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Ambedkar Nagar News: केबल दगा तो कही ट्रांसफार्मर फुंका, 150 गांवों की बिजली गुल
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.जिला पंचायत कार्यालय अकबरपुर के पास पेड़ की डाल गिरने से टूटा बिजली तार। संवाद
अंबेडकरनगर। जिले की बिजली व्यवस्था एक बार फिर चरमरा गई। शनिवार रात कहीं केबल ब्लास्ट तो कही ओवरलोडिंग और ट्रांसफार्मर फुंकने से महरुआ, पतौना, मंसापुर और बैरमपुर बैरवा विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े 150 से अधिक गांवों के साथ शहर के कई मोहल्लों में बिजली आपूर्ति ठप रही। पूरी रात बिजली गुल रहने से उमस भरी गर्मी में लोगों का बुरा हाल रहा। वहीं, रविवार को तेज हवा चलने के बाद शहर से गांवों तक कटौती का सिलसिला जारी रहा।
महरुआ विद्युत उपकेंद्र के वेस्ट फीडर की केबल शनिवार रात करीब नौ बजे तेज धमाके के साथ ब्लास्ट हो गई। इससे महरुआ बाजार, रामपुर नोनसिला, सेमरी, मुकुंदपुर, उदयपुर, सिलावट सेहरा, जलालपुर, रामनगर समेत करीब 15 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लोगों को उम्मीद थी कि फॉल्ट जल्द ठीक हो जाएगा, लेकिन पूरी रात आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। रविवार सुबह करीब 10 बजे बिजली आने पर उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली।
इसी दौरान पतौना फीडर पर भी रात 12:30 बजे ओवरलोडिंग के चलते गमनपुर अटियवा समेत कई स्थानों पर बिजली के तार टूट गए। इससे चक्रसेनपुर, हुसैनपुर हीड़ी, सारंगपुर, सरखने, बरामदपुर, आदमपुर तिंदौली, किशुनीपुर, पतौना समेत करीब 20 गांवों की बिजली पूरी रात बाधित रही। रविवार दोपहर मंसापुर विद्युत उपकेंद्र की ट्रॉली खराब होने से यहां से जुड़े 15 से अधिक गांवों की बिजली दोपहर दो बजे बंद हो गई। देर शाम मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही आपूर्ति बहाल हो सकी।
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उधर, बैरमपुर बैरवा विद्युत उपकेंद्र से भी आपूर्ति बेपटरी रही। रात करीब नौ बजे तमसा मार्ग पर केबल जल गया, जिसे ठीक कर आपूर्ति चालू की गई। कुछ ही देर बाद नाका चुंगी पर दूसरा केबल जलने से करीब पांच हजार की आबादी फिर अंधेरे में डूब गई। रात 11 बजे केबल दुरुस्त होने के बाद बिजली आई, लेकिन इसके बाद फायर स्टेशन के पास लगा ट्रांसफार्मर ट्रिप कर गया। ट्रांसफार्मर ठीक होने के बाद भी पूरी रात उपभोक्ता लो-वोल्टेज की समस्या से जूझते रहे।
मौसम में बदलाव के बाद फिर चरमराई व्यवस्था
रविवार दोपहर बाद मौसम में आए बदलाव से तेज हवा चली। इससे शहर के वीआईपी फीडर पर जिला पंचायत के सामने पेड़ की डाल टूटकर गिर गई। इससे करीब दो घंटे आपूर्ति प्रभावित हुई। अयोध्या मार्ग समेत तमाम मोहल्लों में बिजली गुल हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही हाल रहा।
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महरुआ विद्युत उपकेंद्र के वेस्ट फीडर की केबल शनिवार रात करीब नौ बजे तेज धमाके के साथ ब्लास्ट हो गई। इससे महरुआ बाजार, रामपुर नोनसिला, सेमरी, मुकुंदपुर, उदयपुर, सिलावट सेहरा, जलालपुर, रामनगर समेत करीब 15 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लोगों को उम्मीद थी कि फॉल्ट जल्द ठीक हो जाएगा, लेकिन पूरी रात आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। रविवार सुबह करीब 10 बजे बिजली आने पर उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली।
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इसी दौरान पतौना फीडर पर भी रात 12:30 बजे ओवरलोडिंग के चलते गमनपुर अटियवा समेत कई स्थानों पर बिजली के तार टूट गए। इससे चक्रसेनपुर, हुसैनपुर हीड़ी, सारंगपुर, सरखने, बरामदपुर, आदमपुर तिंदौली, किशुनीपुर, पतौना समेत करीब 20 गांवों की बिजली पूरी रात बाधित रही। रविवार दोपहर मंसापुर विद्युत उपकेंद्र की ट्रॉली खराब होने से यहां से जुड़े 15 से अधिक गांवों की बिजली दोपहर दो बजे बंद हो गई। देर शाम मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही आपूर्ति बहाल हो सकी।
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उधर, बैरमपुर बैरवा विद्युत उपकेंद्र से भी आपूर्ति बेपटरी रही। रात करीब नौ बजे तमसा मार्ग पर केबल जल गया, जिसे ठीक कर आपूर्ति चालू की गई। कुछ ही देर बाद नाका चुंगी पर दूसरा केबल जलने से करीब पांच हजार की आबादी फिर अंधेरे में डूब गई। रात 11 बजे केबल दुरुस्त होने के बाद बिजली आई, लेकिन इसके बाद फायर स्टेशन के पास लगा ट्रांसफार्मर ट्रिप कर गया। ट्रांसफार्मर ठीक होने के बाद भी पूरी रात उपभोक्ता लो-वोल्टेज की समस्या से जूझते रहे।
मौसम में बदलाव के बाद फिर चरमराई व्यवस्था
रविवार दोपहर बाद मौसम में आए बदलाव से तेज हवा चली। इससे शहर के वीआईपी फीडर पर जिला पंचायत के सामने पेड़ की डाल टूटकर गिर गई। इससे करीब दो घंटे आपूर्ति प्रभावित हुई। अयोध्या मार्ग समेत तमाम मोहल्लों में बिजली गुल हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही हाल रहा।