वह दृश्य दिल दहलाने वाला था। हर ओर आंसुओं में डबडबाई आंखें थीं। मासूम की बातें और खुशहाल परिवार के उजड़ जाने की चर्चाएं थीं। आगरा एक्सप्रेस-वे पर स्कैनिया बस हादसे की शिकार मां व छह साल की मासूम के शव जैसे ही राजाजीपुरम में पुराना सी-ब्लॉक स्थित घर पहुंचे तो परिवारीजन ही नहीं, पूरा मुहल्ला फूट-फूटकर रोया। हादसे में मासूम निति मां डॉ. ज्योति निर्वाण की छाती से चिपटी हुई ही काल के गाल में समा गई। दोनों का पोस्टमार्टम एक साथ हुआ और शव एक ही अर्थी पर अंत्येष्टि को श्मशान ले जाए गए। राज्यपाल राम नाईक ने दोनों को श्रद्धांजलि दी।
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आगरा एक्सप्रेस-वे पर बस हादसाः छाती से चिपटी रही मासूम, एक ही अर्थी पर मां संग अंत्येष्टि
Mon, 25 Mar 2019 10:15 AM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Gaurav Pandey
Updated Mon, 25 Mar 2019 10:15 AM IST
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आगरा एक्सप्रेस- वे पर हादसा
- फोटो : amar ujala
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आगरा एक्सप्रेस- वे पर हादसा
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दिल्ली से लखनऊ आ रही आलमबाग बस टर्मिनल की स्कैनिया बस रविवार देर रात आगरा एक्सप्रेस-वे पर हादसे की शिकार हो गई। इसमें राजाजीपुरम के सी-188 निवासी डॉ. ज्योति निर्वाण (38) बेटी निति के साथ सवार थीं।
आगरा एक्सप्रेस- वे पर हादसा
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दुर्घटना में मां-बेटी की मौत हो गई। चूंकि, मासूम मां की छाती से चिपटी हुई थी, इसलिए हादसे के बाद दोनों को अलग नहीं किया जा सका। दोपहर बाद जब दोनों के शव राजाजीपुरम पहुंचे तो मुहल्ला गमगीन था। ज्योति के पति डॉ. निशांत निर्वाण बदहवाश थे। शाम को राज्यपाल राम नाईक उनके आवास पर पहुंचे और दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शव अंत्येष्टि के लिए ले जाए गए।
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आगरा एक्सप्रेस- वे पर हादसा
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परिवारीजन अजय कुमार ने बताया कि डॉ. ज्योति निर्वाण एसजीपीजीआई के डिपार्टमेंट ऑफ मॉलीक्यूलर मेडिसिन एंड बायोटेक्नोलॉजी विभाग में सीनियर डिमॉन्स्ट्रेटर के पद पर थीं। पति डॉ. निशांत निर्वाण टुडियागंज के बाल महिला चिकित्सालय में हैं। उनके बड़े भाई डॉ. अनिल निर्वाण राजभवन में चिकित्सक और उनकी पत्नी डॉ. विनीता कैसरबाग रेडक्रॉस अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। ज्योति अपने पति, बेटी व सास केसरी देवी व ससुर केएल निर्वाण के साथ रहती थीं। केएल निर्वाण आरडीएसओ से सेवानिवृत्त हैं।
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मेरा सबकुछ चला गया...
पत्नी व मासूम बेटी की मौत की खबर सुनकर डॉ. निशांत बदहवास हो गए और शव पहुंचते ही फूट-फूटकर रोने लगे। वह कहते रहे ‘मैं बर्बाद हो गया, मेरा सबकुछ चला गया।’ वहीं, डॉ. ज्योति के सास-ससुर का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
पत्नी व मासूम बेटी की मौत की खबर सुनकर डॉ. निशांत बदहवास हो गए और शव पहुंचते ही फूट-फूटकर रोने लगे। वह कहते रहे ‘मैं बर्बाद हो गया, मेरा सबकुछ चला गया।’ वहीं, डॉ. ज्योति के सास-ससुर का भी रो-रोकर बुरा हाल था।