देवर से प्रेमप्रसंग में कराया था पति का कत्ल, पुलिस ने खोली हत्या की गुत्थी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ में घरों में चौकाबर्तन करने वाली उन्नाव की एक महिला ने दुबई नौकरी कर रहे देवर से प्रेमप्रसंग के चलते भाड़े के हत्यारों से बंथरा इलाके में पति का कत्ल कराया था। पुलिस को जंगल में मिले अधजले शव की शिनाख्त में 17 दिन लगे।
इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से कड़ी जुड़ने लगीं। पुख्ता सुबूत हाथ लगने पर पति की हत्या की साजिश रचने वाली महिला को शुक्रवार सुबह भाड़े के दो हत्यारों के साथ गिरफ्तार किया गया है। मास्टर माइंड देवर समेत तीन आरोपियों की तलाश जारी है।
एएसपी सिटी पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि तीन फरवरी को बंथरा के अमावां जंगल में हत्या करके फेंके गए युवक की दाहिनी कलाई में गोदना से वीरू लिखा था। पुलिस ने पोस्टर चस्पा कराकर शिनाख्त की कोशिश के साथ थानों व आसपास के जिलों की पुलिस को हुलिया नोट कराया था।
उन्नाव के हसनगंज थाने के गांव लालपुर निवासी टोडीलाल रावत ने 20 फरवरी को थाने पहुंचकर फोटो व कपड़ों के आधार पर शव की शिनाख्त अपने बेटे वीरू रावत के रूप में की।
बताया कि वीरू व उसकी पत्नी सीमा चंडीगढ़ में रहते थे। वीरू एक फरवरी को दिल्ली से लौटा था और अगले ही दिन बैग लेकर घर से निकलने लगा। बताया था कि सीमा ने कॉल की थी।
पारा के मुन्नू खेड़ा निवासी अजय रावत से दस हजार रुपये लेने जा रहा है। वहां से पत्नी के पास चंडीगढ़ चला जाएगा। इसके बाद से वीरू लापता है।
एसओ बलवंत शाही ने बताया कि शव की शिनाख्त के साथ मुन्नू खेड़ा निवासी अजय का नाम पता चलने पर वीरू व सीमा के मोबाइल का कॉल डिटेल खंगाला गया। सर्विलांस सेल के एसआई आशीष द्विवेदी कांस्टेबल बीर सिंह, रामनेवाज शुक्ला व सुधीर सिंह गहन छानबीन करके अजय रावत का नंबर ट्रेस किया।
कॉल डिटेल से खुलासा हुआ कि चंडीगढ़ में रह रही सीमा की दुबई में नौकरी कर रहे ममेरे देवर अभिताब उर्फ अंताव से लंबी बातचीत होती है। सीमा व अभिताब की अजय से बातचीत की जानकारी मिली। सीमा व अजय के मोबाइल सर्विलांस पर लेते ही राज उजागर होने शुरू हुए।
एसएसआई अरुण अवस्थी, एसआई शिवप्रताप सिंह व विनोद कुमार के साथ सर्विलांस टीम की मदद से अजय व उसके साथी दुर्गेश को बृहस्पतिवार शाम गिरफ्तार करके उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल बाइक व तमंचा बरामद किया गया।
ऐसे अंजाम दी थी वारदात
हत्थे चढ़े अजय ने कुबूला कि अभिताभ ने दुबई से 10 हजार रुपये उसे भेजे थे। कहा था कि वीरू को रास्ते से हटाना है। इसके बाद सीमा ने कॉल करके बताया कि वह वीरू को दस हजार रुपये लेने के बहाने पिपरसंड रेलवे स्टेशन पर भेजेगी। शराब पिलाकर उसे ठिकाने लगा देना। साजिश के तहत सीमा ने उसे कॉल करके अजय से रुपये लेकर चंडीगढ़ आने को कहा। वीरू के घर से निकलते ही उसने अजय को अलर्ट किया।
जय मुन्नू खेड़ा निवासी दुर्गेश, सूरज व अनौरा निवासी सूरज को साथ लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचा। वीरू को साथ बैठाकर रुपये देने के बहाने उसे गांव अमावां के जंगल में ले गया। वहां साथ बैठाकर शराब पिलाई। वीरू लघुशंका के लिए बैठा। अजय ने पीछे से उसके हाथ पकड़े और मुन्नू खेड़ा निवासी सूरज ने गले पर छुरी से ताबड़तोड़ वार किए। अनौरा निवासी सूरज ने सिर पर डंडा मारा। शव को झाड़ियों में घसीट ले जाकर पेट्रोल से जलाने का प्रयास कर रहे थे कि पुलिस की गाड़ी का सायरन सुनाई दिया। खून से सनी छुरी झाड़ियों में छिपाई और दुर्गेश का बैग लेकर भाग निकले। बैग को उसके घर के पीछे तालाब में फेंका था।
देवर से प्रेमप्रसंग पर कराया था कत्ल
एएसपी क्राइम दिनेश सिंह ने बताया कि पांच साल पहले सीमा व वीरू की शादी हुई थी। सालभर बाद सीमा ने एक बेटी को जन्म दिया। वीरू चंडीगढ़ में मजदूरी करता था। इस दौरान उसके ममेरे भाई अभिताब से सीमा के संबंध हो गए। अक्सर आने-जाने के दौरान परिवारीजनों को संदेह होने लगा और वीरू अपनी पत्नी व बेटी को लेकर चंडीगढ़ चला गया। देवर से उसकी फोन पर बातचीत होती रही। एक शादी समारोह के बहाने दोनों ने कई दिन साथ बिताए। कुछ दिनों बाद अभिताब नौकरी करने दुबई चला गया।
मोबाइल पर सीमा से संपर्क बनाए था। वीरू ने आपत्ति जताई और सीमा को चंडीगढ़ में छोड़ काम तलाशने के बहाने दिल्ली चला गया। सीमा ने कुबूला कि शराब की लत के चलते वीरू अक्सर पीटता था और उसका ममेरा भाई अभिताब ढांढस बंधाता था। प्रेमप्रसंग में बाधक बने वीरू की हत्या की साजिश रच डाली थी। अभिताब की अजय से दोस्ती थी। उसने 10 हजार रुपये में वीरू की हत्या की सुपारी दी थी।