रोजगार का सपना दिखाकर 102 बेरोजगारों से 20.40 लाख की ठगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटौंजा इलाके में जालसाजों ने 102 बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर 20.40 लाख रुपये ऐंठ लिए। ठगी का एहसास होने पर इटौंजा निवासी योगेंद्र कुमार पाल ने दो जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
इंस्पेक्टर शिव शंकर सिंह ने बताया कि इटौंजा के विक्रमपुर गांव निवासी योगेंद्र कुमार पाल माल रोड शंतिनगर मरपा स्थित एक दुकान में काम करता है। आरोप है कि कुछ माह पहले उसकी मुलाकात इटौंजा के खेरिया गांव निवासी निर्मल व बीकेटी के सहपुरवां निवासी अजय से हुई थी।
दोनों ने खुद को ग्लोज ट्रेडिंग इंडिया कंपनी का अधिकारी बताते हुए नौकरी दिलवाने की बात कही। साथ ही अन्य परिचितों को भी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। जालसाजों ने पिछले वर्ष 14 मार्च को 102 बेरोजगार युवकों से 20 हजार रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से 20.40 लाख जमा करवाए।
इसके एक माह बाद सभी युवकों को प्रशिक्षण ने नाम पर बिजनौर रोड स्थित नजीमाबाद के आदर्शनगर में ले गया। जहां पांच माह तक सभी को किराए के मकान में रखा गया। पांच माह बाद मकान मालिक द्वारा किराए के रुपये मांगने पर ठगी का एहसास हुआ।
इसके बाद सभी युवक किसी तरह अपने घर पहुंचे और परिवारीजनों को आपबीती सुनाई। परिवारीजनों ने दोनों जालसाजों को फोन कर रकम लौटाने को कहा तो वे टरकाने लगे। इससे तंग आकर पीड़ित युवक ने सोमवार थाने पहुंचकर पुलिस से शिकायत की। योगेंद्र कुमार पाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
प्रशिक्षण के बाद जॉइनिंग लेटर का दिया था झांसा
पीड़ित युवकों के मुताबिक, जालसाजों ने बताया कि कंपनी का हेड ऑफिस जनकपुरी, नई दिल्ली में है और फ्रेंचाइजी कार्यालय बिजनौर रोड, नजीमाबाद में है। जहां सभी को पांच माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद जॉइनिंग लेटर दिया जाएगा। झांसे में आने के बाद सभी युवक जालसाजों द्वारा बताए गए स्थान पर गए थे।
प्रशिक्षण के नाम पर प्रति युवक से ऐंठे 20 हजार रुपये
बकौल पीड़ित, जालसाजों ने 14 मार्च 2017 को सभी युवकों को माल रोड पर बुलाया। जहां प्रशिक्षण के नाम पर प्रत्येक युवक से 20 हजार रुपये जमा करवाए। युवकों ने जब रुपये जमा करने के एवज में रसीद की मांग की तो जालसाजों ने प्रशिक्षण के दौरान रिसीविंग देने की बात कहकर टाल दिया। लेकिन बाद में भी रसीद नहीं दी।
तहसील दिवास में भी पीड़ितों ने लगाई थी गुहार
युवकों का आरोप है कि ठगी का शिकार होने के जब वह घर लौटे तो परिवारीजनों को लेकर तहसील दिवस में जाकर गुहार लगाई थी। लेकिन हर बार अगली बार आने की बात कही गई। इसके बाद पीड़ित सोमवार सुबह इटौंजा थाने पहुंच कर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाने की मांग की।