यूपी में दरिंदगी, कपड़े फाड़े, बाल नोंचे और तोड़े दांत!
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लखनऊ विश्वविद्यालय के हबीबुल्ला हॉस्टल में पांच युवकों ने बुधवार देर रात कथित रूप से एक युवती और उसकी सहेली से जमकर हैवानियत की। उन्हें लिफ्ट देने के बहाने एक युवक अपने साथ हॉस्टल ले आया था।
उसने फोन कर अपने चार साथियों को बुला लिया। सबने मिलकर उससे रेप की कोशिश की। विरोध करने पर उनकी जमकर पिटाई की। उनके कपड़े फाड़ दिए और बाल नोंच लिए। पिटाई से एक के दांत टूट गए हैं।
चीख-पुकार सुनकर विश्वविद्यालय प्रशासन के लोग आ गए तब बदमाश भागे। हसनगंज पुलिस पीड़ित को थाना ले गई, जहां कार्रवाई से इन्कार करते हुए वह बाहर चली गईं। हालांकि पुलिस का मानना है कि पीड़ित किन्नर हैं। उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है।
इस तरह दोनों को लिया शिकंजे में
घटना रात करीब सवा दस बजे की है। ऐशबाग निवासी पीड़ित ने बताया कि वह बंधा रोड पर एक शादी समारोह में हिस्सा लेने आई थीं। वहां सवारी न मिलने पर दोनों पैदल ही हनुमान सेतु की तरफ चलने लगीं। इसी बीच बाइक सवार एक युवक उधर से गुजरा। उसने उन्हें को लिफ्ट देने के बहाने बाइक में बैठा लिया।
पीड़ित ने बताया कि आईटी चौराहा से पहले ही युवक ने विश्वविद्यालय हॉस्टल जाने वाली सुनसान सड़क पर बाइक मोड़ दी। उन्होंने विरोध किया तो युवक ने शार्टकट का बहाना बना दिया। इसके बाद युवक बहाना बनाते हुए दोनों को हबीबुल्ला हॉस्टल ले गया।
पीड़ित का कहना है कि यहां उसने फोन करके अपने चार साथी बुला लिए। पांचों युवक जबरन उन्हें एक कमरे में ले गए और रेप की कोशिश की। किसी तरह बचकर भागीं तो बदमाश भी उनके पीछे दौड़े।
चीख-पुकार सुनकर बाहर आई फैकल्टी
हबीबुल्ला और महमूदाबाद हॉस्टल के मोड़ पर उन्होंने दोनों को दबोच लिया और जमकर पिटाई शुरू कर दी। पीड़ित का कहना है कि सभी बदमाश शराब के नशे में धुत थे। लात-घूसों से पिटाई करते हुए उन्होंने कपड़े फाड़ दिए। एक चीखी तो बदमाशों ने मुंह में घूंसे बरसाए जिससे उसके दांत टूट गए।
इस बीच शोरगुल सुनकर पास ही रहने वाली सहायक रजिस्ट्रार भावना मिश्रा व उनके परिवार के सदस्य बाहर निकल आए।
चीख-पुकार मचने पर जंतु विज्ञान विभाग के प्रो. एसपी त्रिवेदी, स्टूडेंट वेलफेयर के डीन प्रो. अनिल शुक्ला, एडीशनल प्रॉक्टर डॉ. विभावरी सिंह, डॉ. नीरज जैन, डॉ. ओपी शुक्ला, राजनीति शास्त्र विभाग के प्रो. आशुतोष मिश्रा, कर्मचारी यूनियन के पूर्व महामंत्री संजय शुक्ला सहित अन्य लोग आ गए।
इन लोगों की हुई गिरफ्तारी
हसनगंज पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस उन्हें थाना ले आई। महानगर सीओ विशाल पांडे भी यहां आ गए। थाना में उन्होंने किसी भी कार्रवाई से इन्कार कर दिया और वहां से चली गईं।
हालांकि, पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाकर कार में बैठाया और मेडिकल परीक्षण के लिए ले गई। देर रात तक पीड़ित से पूछताछ के बाद पुलिस ने आनंद सिंह सत्या, कुलदीप सिंह और प्रशांत सिंह को पकड़ लिया।
सीओ का कहना है कि आनंद और कुलदीप अक्सर एनडी हॉस्टल आते-जाते थे। सीओ का कहना है कि तीनों विश्वविद्यालय के छात्र नहीं हैं। पीड़ित से इनकी पहले से जान-पहचान है।