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बड़ा खुलासा: थानेदार की आत्महत्या में ब्लैकमेलिंग एंगल, ऑडियो भेजकर बनाया जा रहा था दबाव!; ऑडियो से खुलेगा राज

Wed, 02 Sep 2026 01:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 02 Sep 2026 01:19 AM IST
सार

सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में यह सामने आया है कि सूर्य प्रकाश सिंह अचानक नहीं, बल्कि पिछले कुछ समय से परेशान थे। उन्हें एक व्यक्ति एक ऑडियो भेजकर ब्लैकमेल कर रहा था। हालांकि, उस ऑडियो में क्या था, इससे अभी पर्दा नहीं उठ सका है। यह महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ने के बाद अब पुलिस ऑडियो भेजने वाले व्यक्ति, उसमें रिकॉर्ड हुई बातचीत और उससे थानाध्यक्ष के रोल की पड़ताल कर रही है।

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Station House Officer harassed by blackmail; pressure being exerted via voice messages.
थाना वाल्टरगंज में तैनात थे थाना प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में एक अहम खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार उन्हें ऑडियो मैसेज भेजकर ब्लैकमेल किया जा रहा था। एक संदिग्ध मोबाइल नंबर और ऑडियो के आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया है। ब्लैकमेलिंग के पीछे के चेहरे को बेनकाब करने की दिशा में पुलिस ने काम तेज किया है।

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बीते शनिवार की शाम वाल्टरगंज थानाध्यक्ष रहे सूर्य प्रकाश सिंह का शव उनके सरकारी आवास पर फंदे से लटकता मिला था। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की बात सामने आने के बाद मौत की वजह जानने के लिए उनके मोबाइल फोन समेत डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला गया। इसी दौरान पुलिस के सामने ब्लैकमेलिंग से जुड़ा एक अहम सिरा आया।
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सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में यह सामने आया है कि सूर्य प्रकाश सिंह अचानक नहीं, बल्कि पिछले कुछ समय से परेशान थे। उन्हें एक व्यक्ति एक ऑडियो भेजकर ब्लैकमेल कर रहा था। हालांकि, उस ऑडियो में क्या था, इससे अभी पर्दा नहीं उठ सका है।
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यह महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ने के बाद अब पुलिस ऑडियो भेजने वाले व्यक्ति, उसमें रिकॉर्ड हुई बातचीत और उससे थानाध्यक्ष के रोल की पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही अन्य संदिग्ध नंबरों से होने वाली बातचीत और उसके संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस उस नंबर के संपर्क में रहने वालों का भी पता लगा रही है।

ब्लैकमेलिंग के पीछे कई लोगोंं के शामिल होने की भी आशंका से पुलिस इन्कार नहीं कर रही है। चैट, वीडियो आदि रिकवर करने में जुटी पुलिस : मामले की जांच में तकनीकी टीमें तेजी से कार्य कर रही हैं। थानाध्यक्ष के दोनों मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकलने के बाद एक-एक नंबरों का सत्यापन कराया जा रहा है। वहीं, मोबाइल फोन के डिलीट हुए चैट, वीडियो आदि को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है।


इसके बाद भी कई अहम तथ्य सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे घटना का पर्दाफाश किया जा सकेगा। हालांकि, पुलिस अभी इस मामले में खुलकर कुछ बोलने से कतरा रही है।

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