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Lucknow News: खुफिया एजेंसियों ने भी शुरू की धर्मांतरण मामले की जांच
Sat, 04 Oct 2025 02:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 04 Oct 2025 02:23 AM IST
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मोहनलालगंज।
इलाके के कई गांवों में धर्मांतरण की जानकारी मिलने के बाद खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। आईबी के अफसरों ने मोहनलालगंज इलाके के कई गांवों का दौरा कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि आईबी के अधिकारियों को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली है।
एसीपी रजनीश वर्मा का कहना है कि मामले की विवेचना चल रही है। साजिश में शामिल लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है। जल्द ही गिरोह में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। उधर, धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद भोला खेड़ा गांव में 18 वर्षों से संचालित प्रेस्बिटेरियन चर्च को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। धर्मांतरण के आरोप में पादरी मलखान की गिरफ्तारी के बाद चर्चा का बाजार गर्म हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2007 में गांव के बीच में स्थापित चर्च के निर्माण के समय कहा गया था कि इसका उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुधार को बढ़ावा देना है।
मिजोरम के तत्कालीन सांसद ने किया था उद्घाटन
प्रेस्बिटेरियन चर्च ऑफ इंडिया, लखनऊ मिशन के तहत स्थापित इस चर्च का उद्नाटन 25 नवंबर 2007 को मिजोरम के तत्कालीन सांसद रेव सी रोंग हिंज ने किया था। चर्च में हर रविवार को प्रार्थना सभाएं होती हैं, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। चर्च से जुड़ी युवती वनलल हाकी मिजोरम की रहने वाली है, जो पांच वर्षों से यहीं रहती है। वनलल हाकी का कहना है कि यहां आने वाले बीमार लोगों को विश्वास के बल पर आराम मिल जाता है।
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सम्मेलनों में फ्री सुविधा, बच्चों के जरिये अभिभावकों तक पहुंच
ग्रामीणों का कहना है कि चर्च की ओर से साल में दो से तीन बार बड़े सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान मुफ्त भोजन और आवास की सुविधा दी जाती है। वहीं संस्था के लोग आसपास के गांवों में जाकर बच्चों को खाने-पीने की चीजें और धार्मिक प्रतीकों के लॉकेट देकर प्रार्थना सभा में आमंत्रित करते हैं। इसके जरिये धीरे-धीरे वह बच्चों के अभिभावकों तक जुड़ जाते हैं। स्थानीय निवासी रामनरेश ने बताया कि यह चर्च गांव के ही सुखलाल को मिली बंजर पट्टे की जमीन पर बनाया गया है, जिसे संस्था ने 25,000 रुपये में खरीद लिया था। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों को मिजोरम ले जाकर उन्हें चर्च से जोड़ा गया। इसके लिए लोगों को हर महीने वेतन भी दिया जा रहा है।
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इलाके के कई गांवों में धर्मांतरण की जानकारी मिलने के बाद खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। आईबी के अफसरों ने मोहनलालगंज इलाके के कई गांवों का दौरा कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि आईबी के अधिकारियों को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली है।
एसीपी रजनीश वर्मा का कहना है कि मामले की विवेचना चल रही है। साजिश में शामिल लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है। जल्द ही गिरोह में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। उधर, धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद भोला खेड़ा गांव में 18 वर्षों से संचालित प्रेस्बिटेरियन चर्च को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। धर्मांतरण के आरोप में पादरी मलखान की गिरफ्तारी के बाद चर्चा का बाजार गर्म हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2007 में गांव के बीच में स्थापित चर्च के निर्माण के समय कहा गया था कि इसका उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुधार को बढ़ावा देना है।
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मिजोरम के तत्कालीन सांसद ने किया था उद्घाटन
प्रेस्बिटेरियन चर्च ऑफ इंडिया, लखनऊ मिशन के तहत स्थापित इस चर्च का उद्नाटन 25 नवंबर 2007 को मिजोरम के तत्कालीन सांसद रेव सी रोंग हिंज ने किया था। चर्च में हर रविवार को प्रार्थना सभाएं होती हैं, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। चर्च से जुड़ी युवती वनलल हाकी मिजोरम की रहने वाली है, जो पांच वर्षों से यहीं रहती है। वनलल हाकी का कहना है कि यहां आने वाले बीमार लोगों को विश्वास के बल पर आराम मिल जाता है।
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सम्मेलनों में फ्री सुविधा, बच्चों के जरिये अभिभावकों तक पहुंच
ग्रामीणों का कहना है कि चर्च की ओर से साल में दो से तीन बार बड़े सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान मुफ्त भोजन और आवास की सुविधा दी जाती है। वहीं संस्था के लोग आसपास के गांवों में जाकर बच्चों को खाने-पीने की चीजें और धार्मिक प्रतीकों के लॉकेट देकर प्रार्थना सभा में आमंत्रित करते हैं। इसके जरिये धीरे-धीरे वह बच्चों के अभिभावकों तक जुड़ जाते हैं। स्थानीय निवासी रामनरेश ने बताया कि यह चर्च गांव के ही सुखलाल को मिली बंजर पट्टे की जमीन पर बनाया गया है, जिसे संस्था ने 25,000 रुपये में खरीद लिया था। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों को मिजोरम ले जाकर उन्हें चर्च से जोड़ा गया। इसके लिए लोगों को हर महीने वेतन भी दिया जा रहा है।