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रेस्टोरेंट में साझीदार बनाने के नाम पर दिल्ली के व्यापारी से सात लाख ठगे, केस दर्ज
Mon, 22 Jun 2020 04:32 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 22 Jun 2020 04:32 PM IST
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लखनऊ में हजरतगंज के नरही में राज रेस्टोरेंट में साझीदार बनाने के नाम पर मालिक ने दिल्ली के कारोबारी से सात लाख रुपये ठग लिए। जब कोई मुनाफा नहीं मिला तो उसने रकम वापस मांगी। जिस पर रेस्टोरेंट मालिक ने धमकी देनी शुरू कर दी। पीड़ित ने हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया।
एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक, दिल्ली के सूर्योदयनगर अवधपुरी निवासी हरीशचंद्र पंत व्यापारी हैं। हरीश चंद्र के मुताबिक, नवल किशोर रोड निवासी पनधारी राम का नरही में राज रेस्टोरेंट के नाम से होटल हैं। पनधारी राम ने इसे बेचने के लिए एक बार अखबार में विज्ञापन प्रकाशित किया जिसे देखकर पनधारी से संपर्क किया।
बेचने की बात आगे नहीं बढ़ी। कुछ दिन बाद पनधारी राम ने हरीशचंद्र को कॉल किया। उसने रेस्टोरेंट में पार्टनर के तौर पर काम करने के लिए कहा। वह दिल्ली में रहते थे। इसलिए रकम लगाने और लाभ में हिस्सेदार बनने को तैयार हो गए। अप्रैल 2018 में रेस्टोरेंट में काम शुरू करने के लिए 1,60,000 रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट दिया। कुछ दिन बाद बिजली का बिल जमा कराने को 30,000 रुपये उधार दिए। जून 2018 में 2,10,000 रुपये उधार दिए। अक्तूबर 2018 में पनधारी ने 3 लाख रुपये उधार फिर मांगे। जल्द ही वापस करने को कहा।
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एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक, दिल्ली के सूर्योदयनगर अवधपुरी निवासी हरीशचंद्र पंत व्यापारी हैं। हरीश चंद्र के मुताबिक, नवल किशोर रोड निवासी पनधारी राम का नरही में राज रेस्टोरेंट के नाम से होटल हैं। पनधारी राम ने इसे बेचने के लिए एक बार अखबार में विज्ञापन प्रकाशित किया जिसे देखकर पनधारी से संपर्क किया।
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बेचने की बात आगे नहीं बढ़ी। कुछ दिन बाद पनधारी राम ने हरीशचंद्र को कॉल किया। उसने रेस्टोरेंट में पार्टनर के तौर पर काम करने के लिए कहा। वह दिल्ली में रहते थे। इसलिए रकम लगाने और लाभ में हिस्सेदार बनने को तैयार हो गए। अप्रैल 2018 में रेस्टोरेंट में काम शुरू करने के लिए 1,60,000 रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट दिया। कुछ दिन बाद बिजली का बिल जमा कराने को 30,000 रुपये उधार दिए। जून 2018 में 2,10,000 रुपये उधार दिए। अक्तूबर 2018 में पनधारी ने 3 लाख रुपये उधार फिर मांगे। जल्द ही वापस करने को कहा।
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लगातार तगादा करने पर भी नहीं मिली रकम
व्यापारी ने बताया कि छह महीने बाद जब रेस्टोरेंट में मुझे कोई मुनाफा नहीं मिला तो पनधारी से खुद को अलग करने की बात कही और अपने रुपये वापस मांगे तो उसने एग्रीमेंट के अनुसार सात लाख हो की बात कही। बाद में इसे घटाकर 6,40,000 रुपये ब्याज के साथ वापस करने की सहमति जताई। रकम 25 अगस्त 2019 के बाद देने की बात कही।
पनधारी ने मार्च 2019 में 18,000 रुपये, जुलाई, अगस्त, सितंबर में प्रति माह 50,000 रुपये दिए। इसके बाद वह मुकर गया। बाकी रकम की बात कही तो उसने नोटिस भेज दिया। साथ ही बकाये की रकम को अवैध करार दिया। लगातार तगादा करने के बाद भी रकम नहीं मिली तो हरीशचंद्र पंत ने पुलिस से संपर्क किया। एसीपी हजरतगंज के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर पनधारी के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
पनधारी ने मार्च 2019 में 18,000 रुपये, जुलाई, अगस्त, सितंबर में प्रति माह 50,000 रुपये दिए। इसके बाद वह मुकर गया। बाकी रकम की बात कही तो उसने नोटिस भेज दिया। साथ ही बकाये की रकम को अवैध करार दिया। लगातार तगादा करने के बाद भी रकम नहीं मिली तो हरीशचंद्र पंत ने पुलिस से संपर्क किया। एसीपी हजरतगंज के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर पनधारी के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।