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रोहतास के निदेशकों व बैंक कर्मचारियों पर दस लाख की जालसाजी का मुकदमा
Thu, 13 Jun 2019 12:57 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Thu, 13 Jun 2019 12:57 AM IST
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ग्रेटर नोएडा निवासी सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दिनेश राय ने रोहतास कंपनी के निदेशकों पर प्लॉट के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। पीड़ित ने तहरीर में सिंडीकेट बैंक के कर्मचारियों पर भी धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
तहरीर पर हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज राधारमण सिंह के मुताबिक, ग्र्रेटर नोएडा के गर्वनमेंट ऑफिसर सोसाइटी सेक्टर ओमेगा-1 निवासी दिनेश राय सेवानिवृत्त आईएएस हैं।
उन्होंने 2016 में रोहतास कंपनी की सुल्तानपुर रोड स्थित हाउसिंग सोसाइटी में एक प्लॉट बुक कराया था। प्लॉट के लिए उन्होंने 2016 से जून 2017 के बीच कंपनी के खाते में दस लाख रुपये जमा कराए थे। रुपया ट्रांसफर होने के बावजूद तय समय पर कंपनी के निदेशकों ने रजिस्ट्री नहीं कराई।
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उन्होंने विरोध किया और कंपनी के सीएमडी परेश रस्तोगी व अन्य से रुपयों की मांग की तो टाल मटोल करने लगे। आरोप है कि दबाव बनाने पर उक्त लोगों ने उन्हें धमकाया। इसके बाद पीड़ित ने तहरीर दी। इसके आधार पर कंपनी के डायरेक्टर परेश रस्तोगी, पियूष रस्तोगी, पंकज रस्तोगी और सिंडीकेट बैंक के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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तहरीर पर हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज राधारमण सिंह के मुताबिक, ग्र्रेटर नोएडा के गर्वनमेंट ऑफिसर सोसाइटी सेक्टर ओमेगा-1 निवासी दिनेश राय सेवानिवृत्त आईएएस हैं।
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उन्होंने 2016 में रोहतास कंपनी की सुल्तानपुर रोड स्थित हाउसिंग सोसाइटी में एक प्लॉट बुक कराया था। प्लॉट के लिए उन्होंने 2016 से जून 2017 के बीच कंपनी के खाते में दस लाख रुपये जमा कराए थे। रुपया ट्रांसफर होने के बावजूद तय समय पर कंपनी के निदेशकों ने रजिस्ट्री नहीं कराई।
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उन्होंने विरोध किया और कंपनी के सीएमडी परेश रस्तोगी व अन्य से रुपयों की मांग की तो टाल मटोल करने लगे। आरोप है कि दबाव बनाने पर उक्त लोगों ने उन्हें धमकाया। इसके बाद पीड़ित ने तहरीर दी। इसके आधार पर कंपनी के डायरेक्टर परेश रस्तोगी, पियूष रस्तोगी, पंकज रस्तोगी और सिंडीकेट बैंक के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।