रेल ट्रैक पर मिली दो सहेलियों की लाश, दो दिन पहले घरों से एक साथ हुई थीं गायब
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दो दिन पहले परिजनों को बिना बताए घर से निक ली दो सहेलियों के शव बुधवार को 48 घंटे बाद उनके घर से दो किमी दूर गोरखपुर गोंडा रेलखंड पर गौर स्टेशन के समीप चकचई ओवरब्रिज के नीचे क्षत विक्षत अवस्था में पाये गए। ग्रामीणों की सूचना पर स्टेशन मास्टर ने इसकी सूचना रेलवे पुलिस को दी।
उधर अपनी बेटियों की तलाश में जुटे परिजनों को जब छात्राओं के शव रेल ट्रैक पर मिलने की सूचना मिली तो वह भागकर मौके पर पहुंचे और दोनों की पहचान अपनी बेटियों के रूप में की। छात्राओं की मौत को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। इनके मौत की गुत्थी हत्या या आत्महत्या के बीच उलझ गई है। घटना स्थल से पुलिस ने एक मोबाइल भी बरामद किया है।
बुधवार की सुबह गौर रेलवे स्टेशन के की मैन जयराम मीना गोरखपुर गोंडा रेलखंड पर ट्रैक के निरीक्षण कर रहे थे। जयराम गौर स्टेशन के समीप चकचई ओवरब्रिज के नीचे पहुंचे ही थे कि उन्हें ट्रैक पर दो शव क्षत विक्षत अवस्था में पड़े हुए दिखाई दिए। एक साथ दो शवों को देखकर जयराम के होश उड़ गए। ट्रैक का निरीक्षण छोड़कर वह स्टेशन मास्टर जोखनराम के पास पहुंचे और उन्हें ट्रैक पर शव पड़े होने की जानकारी दी। स्टेशन मास्टर ने फौरन इसकी सूचना गौर रेलवे पुलिस को दी।
देखते ही देखते आस पास के गांवों में दो छात्राओं के शव मिलने की सूचना आग की तरह फैल गई और मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। शव मिलने की सूचना पर गौर थाना क्षेत्र के सांवडीह गांव के अंबिका प्रसाद व श्रीराम भी मौके पर पहुंचे और दोनो की पहचान अपनी अपनी बेटियों के रूप में की। अंबिका प्रसाद व श्रीराम ने बताया कि उनकी बेटियां साक्षी 15 वर्ष व अर्चना 16 वर्ष हलुआ स्थित जनता इंटर कॉलेज में दसवीं व ग्यारहवीं की छात्रा थी और दोनों के बीच आपस में गहरी दोस्ती थी।
18 सितंबर को बिना बताए निकल गई थीं घर से बाहर
18 सिंतबर की रात में दोनो बिना किसी को बताए घर से निकल गई थी। दोनों परिवारों के लोग उनकी तलाश में जुटे थे। मंगलवार को इसकी सूचना गौर पुलिस को भी दी गई थी लेकिन दोनों छात्राओं का कुछ पता नहीं चल सका था। बुधवार की सुबह दोनों के शव साथ मिलने से हडकंप मच गया है।
हालांकि इस संबंध में दोनो के परिवारीजन कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।वहीं इस घटना को लेकर क्षेत्र में लोग तरह तरह की चर्चा कर रहे हैं। कुछ इसे आत्महत्या तो कुछ हत्या कर शव रेल ट्रैक पर फेंके जाने की आशंका जता रहे हैं। पुलिस ने घटना स्थल से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। इस संबंध में गौर थाने के उपनिरीक्षक जगन्नाथ यादव ने बताया कि उन्हे इस मामले में कोई तहरीर नही मिली है।
48 घंटों तक कहां रही दोनो सहेलियां
बभनान गोंडा। सांवडीह गांव की रहने वाली अर्चना व साक्षी दोनो आपस में पक्की सहेलियां थी। परिजनों के अनुसार बिना किसी को बताए 18 सिंतबर की रात को दोनो साथ में घर से निकली थी। परिजन दोनों की तलाश में जुटे थे और पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई थी।
परिजनों ने कपड़ों के जरिए दोनों की पहचान की। ऐसे में किसके बुलावे पर दोनो गई थी और 48 घंटो तक दोनों कहां रहीं इस सवाल लोगों के जेहन में कौंध रहा है। फिलहाल मौके से मोबाइल फोन के जरिए लोगों को इस सवाल का जवाब मिलने की उम्मीद हैै।