फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   district magistrate raids on a company

धन दूना करने वाली कंपनी का प्रबंधक धरा गया

Thu, 05 Jun 2014 11:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबेडकरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबेडकरनगर Updated Thu, 05 Jun 2014 11:48 AM IST
विज्ञापन
district magistrate raids on a company

पांच वर्ष में धन दोगुना कर प्रतिमाह साढ़े चार करोड़ रुपये की रकम जमा कराने वाली बैंकिंग कंपनी ‘प्रोग्रेस ग्रुप’ की अकबरपुर शाखा पर प्रशासन ने बुधवार को छापा मारा।

विज्ञापन


इस कंपनी में लगभग 30 हजार लोगों ने निवेश कर रखा है।

डीएम के निर्देश पर शाखा पहुंचे एसडीएम व सीओ आवश्यक कार्रवाई करने के बाद शाखा प्रबंधक को अपने साथ कलेक्ट्रेट ले गए। जहां जिलाधिकारी विवेक ने उनसे गहन पूछताछ की।
विज्ञापन


संतोषजनक जवाब न होने पर शाखा प्रबंधक को कलेक्ट्रेट में ही रोक लिया और पूरे मामले की गहनता से जांच करने के लिए एडीएम के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीएम ने बंगलौर में मौजूद कंपनी के निदेशक को भी तत्काल जिले में पहुंचने का निर्देश दिया है।

कुछ दिनों पूर्व ही जिले में कार्यरत एक बैंकिंग एजेंसी ‘रैमल इंडस्ट्रीज’ लोगों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गई थी।

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद महरुआ में शाखा प्रबंधक गिरफ्तार भी हुआ, लेकिन इसके बाद से पुलिस की जांच सुस्त पड़ी हुई है।

इस बीच जिलाधिकारी विवेक के संज्ञान में मामला लाया गया कि एक और बैंकिंग एजेंसी जिले में कार्य कर रही है, जो कभी भी फरार हो सकती है।

इस पर डीएम ने एसडीएम सदर सोमदत्त मौर्य और सीओ सिटी राजेश सिंह को निर्देश दिया कि वे अकबरपुर शाखा में छापा मारें और शाखा प्रबंधक को उनके सामने पेश करें।


इसके बाद दोनों अधिकारी शाखा पहुंच गए और वहां आवश्यक कार्रवाई करने के बाद शाखा प्रबंधक सुनील प्रसाद को अपने साथ कलेक्ट्रेट ले गए।

वहां डीएम ने शाखा प्रबंधक से उनकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीएम ने एडीएम राममूर्ति मिश्र, वरिष्ठ कोषाधिकारी आरपी सिंह, लीड बैंक प्रबंधक एके शुक्ल व जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक समेत एसडीएम सदर की टीम गठित कर गहनता से पूरे मामले की जांच का निर्देश दिया।

डीएम के समक्ष ही शाखा प्रबंधक ने बताया कि वर्ष 2009 से उनकी संस्था यहां काम कर रही है। उनकी संस्था बिहार में पंजीकृत है।

पश्चिम बंगाल में लगभग 100 करोड़ की लागत से  निर्मित होने वाली जूस फैक्ट्री में निवेश के लिए रकम जमा कराई जा रही है।

वे सब पांच वर्ष में रकम दोगुना करते हैं। बीते कुछ समय से प्रति माह लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये जमा हो रहे हैं।

एसडीएम सदर सोमदत्त मौर्य ने बताया कि जिलाधिकारी विवेक ने बंगलौर में मौजूद कंपनी के निदेशक विकास हाटलेडकर को तत्काल अंबेडकरनगर पहुंचने को कहा है।

एसडीएम के मुताबिक जांच का दायरा यह है कि आखिर किन परिस्थितियों में पांच वर्ष के भीतर रकम दूनी किए जाने का वादा किया जा रहा है।

यह भी जांच का बिंदु है कि बिहार की जिस कंपनी में पैसा जमा होता है, उसका काम क्या है।

रिजर्व बैंक से यह जानकारी प्राप्त की जा रही है कि प्रोग्रेस ग्रुप को इस प्रकार के कार्यों की अनुमति प्राप्त है या नहीं।

इसके अलावा संस्था के इनकम टैक्स रिटर्न, मूल रजिस्ट्रेशन की जानकारी के साथ ही कारपोरेट आईडी का कन्फर्मेंशन कराया जाना है।

एसडीएम ने बताया कि फिलहाल जांच पूरी होने तक शाखा प्रबंधक को कलेक्ट्रेट में ही रोक लिया गया है।

एसडीएम के मुताबिक लगभग 75 करोड़ रुपये जमा होने की प्रारंभिक जानकारी मिली है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed