किसके है ये 4 अज्ञात शव, अब तक सुराग नहीं?
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लखनऊ और उसके आसपास पिछले कुछ दिनों में ऐसे अज्ञात शव मिले हैं जिनकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। ताजा मामला कृष्णानगर में मिले महिला के शव का है। कृष्णानगर में छह महीने पहले मिले महिला के शव की गुत्थी सुलझाने पुलिस की एक टीम फैजाबाद भेजी जाएगी। सीओ कृष्णानगर ने बताया कि टीम सुनीता से पूछताछ करेगी। हो सकता है कि पूछताछ में लालाखेड़ा रामदासखेड़ा के बीच रेलवे ट्रैक पर मिले शव लाश के बारे में भी सुराग मिल जाए, जिसकी पहचान सुनीता के रूप में की गई थी।
सीओ अवनीश कुमार मिश्रा का कहना है कि शव किसका था? कृष्णानगर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है। एफआईआर तभी दर्ज की जाएगी, जब फैजाबाद के तारुन थाना की पुलिस सुनीता के जिंदा होने का लिखित प्रमाण देगी। गौरतलब है कि फैजाबाद के नसरतपुर गांव निवासी सुनीता (38) के गायब होने पर उसके भाई संदीप ने गांव के ही संजय शर्मा और गुलाबा देवी पर अपहरण का आरोप लगाते हुए तारुन थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी।
इसके बाद गत वर्ष पांच सितंबर को अज्ञात महिला का शव मिलने संबंधी इश्तिहार देखकर संदीप व परिवार के सदस्य कृष्णानगर कोतवाली पहुंचे और फोटो व कपड़े देखकर शव की पहचान सुनीता के रूप में की थी। इस बीच शनिवार 14 फरवरी को सुनीता अपने गांव पहुंच गई, जिसके बाद पूरी कहानी ही बदल गई। सीओ के मुताबिक सुनीता के पास इस मामले से जुड़े कई रहस्य हो सकते हैं।
इन सवालों की होगी छानबीन
-कृष्णानगर में मिले शव और सुनीता के बीच कोई संबंध तो नहीं?
-क्या सुनीता को यह जानकारी थी कि उसे मृत घोषित कर दिया गया है?
-अगर सुनीता को यह पता था तो क्या उसने अपनी पहचान बदल दी थी?
-बीते छह महीने कहां और किसके साथ रही?
-क्या इस बीच परिवारवालों से संपर्क किया?
-शनिवार को अचानक अपने गांव क्यों और कैसे में पहुंची?
-छह महीने पहले सुनीता को मरा घोषित करने के पीछे क्या वजह थी?
-परिवारीजन सुनीता की हत्या की आड़ में किसी को फंसाना तो नहीं चाहते थे?
इन शवों का अब तक शिनाख्त नहीं
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की उम्र 28 से 30 साल के बीच बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक चाकू या अन्य किसी धारदार हथियार से गला काटा गया था। मौत का वक्त शव मिलने से एक दिन पहले का है। यानि बृहस्पतिवार को हत्या की गई होगी।
आलमबाग पुलिस के मुताबिक मृतक के शरीर पर चोट का एक भी निशान नहीं मिला है। इंस्पेक्टर विमल कुमार का कहना है कि मृतक की छाती में मिले छिलने के निशान नाले में गिरने से लगने की आशंका है। शिनाख्त के लिए आसपास के जनपदों की पुलिस से संपर्क किया गया है।
*06 फरवरी को चिनहट के तिवारीगंज में इमली बांधन बाबा के मंदिर के पास झाड़ियों में गुलाबी साड़ी औश्र नीले ब्लाउज में अज्ञात महिला का शव मिला था। शव का अधिकांश हिस्सा कुत्ते नोंचकर खा चुके थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट से महिला की मौत की पुष्टि हुई थी। शव दस दिन पुराना था। पुलिस पहले महिला को भिखारी बताकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश करती रही। बाद में महिला की कहीं और हत्या करने के बाद शव यहां फेंकने की थ्योरी रटने लगी।
*08 जनवरी को गोसाईंगंज में नहर के किनारे बोरे में मिले युवक के शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई थी लेकिन परिस्थितियां हत्या की तरफ इशारा कर रही है। पुलिस को मृतक की शर्ट पर फैजाबाद के टेलर का टैग मिला था लेकिन फैजाबाद जाने पर कोई सुराग नहीं मिला। मृतक के फोटो इलाके में लगवाकर पुलिस किसी दावेदार के आने का इंतजार कर रही है।
*20 जनवरी को इटौंजा में गोमती नदी में अज्ञात युवक का शव मिला था। पोस्टमार्टम में गोली मारकर हत्या की पुष्टि हुई थी। पुलिस का कहना है कि शव कहीं से बहकर आया है। बाराबंकी, सीतापुर, रायबरेली और हरदोई सहित आसपास के जनपदों में मृतक के फोटो लगवाकर पहचान की कोशिश की गई लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल सकी है।