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ट्रामा में फोर्स से बढ़ी मरीजों की मुसीबत

Wed, 31 Jul 2019 01:39 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2019 01:39 AM IST
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Due to presence of police in trauma patients face problems
ट्रॉमा में पुलिस की तैनाती से बढ़ी मरीजों की मुसीबत
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कई मरीजों को गेट से ही लौटाया, कुछ को घंटों करना पड़ा इंतजार
रायबरेली में हुए सड़क हादसे में घायल उन्नाव रेप पीड़िता और अधिवक्ता ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। उनकी सुरक्षा के मद्देजर यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं यहां दिनभर विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगों का भी जमावड़ा लगा रहा। ऐसे में यहां दूर-दराज से आने वाले मरीजों को मुसीबत झेलनी पड़ी। कई तीमारदारों ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों ने मरीज को गेट से ही लौटा दिया। वहीं कई मरीज इलाज के इंतजार में घंटों स्ट्रेचर पर ही पड़े रहे।
ट्रॉमा सेंटर के गेट से लेकर तीसरी मंजिल के चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी मौजूद हैं। साथ ही केजीएमयू के भी सुरक्षाकर्मी व्यवस्था संभालने में जुटे हैं। मगर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती दूसरे मरीजों के लिए मुसीबत बन गई है। यहां के सुरक्षाकर्मी ज्यादातर मरीजों को गेट से ही लौटा दे रहे हैं। जो अंदर आ भी गया, उसे इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। परिसर में वाहन स्टैंड के पास पड़े गोंडा से आए बसंत ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें गेट से ही लौटा दिया। उनका कहना था कि अंदर अभी मरीजों के जाने पर पाबंदी लगी हुई है। वहीं गोरखपुर निवासी संत राम को लकवा मार गया है। तीमारदार उन्हें गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए, यहां से उन्हें टॉमा रेफर कर दिया गया। संतराम के बेटे राम शंकर ने बताया कि वह सुबह करीब नौ बजे ही आ गए थे। कैजुअल्टी से उन्हें सीटी स्कैन के लिए भेजा गया। सीटी स्कैन कराने के बाद बेड के लिए कुछ देर इंतजार करने के लिए कहा गया। मगर शाम चार बजे तक बेड नहीं मिला है। जिससे भी बात करो, वह कुछ देर इंतजार करने के लिए कह रहा है। इसलिए वह गेट के बगल में स्ट्रेचर पर पिता को लेकर पड़े हैं। इसी तरह आलमबाग निवासी कमरुन्निाशा की तबीयत खराब होने पर परिवारीजन उन्हें लेकर ट्रॉमा आए। बेटे ने बताया कि पहले तो उन्हें गेट से ही लौटा दिया गया। किसी तरह अंदर आए तो मेडिसिन विभाग में बेड नहीं मिल रहा है।
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नेतागीरी को लेकर होती रही झड़प
ट्रॉमा सेंटर पहुंचने वाले राजनीति दलों के लोग टीवी चैनलों के कैमरे देखकर बाइट देने में व्यस्त हो जा रहे थे। इस दौरान वहां लाए जाने वाले मरीजों को भीड़भाड़ के कारण काफी परेशानी हो रही थी। पोर्टिको में आने वाली एंबुलेंस से मरीज को उतारने और अंदर ले जाने में भी काफी मशक्त करनी पड़ी। वहीं कुछ तीमारदार मरीज को लेकर पोर्टिकोे तक आए, मगर यहां की भीड़ देख एंबुलेंस घुमा ले गए।
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