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फ्रॉड के पूरे साजो-सामान के साथ बेच रहा था फर्जी सिम
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Wed, 23 Oct 2013 02:29 AM IST
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फर्जी आईडी बनाकर एक निजी मोबाइल कंपनी के सिमकार्ड बेचने वाले शातिर को मंगलवार सुबह गाजीपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने दबोच लिया।
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आरोपी के पास से फैजाबाद की कई आईडी के अलावा दो दुकानों की मोहरें मिली हैं।
प्री एक्टिवेटेड और फर्जी आईडी पर सिमकार्ड बेचने वालों की तलाश में जुटी गाजीपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम को इंदिरा नगर सी ब्लॉक स्थित हनुमान मंदिर के पास संदिग्ध व्यक्ति के होने की जानकारी मिली।
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मौके पर पहुंची टीम ने इंदिरानगर निवासी अतीक अहमद के बेटे अकील को दबोच लिया। गाजीपुर थाना के दरोगा सूर्य प्रकाश शुक्ला ने बताया कि अकील फर्जी आईडी पर प्री एक्टिवेटेड सिमकार्ड बेचता था।
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उसके पास से फैजाबाद की कई आईडी और निजी कंपनी के 40 भरे फॉर्म मिले। इन्हीं आईडी के माध्यम से अकील निजी मोबाइल कंपनी के फॉर्म भरता था। साथ ही इंदिरानगर की रोहित व बाबा मोबाइल शॉप की फर्जी मोहरें बनवा रखी थीं।
इन्हीं की मदद से फॉर्म भरने के बाद सिमकार्ड एक्टिवेट कर लेता था। इसके बाद फार्म कंपनी भेज देता था। कंपनी से कस्टमर वेरिफिकेशन संबंधी कॉल आने पर अकील फॉर्म में भरा गया विवरण बता देता,जिससे कंपनी सिमकार्ड ब्लॉक नहीं करती थी।
इसके बाद प्री एक्टिवेटेड सिमकार्ड दो-तीन गुना कीमत लेकर बेच दिए जाते थे। दरोगा शुक्ला ने बताया कि प्री एक्टिवेटेड सिमकार्ड जरायम या अपराध करने वाले लोग खरीदते थे।
ऐसे सिमकार्ड का इस्तेमाल करने वाले लोग कानून के शिकंजे में नहीं आ पाते हैं। पुलिस ने रोहित और बाबा मोबाइल शॉप के संचालकों को थाना बुलवाया लेकिन उन्होंने मोहरें अपनी दुकान की न होने की जानकारी दी।
अकील के पास फैजाबाद की फर्जी आईडी कहां से आईं? बाबा व रोहित मोबाइल शॉप से अकील का क्या संबंध है?उसने इन्हीं दो दुकानों की फर्जी मोहरें क्यों बनवाईं? इन सवालों की पड़ताल की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में गाजीपुर थाना के दरोगा एसएन पांडे, क्राइम ब्रांच के दरोगा अनुराग मिश्रा, सिपाही अनिल सिंह व मो. कलीम शामिल थे।