{"_id":"71f1a6ab4f38e312ca0b98089a9af601","slug":"fraud-cases-in-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"'बंटी-बबली' ने व्यापारी से ठगे चार लाख, एफआईआर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
'बंटी-बबली' ने व्यापारी से ठगे चार लाख, एफआईआर
अनिल त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 11 Jul 2014 08:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘बंटी-बबली’ ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक कारोबारी से 4.40 लाख रुपये हड़प लिए।
विज्ञापन
जालसाज ने खुद को रिलायंस कमोडिटी का चैनल पार्टनर बता कारोबारी को जाल में फंसाया था। पीड़ित ने बृहस्पतिवार को गाजीपुर थाने में दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस की के अनुसार जालसाज दंपती शेयर ट्रेडिंग के नाम कई लोगों को चपत लगा चुके हैं। एसओ गाजीपुर नोवेंद्र सिंह सिरोही के मुताबिक, जानकीपुरम विस्तार निवासी कपिल राजपूत ने मामले की तहरीर दी थी।
विज्ञापन
इसमें बताया कि पिता के मित्र डॉ. विजय नारायण तिवारी अपने परिचित अशोक कुमार तिवारी व उनकी पत्नी मंजू को लेकर घर आए।
इंदिरानगर के सेक्टर-15 निवासी अशोक ने खुद को रिलायंस कमोडिटी चैनल का पार्टनर और पत्नी मंजू को शेयर ब्रोकर बताते हुए परिचय
बातचीत के दौरान शेयर मार्केट में रकम लगाने पर मोटे मुनाफे का लालच दिया। कपिल का झांसे में लेकर मंजू ने अकाउंट खुलवाया और फरवरी में उससे एक लाख का चेक ले लिया।
विज्ञापन
इसके बाद 2.40 लाख रुपये नगद फिर एक लाख का चेक अपने नाम से लिया। काफी समय तक कोई जानकारी न मिलने पर कपिल ने कमोडिटी के ऑफिस पहुंच पड़ताल शुरू की।
पता चला कि जालसाज दंपती ने नगद ली रकम और अपने नाम से लिया चेक खाते में जमा ही नहीं किया।
कपिल के रकम मांगने पर दंपती ने 21 मई को 2.20 लाख, नौ जून को 50 हजार और 21 जून 2014 को 1.70 लाख रुपये का चेक थमा दिया।
पहले दो चेक बाउंस हो गए, जबकि तीसरा स्टॉप पेमेंट के चलते लौटा दिया गया। उधर, जालसाजी की सूचना पर रिलायंस कमोडिटी कंपनी के अफसरों ने मंजू का टर्मिनल बंद कर खाता सीज कर दिया।
कपिल का आरोप है कि, रुपया मांगने पर जालसाज दंपती हत्या की धमकी दे रहा है।
रिपोर्ट दर्ज कर मामले की तफ्तीश कर रही पुलिस के अनुसार जालसाज दंपती शेयर ट्रेडिंग के नाम कई लोगों को शिकार बना चुका है।