बलरामपुर: विरोधियों को फंसाने के लिए बाप ने अपनी ही सात साल की बेटी को गला दबाकर मार डाला
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बलरामपुर में विरोधियों से बदला लेने के लिए एक बाप इतना अंधा हो गया कि अपनी ही सात साल की बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने जांच के बाद बाप को गिरफ्तार कर लिया है और बाप ने अपना गुनाह कबूल भी कर लिया है।
जिले के तुलसीपुर थाना क्षेत्र के शिवपुरा कल्याणपुर गांव में पिछली 30 मार्च की रात को गांव के निकट गेहूं के खेत में सात वर्षीय अंशू मौर्या का शव पड़ा मिला था। पिता इंद्रजीत मौर्या उर्फ छैलू ने जमीनी रंजिश का हवाला देकर गांव के ही राम सूरत यादव व संचित कुमार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था।
एसपी हेमंत कुटियाल के निर्देश पर एएसपी एके मिश्र एवं सीओ उदयराज सिंह की निगरानी में प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह मामले की छानबीन कर रहे थे। छानबीन में पता चला कि जून तथा जुलाई 2020 में इंद्रजीत मौर्या ने राम सूरत यादव तथा संचित कुमार की पत्नी को अपना खेत बैनामा किया था। खेत का पूरा पैसा भी ले लिया था। बाद में इंद्रजीत ने जमीन का रेट बढ़ जाने की बात कहकर दोनों लोगों से और रुपया मांगने लगा। रुपया न देने पर इसने दोनों के खिलाफ मनगढ़ंत व झूठे आरोप लगाकर शिकायत की। इंद्रजीत ने न्यायालय में भी मुकदमा कर दिया था।
घर पर वह पुत्री को ढूंढने का नाटक करने लगा
एएसपी एके मिश्र ने बताया कि छानबीन में पता चला कि 30 मार्च की रात योजनाबद्घ तरीके से इंद्रजीत ने अपनी बेटी को गेहूं के खेत में ले जाकर गला दबाकर मार डाला और शव वहीं छोड़कर गांव वापस आ गया।
घर पर वह पुत्री को ढूंढने का नाटक करने लगा और मंदिर से गांव में घोषणा भी करवाई। करीब सवा नौ बजे उसने खुद ही बेटी का शव खेत से बरामद किया। पूछताछ के दौरान इंद्रजीत मौर्या टूट गया और उसने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि रामसूरत तथा संचित को फंसाने के लिए उसने खुद ही बेटी की हत्या की है। पुलिस ने इंद्रजीत को जेल भेज दिया है।