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सावधान! रोजाना 10 बैंक खातों में सेंध लगा रहे हैं साइबर ठग, पुलिस भी लाचार है इनके सामने

Wed, 05 Dec 2018 04:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 05 Dec 2018 04:25 PM IST
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cyber fraud in banks in lucknow
डेमो
आप ऑनलाइन लेन-देन करते हैं, क्रेडिट-डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान रहें। साइबर अपराधियों का गिरोह रोजाना औसतन 10 बैंक खातों में सेंध लगाकर लोगों की मेहनत की कमाई उड़ा रहा है। प्रमुख थानों में ही रोजाना औसतन 3 से 5 केस दर्ज हो रहे हैं।
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ये गिरोह दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, झारखंड के साथ ही विदेश से अपने धंधे का संचालन कर रहे हैं। साइबर सेल और थानों में दर्ज हो रही शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। पर, पुलिस के पास इन गिरोहों पर शिकंजा कसने के लिए वक्त नहीं है तो साइबर सेल संसाधनों का रोना रो रहा है।
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हजरतगंज स्थित साइबर सेल के निरीक्षक विजयवीर सिंह सिरोही मानते हैं कि साइबर ठगी के मामले रोज बढ़ रहे हैं। यही नहीं ठग हर शिकार के लिए नए हथकंडे अपना रहे हैं। यही नहीं साइबर अपराधी बेखौफ हैं। निरीक्षक सिरोही बताते हैं कि साइबर सेल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें ठग एक बार शिकार बनाने के बाद भी खाते से और रुपये निकालने के लिए लगातार फोन कर झांसा देते रहे।
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ठगों के निशाने पर हर आयु और हर वर्ग के लोग हैं। शिकार होने वालों में पढ़े लिखे, अफसर, विधायक, नेता, कारोबारी सब शामिल हैं।

लगातार बढ़ती जा रहीं शिकायतें

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2700 मामले दर्ज, लगातार बढ़ती जा रहीं शिकायतें

साइबर सेल के निरीक्षक विजयवीर सिरोही बताते हैं कि ऑनलाइन लेन-देन बढ़ने से साइबर ठगी की शिकायतें  बढ़ रही हैं। वर्ष 2016 में अकाउंट से रुपये उड़ाने और क्रेडिट व डेबिट कार्ड की क्लोनिंग यानी हूबहू वही कार्ड तैयार करने की 986 शिकायतें आई थीं। 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद डिजिटल लेन-देन बढ़ा।

इससे साइबर ठगों का रास्ता आसान हो गया। वर्ष 2017 में करीब 1600 शिकायतें साइबर सेल को मिली थीं जबकि वर्ष 2018 में अभी यह आंकड़ा 1200 के आसपास है। लेकिन इसके साथ ही 1500 मामले विभिन्न थानों में भी दर्ज हुए। यानी कुल 2700 मामले दर्ज हुए। 

तीन महीने में 10 प्रमुख थानों में दर्ज हुए केस
हजरतगंज     143                   आलमबाग   58
गोमतीनगर    122                    महानगर    52
गाजीपुर        134                   इंदिरानगर   51
विभूतिखंड       90                  कृष्णानगर   50
अलीगंज          62                   पीजीआई   48
 

दिल्ली में ठगों ने खोल दिए कॉल सेंटर

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नोएडा -  दिल्ली में ठगों ने खोल दिए कॉल सेंटर झारखंड के जामतारा से भी बना रहे निशाना

साइबर सेल के पुलिसकर्मियों के मुताबिक देश में सैकड़ों की संख्या में साइबर ठगी के गिरोह सक्रिय हैं। दिल्ली-नोएडा में ठगों ने बड़े-बड़े कॉल सेंटर खोल रखे हैं तो झारखंड के जामतारा गांव तो ठगों का बड़ा अड्डा बन गया है। विदेशों से भी कई गिरोह भारतीय लोगों को निशाना बना रहे हैं।

इन तरीकों से लगा रहे खातों में सेंध

-एटीएम कार्ड की क्लोनिंग कर
-बैंक अकाउंट, एटीएम अथवा क्रेडिट कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने के बहाने जानकारियां हासिल करना
-केवाईसी अपडेट कराने का झांसा देकर
डेबिट या क्रेडिट कार्ड के नवीनीकरण की बात कहकर जानकारियां हासिल करना
-फेसबुक पर दोस्ती कर विदेश से गिफ्ट भेजने के नाम पर
-बीमा पॉलिसी रिन्यू करने या रिफंड देने का झांसा देकर
-लकी ड्रॉ में कार या नकद रुपये जीतने का झांसा देकर
-ऑनलाइन सस्ते मोबाइल फोन या अन्य उत्पाद बेचने के नाम पर
 

कैसे दें दबिश , न वाहन न सुविधाएं

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साइबर अपराधियों ने बैंकों के डाटा पर भी सेंध लगा दी है। भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों का डाटा चोरी करने वाले शातिर अपराधियों ने उनके डेबिट कार्ड के क्लोन तैयार कर लिए। पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा में भी क्लोनिंग कर खाते साफ करने के कई मामले सामने आ चुके हैं।

कार्ड क्लोनिंग के मामलों में संबंधित बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत के भी आरोप लगे। कई प्राथमिकी भी दर्ज की गईं। हालांकि, विवेचना की सुस्त गति के चलते पुलिस कुछ भी खुलासा नहीं कर सकी। पिछले एक साल के दौरान कार्ड की क्लोनिंग की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं।

पुलिस के एक अधिकारी बताते हैं कि ठगी के आरोपी दूर-दराज बैठे हैं। कोई दिल्ली-नोएडा या गाजियाबाद से गिरोह चला रहा है तो कोई झारखंड से। कई गिरोह विदेश से रुपये उड़ा रहा है। पुलिस कानून व्यवस्था में फंसी रहती है और साइबर सेल के पास संसाधन नहीं हैं।

शहर से बाहर जाने के लिए वाहन, ठहरने और खाने-पीने का खर्च नहीं मिलता जिससे कोई भी पुलिसकर्मी बाहर जाकर दबिश और धर-पकड़ में रुचि नहीं लेता। यही वजह है साइबर सेल और थानों में ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं।
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