मंत्री की फर्जी आईडी बनाकर महिला से की चैटिंग, असली मिनिस्टर से मुलाकात पर खुला मामला
पश्चिमी यूपी के एक मंत्री के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाने की शिकायत साइबर सेल के गले की हड्डी बन गई है। मंत्री के कहने पर साइबर सेल ने जांच करके फर्जी आईडी बनाने वाले को ढूंढ निकाला और मंत्री से एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा, लेकिन वह रुचि नहीं ले रहे। साइबर सेल आरोपी पर कार्रवाई के लिए मंत्री की एफआईआर का इंतजार कर रही है।
साइबर सेल के सूत्रों ने बताया कि करीब छह माह पहले किसी शातिर युवक ने मंत्री के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर एक महिला को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। महिला ने मंत्री का नाम व फोटो देखते ही दोस्ती कुबूल कर ली।
मंत्री बना शातिर महिला से चैटिंग भी करने लगा। उसने महिला को गिफ्ट भी भेजे। इस बीच एक सार्वजनिक समारोह में महिला की मंत्री से मुलाकात हो गई। उसने फेसबुक की दोस्ती का हवाला दिया तो मंत्री हैरान रह गए।
पुलिस को एफआईआर का इंतजार
उन्होंने जानकारी से इन्कार किया तो महिला ने उनकी फर्जी आईडी पर हुई चैटिंग दिखा दी। इस पर मंत्री ने साइबर सेल से जांच के लिए कहा। जांच में पता चला कि मंत्री के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाने वाला कैराना का एक युवक है। आरोपी के बारे में जानकारी जुटाने के बाद साइबर सेल ने मंत्री से एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा।
दरअसल साइबर सेल साइबर एक्ट के उन्हीं मामलों की जांच करती है जो थानों से भेजे जाते हैं या जिसकी जांच के लिए अधिकारी आदेश देते हैं।
सेल में एफआईआर दर्ज करने का या सीधे शिकायती प्रार्थना पत्र लेने का प्रावधान नहीं है। अगर कोई ऐसा मामला आता भी है तो सेल जांच के बाद एफआईआर होने पर ही कार्रवाई करती है। साइबर सेल ने मंत्री को एफआईआर कराने के लिए कहा, लेकिन वह दर्ज नहीं करा रहे।