लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि बन गए देश के प्रेसीडेंट और प्रेसीडेंट बने प्रतिनिधि
लखनऊ विश्वविद्यालय अपने गौरवशाली इतिहास के साथ ही स्वर्णिम संयोग का साक्षी भी रहा है। विश्वविद्यालय अपने जिन पूर्व छात्रों पर नाज करता है उनमें से दो तो देश के राष्ट्रपति भी रहे। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन तथा डॉ.शंकर दयाल शर्मा ने लखनऊ विश्वविद्यालय से न सिर्फ पढ़ाई की, बल्कि छात्र राजनीति की शुरुआत भी यहीं से की।
डॉ. शंकर दयाल शर्मा वर्ष 1940-41 में लविवि में विधि संकाय के प्रतिनिधि चुने गए। जब वे विधि संकाय के प्रतिनिधि थे तो उस समय यूनियन के प्रेसीडेंट डॉ. हरिकृष्ण अवस्थी थे। संयोग यह हुआ कि जब डॉ. शंकर दयाल शर्मा जब देश के प्रेसीडेंट बने तो प्रो. हरिकृष्ण अवस्थी शिक्षक प्रतिनिधि बन गए।
लविवि के पूर्व कुलपति प्रो.हरिष्कृष्ण अवस्थी की पुत्री डॉ. आभा अवस्थी बताती हैं कि बाबूजी (प्रो.हरिकृष्ण अवस्थी) के साथ जब मैं चाचाजी (राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा) से मिलने गई तो उन्होंने खुद कहा कि ‘कितना अच्छा संयोग है। जब मैं प्रतिनिधि था तो आपके पिता प्रेसीडेंट थे, और जब मैं प्रेसीडेंट हूं तो वे प्रतिनिधि हैं।’
राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने लखनऊ विश्वविद्यालय से विधि की उपाधि ली थी। इसी दौरान उन्होंने विधि संकाय के प्रतिनिधि का चुनाव भी लड़ा, जिसमें वे विजयी रहे। इसके बाद उन्होंने कुछ समय तक लखनऊ विश्वविद्यालय में अध्यापन भी किया।
प्रो.अवस्थी करीब 30 साल तक एमएलसी रहे। वर्ष 1989 से 1992 तक वे लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। यह वही समय था जब डॉ. शंकर दयाल शर्मा देश के राष्ट्रपति पद की शपथ ले चुके थे।
पूर्व राष्ट्रपति ने जीता चक्रवर्ती पदक
डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने छात्र राजनीति की शुरुआत के साथ ही पढ़ाई में भी अच्छा मुकाम हासिल किया। उन्होंने दीक्षांत समारोह में विवि का दूसरा सबसे प्रतिष्ठित पदक डॉ. चक्रवर्ती मेडल भी हासिल किया। इसके बाद उन्होंने विवि में कुछ समय के लिए शिक्षक के रूप में नौकरी भी की।
छात्रसंघ के पदाधिकारियों ने राजनीति में हासिल किया मुकाम
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा के साथ ही कई छात्रसंघ पदाधिकारियों ने राजनीति में ऊंचा मुकाम हासिल किया। छात्रसंघ अध्यक्ष रहे नेक राम शर्मा, रोबिन मित्रा, विनय चंद्र मिश्रा, श्याम लाल बाजपेयी, सत्यदेव त्रिपाठी, डीपी बोरा, अतुल अंजान, एसपी राणा, अरविंद सिंह गोप, बृजेश पाठक, समरपाल सिंह, धीरेंद्र बहादुर सिंह, रामकुमार भार्गव ने राजनीति में उच्च स्थान हासिल किया।
छात्रसंघ महामंत्री राजेंद्र द्विवेदी, वीरेंद्र भाटिया और रविदास मेहरोत्रा ने भी इस परंपरा को आगे बढ़ाया। छात्र राजनीति करने वाले सुरजीत सिंह बरनाला और शिवपाल यादव, हरीश रावत, राजा भैया, सैयद सिब्ते रजी, केसी पंत, राम गोविंद चौधरी, सज्जाद जहीर, विजयाराजे सिंधिया, जफर अली नकवी, डॉ.दिनेश शर्मा, अजीत सिंह, डिंपल यादव, स्वाती सिंह, आरिफ मोहम्मद खान ने भी राजनीति की मुख्य धारा में देश में अपना नाम रोशन किया है।
क्रिश्चियन कॉलेज से डॉ. जाकिर हुसैन ने की पढ़ाई
देश के तीसरे राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन ने लविवि के क्रिश्चियन डिग्री कॉलेज से पढ़ाई की थी। वे अर्थशास्त्र के विद्यार्थी थे। वे अलीगढ़ विवि के कुलपति तथा विवि शिक्षा आयोग के अध्यक्ष भी रहे। भारतीय प्रेस आयोग और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से जुड़ने वाले डॉ. जाकिर हुसैन को भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया।
किस वर्ष में कौन रहा लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष
1922 प्रो.केएल बहल, 1927 अनादिनाथ बनर्जी, 1929 अनादिननाथ बनर्जी-फूलमती शुक्ला, 1931 पृथ्वीपाल सिंह-एहतेशाम अली, 1932 गंगाधर नाथ फरहत, 1933 आरएन गुर्तू-केदारनाथ सक्सेना, 1934 वी सुब्बाराव-टीडी रामचंद्र आयंगर, 1935 इफ्तिखार हुसैन-पुष्पावती नारायण, 1937 तजीन हबीबुल्लाह-केबी राय, 1938 डीपी धर, 1939 जलालुद्दीन खान-घमंडी लाल, 1940 एसएम जफर, 1941 हरिकृष्ण अवस्थी, 1948 मक्खन लाल मिश्रा, 1949 नेक राम शर्मा, 1950 शंभू नाथ टंडन, 1951 सूर्य नारायण चतुर्वेदी, 1952 चंद्र भाल त्रिपाठी, 1953 चुनाव नहीं हुआ।
1954 रोबिन मित्रा, 1955 दिलीप सिंह चतुर्वेदी, 1956 एसके अग्रवाल, 1957 विनय चंद्र मिश्रा, 1958 जगदीश गांधी, 1959 नवजीवन रस्तोगी, 1960 राम अवतार दीक्षित, 1961 श्याम लाल बाजपेयी, 1962 बृज राज सिंह, 1963 राजेंद्र अग्निहोत्री, 1964 गोमती भारती, 1965 सत्यदेव त्रिपाठी, 1966 डीपी बोरा, 1967 एसपी राना, 1968 इंद्रदेव सिंह, 1969 सरदार बेंत सिंह, 1970 चुनाव नहीं, 1971 रामकुमार भार्गव, 1972 रवींद्र सिंह, 1973 नागेंद्र प्रताप सिंह, 1974 सुरेश बहादुर सिंह, 1975-76 आपातकाल, 1977 अतुल कुमार अनजान, 1978-84 चुनाव नहीं, 1985 कुंवर रामवीर सिंह, 1986 सरोज तिवारी, 1987 समर पाल सिंह, 1988 रमेश श्रीवास्तव, 1989 नीरज जैन, 1990 बृजेश पाठक, 1991 चुनाव नहीं, 1992 राकेश सिंह राना, 1993 अरविंद सिंह गोप, 1994 ओंकार भारती बाबा, 1995 प्रमोद तिवारी, 1996 अरविंद कुमार सिंह, 1997 संतोष सिंह, 1998 दया शंकर सिंह, 1999 शैलेश कुमार शैलू, 2003 अभिषेक सिंह आशू, 2004 राजपाल कश्यप, 2005 बजरंगी सिंह बज्जू