{"_id":"670ee5266133f1d48f0f8bc4","slug":"how-did-ot-technician-get-permission-to-work-at-15-places-raebareli-news-c-101-1-slko1033-121125-2024-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: ओटी टेक्नीशियन को कैसे मिली 15 जगह काम करने की अनुमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: ओटी टेक्नीशियन को कैसे मिली 15 जगह काम करने की अनुमति
Wed, 16 Oct 2024 03:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 16 Oct 2024 03:26 AM IST
विज्ञापन
रायबरेली। ऑपरेशन करने वाले ओटी टेक्नीशियन के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद अब कई सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कलई खुल गई तो दूसरी ओर 15 निजी अस्पतालों में उसे कैसे एक साथ काम करने की अनुमति मिल गई, ये बात भी हैरत करने वाली है। फिलहाल मामला संज्ञान में आने के बाद नए सीएमओ ने जांच के निर्देश दिए हैं।
शहर के 15 अस्पतालों में एक साथ काम करने वाले ओटी टेक्नीशियन शुभम पटेल के खिलाफ एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार ने शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। सोशल मीडिया पर उसकी ऑपरेशन करते हुए फोटो वायरल होने और भाजपा के जिला कार्य समिति के सदस्य संतोष कुमार पांडेय की शिकायत के बाद इस प्रकरण ने तूल पकड़ा था।
ये समझ के परे है कि एक ही ओटी टेक्नीशियन को शहर के 15 अस्पतालों में काम करने की स्वीकृति स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कैसे दे दी। नर्सिंगहोम के लाइसेंस देते समय अधिकारियों ने इस बात पर क्यों ध्यान नहीं दिया कि ओटी टेक्नीशियन हर अस्पताल में कैसे एक साथ काम करेगा। कई अस्पतालों में तो वह फुल टाइम काम कर रहा था तो कुछ में पार्ट टाइम। मामला पकड़ में आने के बाद जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद कइयों पर कार्रवाई की उम्मीद है।
विज्ञापन
कई अस्पतालों में काम करने वाले ओटी टेक्नीशियन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। चेक कराया जाएगा कि 15 अस्पतालों में एक ही ओटी टेक्नीशियन को काम करने की अनुमति क्यों दी गई।
डॉ. नवीन चंद्रा, सीएमओ
विज्ञापन
शहर के 15 अस्पतालों में एक साथ काम करने वाले ओटी टेक्नीशियन शुभम पटेल के खिलाफ एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार ने शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। सोशल मीडिया पर उसकी ऑपरेशन करते हुए फोटो वायरल होने और भाजपा के जिला कार्य समिति के सदस्य संतोष कुमार पांडेय की शिकायत के बाद इस प्रकरण ने तूल पकड़ा था।
विज्ञापन
ये समझ के परे है कि एक ही ओटी टेक्नीशियन को शहर के 15 अस्पतालों में काम करने की स्वीकृति स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कैसे दे दी। नर्सिंगहोम के लाइसेंस देते समय अधिकारियों ने इस बात पर क्यों ध्यान नहीं दिया कि ओटी टेक्नीशियन हर अस्पताल में कैसे एक साथ काम करेगा। कई अस्पतालों में तो वह फुल टाइम काम कर रहा था तो कुछ में पार्ट टाइम। मामला पकड़ में आने के बाद जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद कइयों पर कार्रवाई की उम्मीद है।
विज्ञापन
कई अस्पतालों में काम करने वाले ओटी टेक्नीशियन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। चेक कराया जाएगा कि 15 अस्पतालों में एक ही ओटी टेक्नीशियन को काम करने की अनुमति क्यों दी गई।
डॉ. नवीन चंद्रा, सीएमओ