के नियमों में बदलाव कर दिया है। अब निर्धारित समय सीमा या फिर स्थायी सहयुक्तता ही जारी की जाएगी। अभी तक लविवि पहली बार तीन साल के लिए अस्थायी सहयुक्तता देता था। तीन साल बाद उन्हें स्थायी मान्यता दी जाती थी। अब इसमें बदलाव कर दिया गया है। सभी मानक पूरे होने पर महाविद्यालय को स्थायी मान्यता दे दी जाएगी। मान्यता की शर्तों में अब बैंक खाते में वेतन देने तथा सीसीटीवी कैमरे लगाना भी जोड़ा गया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय में सहयुक्तता की नई शतों में साफ किया गया है कि कॉलेज को अपनी वेबसाइट बनाना अनिवार्य होगा। इस वेबसाइट पर प्राचार्य के साथ ही सभी शिक्षकों का ब्योरा तथा उनकी फोटोग्राफ भी अपलोड की जाएगी। शिक्षकों को वेतन बैंक के माध्यम से सीधे उनके खाते में दिया जाएगा। भविष्य निधि की कटौती भी अनिवार्य होगी तथा इसका रिकॉर्ड भी विवि के पास जमा करना होगा। इसके साथ ही अग्निशमन की व्यवस्था भी नई शर्र्तों में की जाएगी। इसकी रिपोर्ट उन्हें विवि के पास हर साल 15 जुलाई तक देनी होगी। नई शर्तों में इस बात का ध्यान रखना होगा कि महाविद्यालय में पढ़ाई का माहौल बने।
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ऑडियोयुक्त सीसीटीवी लगाने का निर्देश
मान्यता की नई शर्तों में सीसीटीवी लगाने का निर्देश तो दिया ही गया है। साथ ही हर कक्षा में सीसीटीवी कैमरे लगाने की शर्त भी है। यह सीसीटीवी ऑडियो यानी वॉयस रिकॉर्डर की व्यवस्था वाला होना चाहिए। इसी की निगरानी में परीक्षा का आयोजन कराना है। मान्यता की नई शर्तों में किसी प्रकार की सूचना भी तुरंत देने की बात कही गई है।
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शासनादेशों को सहयुक्तता की शर्तों में जोड़ा
समय-समय पर जो शासनादेश जारी हुए हैं उन्हें सहयुक्तता की शर्तों में जोड़ा गया है। अब अस्थायी सहयुक्तता की व्यवस्था नहीं होगी। विवि या तो निर्धारित अवधि या फिर स्थायी सहयुक्तता ही जारी करेगा।
- शैलेश शुक्ल,
कुलसचिव, लविवि