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जाम : बलरामपुर अस्प्ताल के बाहर राहत, डफरिन मार्ग पर आफत
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डफरिन के बाहर जाम में फंवी एंबुलेंस व अन्य वाहन।
लखनऊ। बीते चार दिनों से बलरामपुर अस्पताल के गेट पर जाम की समस्या से बृहस्पतिवार को थोड़ी राहत रही। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के अलावा सामान्य पुलिस यहां दिनभर यातायात को संभाली रही। इससे मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में खास परेशानी नहीं हुई।
उधर, डफरिन मार्ग दिनभर जाम से जूझता रहा। अवैध दुकानों व पार्किंग सुलभ यातायात की राह में बाधा बनते रहे। इसका खामियाजा मरीजों व तीमारदारों ने भुगता। कई एंबुलेंस जाम में फंसीं। पुलिस ने लाठी फटकारकर अवैध दुकानों को हटवाया, लेकिन ये कुछ देर बाद दोबारा सड़क पर काबिज हो गए।
बलरामपुर अस्पताल गेट
दोपहर 12 बजे
यातायात सामान्य तरीके से चल रहा था। पुलिस व्यवस्था संभाले हुई थी, जिससे जाम की स्थिति नहीं बनी। चौराहे के हर कोने पर पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा था। रोडवेज बसें निकलने के बाद भी इस रूट पर जाम नहीं लगा। पुलिस ने अस्पताल के गेट के सामने खड़े होने वाले ई रिक्शे हटवा दिए। गेट के सामने कोई भी वाहन रुकने नहीं दिया जा रहा था, जिससे जाम नहीं लगा।
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डफरिन अस्पताल मार्ग
दोपहर 12:30 बजे
सड़क पर जाम की स्थिति दिख रही थी। 30-40 फीट चौड़ी सड़क अतिक्रमण से संकरी हो गई। ऐसे में दोनों तरफ से वाहन आने पर जाम लग रहा था। इसमें एंबुलेंस भी दस मिनट तक फंसी रही। ट्रॉमा सेंटर से बलरामपुर अस्पताल रेफर किया गया मरीज इस एंबुलेंस में था। किसी तहर रेंग-रेंगकर एंबुलेंस निकल पाई।
अवैध पार्किंग जाम की बड़ी वजह
डफरिन अस्पताल के मुख्य गेट के सामने आधी सड़क पर खड़े वाहन जाम लगा रहे थे। परेशानी के बावजूद अवैध पार्किंग को नहीं हटाया गया। आधी सड़क पर दुकानदारों का भी कब्जा है। नगर निगम ने कई बार अतिक्रमण हटवाया, लेकिन कुछ दिन बाद ही दुकानदार दोबारा काबिज हो गए। इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के बाद किसी ने भी दुकान नहीं लगाई थी। कोई एंबुलेंस जाम में नहीं फंसी थी। न ही किसी मरीज और तीमारदार को समस्या का सामना करना पड़ा था।
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उधर, डफरिन मार्ग दिनभर जाम से जूझता रहा। अवैध दुकानों व पार्किंग सुलभ यातायात की राह में बाधा बनते रहे। इसका खामियाजा मरीजों व तीमारदारों ने भुगता। कई एंबुलेंस जाम में फंसीं। पुलिस ने लाठी फटकारकर अवैध दुकानों को हटवाया, लेकिन ये कुछ देर बाद दोबारा सड़क पर काबिज हो गए।
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बलरामपुर अस्पताल गेट
दोपहर 12 बजे
यातायात सामान्य तरीके से चल रहा था। पुलिस व्यवस्था संभाले हुई थी, जिससे जाम की स्थिति नहीं बनी। चौराहे के हर कोने पर पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा था। रोडवेज बसें निकलने के बाद भी इस रूट पर जाम नहीं लगा। पुलिस ने अस्पताल के गेट के सामने खड़े होने वाले ई रिक्शे हटवा दिए। गेट के सामने कोई भी वाहन रुकने नहीं दिया जा रहा था, जिससे जाम नहीं लगा।
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डफरिन अस्पताल मार्ग
दोपहर 12:30 बजे
सड़क पर जाम की स्थिति दिख रही थी। 30-40 फीट चौड़ी सड़क अतिक्रमण से संकरी हो गई। ऐसे में दोनों तरफ से वाहन आने पर जाम लग रहा था। इसमें एंबुलेंस भी दस मिनट तक फंसी रही। ट्रॉमा सेंटर से बलरामपुर अस्पताल रेफर किया गया मरीज इस एंबुलेंस में था। किसी तहर रेंग-रेंगकर एंबुलेंस निकल पाई।
अवैध पार्किंग जाम की बड़ी वजह
डफरिन अस्पताल के मुख्य गेट के सामने आधी सड़क पर खड़े वाहन जाम लगा रहे थे। परेशानी के बावजूद अवैध पार्किंग को नहीं हटाया गया। आधी सड़क पर दुकानदारों का भी कब्जा है। नगर निगम ने कई बार अतिक्रमण हटवाया, लेकिन कुछ दिन बाद ही दुकानदार दोबारा काबिज हो गए। इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के बाद किसी ने भी दुकान नहीं लगाई थी। कोई एंबुलेंस जाम में नहीं फंसी थी। न ही किसी मरीज और तीमारदार को समस्या का सामना करना पड़ा था।

डफरिन के बाहर जाम में फंवी एंबुलेंस व अन्य वाहन।