पटाखों के अवैध गोदाम में विस्फोट से लखनऊ का काकोरी इलाका सोमवार सुबह दहल उठा। धमाका इतना जोरदार था कि पटाखों का गोदाम उड़ गया और पास का मकान भी ढह गया। धमाके में अवैध पटाखा गोदाम का संचालक नसीर उर्फ नासिर (55) और उसकी बेटी समेत तीन की मौत हो गई। पास ही काम करने तीन मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
लखनऊ: काकोरी में भीषण धमाका, कई मीटर में फैले शवों के टुकड़े, मलबे में तब्दील हुआ घर
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ऐसा खौफनाक मंजर... बिखरे पड़े थे धड़, पैर...
काकोरी के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि घटनास्थल पर मांस के लोथड़े गोदाम से काफी दूर तक बिखरे पड़े थे। कुछ दूर पर युवती का धड़ व पैर पड़ा था। इससे पता चला कि गोदाम संचालक की बेटी की मौत हो चुकी है। पास का मकान रामसरन का था जिसमें नमकीन बनती थी, वह भी ढह गया। इसमें दबने से कारीगर रामसरन उर्फ रामफेरन की भी मौत हो गई। वह बहराइच के रामगांव थाने के गांव जदी का रहने वाला था। हादसे में उसका ममेरा भाई रामप्रसाद और कुछ दूरी पर एक प्लॉट की नींव खोद रहे दो मजदूर घायल हुए हैं। उनकी पहचान लखीमपुर खीरी के ईसानगर थाने के गांव कटौली निवासी विनोद व लाल बाबू के रूप में हुई।
धमाके की आवाज कई किमी तक सुनाई पड़ी, जिससे मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई है। पुलिस ने जेसीबी बुलाकर मलबा हटवाया।
4 साल... 22 मौतें... धड़ल्ले से चल रहा अवैध पटाखों का कारेाबार
राजधानी में पुलिस व प्रशासन की नाक के नीचे पटाखों का अवैध कारोबार धड़ल्ले से संचालित हो रहा है। बीते 4 साल में पटाखा फैक्ट्रियों में विस्फोट से 22 लोगों की मौत हो चुकी है। मोहनलालगंज के सिसेंडी में 20 सितंबर 2014 को विस्फोट से 16 की मौत हुई और 20 घायल हुए। वहीं, 2015 में पारा में पटाखों में हुए विस्फोट में पति-पत्नी व बेटी की मौत हो गई। सोमवार को काकोरी में तीन की जान गई।
धमाका सोमवार सुबह करीब 11 बजे हुआ। धमाके के बाद पूरा मकान मलबे में बदल गया। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आसपास के मकान की दीवारें भी गिर गईं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।