कौन उठा ले गया मां-बाप के साथ सो रही डेढ़ माह की बच्ची?
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लखनऊ से जुड़े बीकेटी के गांव मामपुर बाना में बृहस्पतिवार रात माता-पिता के साथ सो रही डेढ़ महीने की बच्ची संदिग्ध हालात में चोरी हो गई। बिछौनी समेत गायब बच्ची का कठुला घर से कुछ दूर सड़क पर मिला है।
छानबीन में जुटी पुलिस ने करीबी पर संदेह जताया है।
पुलिस के मुताबिक, मामपुर बाना निवासी रामनाथ शुक्ला उर्फ ननकऊ बृहस्पतिवार रात पत्नी प्रियंका के साथ कमरे में बेड पर सोया था। दोनों के बीच में उनकी डेढ़ महीने की बच्ची लेटी थी।
गर्मी की वजह से कमरे का दरवाजा खोल रखा था। रात करीब तीन बजे प्रियंका की आंख खुली। बच्ची को बिस्तर पर न देखकर उसने रामनाथ को जगाया। बच्ची की बिछौनी भी गायब थी।
उसने सोचा कि संभवत: बच्ची के रोने पर दादी ले गई होगी। गहरी नींद की वजह से उन्हें भनक नहीं लगी। इस पर रामनाथ ने अपनी मां ओमश्री को आवाज दी। ओमश्री द्वारा बच्ची के बारे में जानकारी से इन्कार पर हड़कंप मच गया।
शोर मचाकर आसपास के लोगों को जानकारी देने के साथ अबोध की तलाश शुरू की गई। घर से कुछ दूर रास्ते पर उसका कठुला पड़ा मिला। रामनाथ ने बताया कि उसके घर का मुख्य दरवाजा टूटा है और कमरे का दरवाजा खुला था।
उसने कहा कि किसी करीबी व्यक्ति ने घर में घुसकर उसकी बच्ची चुराई है। बक्से व अन्य सामान सुरक्षित मिलने से जाहिर है कि बदमाश सिर्फ बच्ची चुराने आया था।
रात में डेढ़ बजे पिलाया था बच्ची को दूध
एसओ बीकेटी विजय शंकर यादव का कहना है कि डेढ़ महीने की बच्ची के संदिग्ध हालात में गायब बोने की सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर जाकर जांच की। पता चला कि प्रियंका-रामनाथ की बड़ी बेटी महक चार वर्ष की है।
पता लगाया जा रहा है कि दूसरी बच्ची का जन्म परिवार में किसे अच्छा नहीं लगा था। इसके अलावा गांव में झाड़फूंक, तंत्रमंत्र व जादूटोना करने वालों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
लोगों ने जानकारी दी कि लापता बच्ची की मां प्रियंका कुछ महीनों पहले संदिग्ध हालात में आग की चपेट में आकर झुलस गई थी। पिता रामनाथ शुक्ला का अपनी मां से अक्सर झगड़ा होता रहता है।
तीन साल पहले रामनाथ के ताऊ प्यारेलाल शुक्ला ने जहर खाकर जान दे दी थी। उसकी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिवार के पास गांव चंदाकोडर में सिर्फ तीन बिस्वां जमीन है।
प्रियंका का कहना है कि रात करीब डेढ़ बजे बच्ची रोई थी। इस पर उसने दूध पिलाकर सुलाया और खुद भी सो गई थी। करीब दो घंटे बाद कमरे में किसी व्यक्ति की छाया महसूस हुई। इस पर उठी तो बच्ची गायब थी।