लुटेरों ने बड़ी ही बेरहमी से सरिया गोदकर ली व्यापारी की जान!
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बंथरा के कटी बगिया में सोमवार रात खाकी कपड़ों में आए नकाबपोश बदमाशों ने आरा मशीन मालिक शिवकुमार (45) की हत्या कर लाइसेंसी बंदूक, कारतूस सहित दो लाख रुपये के जेवर और करीब सवा लाख रुपये लूट लिए।
वारदात की सूचना पाकर एसएसपी यशस्वी यादव, एएसपी पूर्वी राजेश कुमार सहित कई अफसर मौके पर पहुंचे और वारदात की जानकारी ली। डॉग स्क्वायड और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। शिवकुमार के बेटे पंकज ने चार अज्ञात बदमाशों पर हत्या व लूट की एफआईआर दर्ज कराई है।
तहरीर में चौकीदार पर भी शक जताया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से शिवकुमार की मौत होने की पुष्टि हुई है। बदमाशों ने शिवकुमार के घर पर करीब डेढ़ घंटे तक जमकर तांडव मचाया। बदमाशों ने चौकीदार को बंधक बनाकर पहले खेत में छोड़ दिया, फिर टिन शेड के नीचे अकेले सो रहे शिवकुमार की सरिये से पीट पीटकर हत्या कर दी और आलमारी में रखे रुपये लूट लिए।
हैवानियत देखकर सिहर उठे लोग
इसके बाद बदमाशों ने चौकीदार के बंधन खोल दिए और उसे परिसर में ही बने उस कमरे में ले गए जहां शिवकुमार की पत्नी सुनीता और बच्चे सो रहे थे। बहाने से दरवाजा खुलवाकर बदमाशों ने कमरे में घुस गए और सुनीता व उसके बच्चों को बंधक बनाकर दो लाख रुपये के जेवर और करीब एक लाख 20 हजार रुपये नकद लूट लिए। बदमाश शिवकुमार की लाइसेंसी बंदूक और कारतूस भी लेते गए।
बदमाशों ने शिवकुमार को बेरहमी से पीटा था। सिर-चेहरे से लेकर हाथ-पैर व शरीर के अन्य हिस्सों में सरिया और धारदार हथियार के निशान थे। बिस्तर खून से सना हुआ था। सुनीता ने बताया कि नकाब पहने हुए बदमाश रात करीब डेढ़ बजे आरा मशीन परिसर आए थे।
उसने बताया कि शिवकुमार यहां टिन शेड के नीचे तख्त पर सोया था, जबकि वह 15 वर्षीय बेटी पूजा, 8 साल की मंजू और 3 वर्षीय बेटे शिवा के साथ पास ही बने एक कमरे में सो रही थी। दूसरे कमरे में बड़ा बेटा पंकज (20) सो रहा था। सुनीता ने बताया कि बदमाशों ने सोते वक्त ही शिवकुमार पर हमला बोला। इसके बाद आलमारी खोलकर उसमें रखे 80,000 रुपये निकाल लिए।
चाची चोर पकड़ा है, कहकर खुलवाया दरवाजा
शिवकुमार की हत्या के बाद बदमाश चौकीदार के पास पहुंचे और उसके बंधन खोल दिए। चौकीदार को लेकर बदमाश सुनीता के कमरे के बाहर आ गए। नकाबपोश बदमाशों के कहने पर चौकीदार ने सुनीता को पुकारते हुए कहा, ‘चाची दरवाजा खोलो।
लकड़ी उठाकर ले जाते हुए एक चोर पकड़ा है।’ सुनीता ने चौकीदार की आवाज सुनकर जैसे ही दरवाजा खोला, तीन बदमाश भीतर घुस आए। बकौल सुनीता, एक के हाथ में तमंचा था और दो सरिया लिए थे।
बच्चों को जान से मारने की धमकी देते हुए बदमाशों ने आलमारी की चाबियां मांगी। घबराई सुनीता ने चाबियां दे दी जिसके बाद बदमाशों ने दो लाख के सोने-चांदी के जेवर, 20,000 रुपये नकद और बच्चों के गुल्लक में रखे करीब 20,000 रुपये समेट लिए। बदमाश शिवकुमार की लाइसेंसी बंदूक और कारतूसों का पट्टा लेकर भाग गए।
कमरे में घुसते ही पूछा कहां है बंदूक
बदमाश सुनीता और उसके बच्चों के साथ ही चौकीदार को भी कमरे में बंद करके चले गए थे। करीब 15 मिनट तक कोई आहट न होने पर मंजू ने किसी तरह अपने को आजाद किया और खिड़की से बाहर कूदी।
इसके बाद मंजू ने बाहर से कमरे की कुंडी खोली। सुनीता सबसे पहले टिन शेड के नीचे पहुंची तो पति को खून से लथपथ पड़ा देख उसकी चीख निकल गई। बच्चे भी रोने लगे। रोना-पीटना सुनकर बगल के कमरे में लेटा पंकज भी आ गया। गांव के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई।
सुनीता के कमरे में घुसते ही बदमाशों ने पूछा, ‘कहां है बंदूक।’ सुनीता ने आलमारी की तरफ इशारा किया। इसके बाद बदमाशों ने सुनीता से चाबी मांगी। सुनीता ने बहाना बनाया तो बदमाशों ने उसे जलाकर मारने की धमकी दी। बच्चे दहशत से रोने लगे।
सीओ का कहना है कि बदमाश शिवकुमार के परिचित ही हैं। चौकीदार शीतल यादव की भूमिका भी संदिग्ध है। मूल रूप से उन्नाव के असोहा अटरियनखेड़ा निवासी शीतल ने करीब दो महीना पहले ही यहां चौकीदारी शुरू की थी।
सीओ ने बताया कि चौकीदार के अलावा आरा मशीन में काम करने वाले एक पूर्व कर्मचारी की भी तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।