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अब मरीजों की संख्या से तय होगा कंटेनमेंट जोन का लेवल
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अब मरीजों की संख्या से तय होगा कंटेनमेंट जोन का लेवल
तीन स्तरों में बांटे जाएंगे संक्रमण वाले इलाके
कोरोना की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने तय की नई कार्य योजना
राजधानी में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रिमतों की संख्या से परेशान प्रशासन अब इसकी रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाएगा। कोरोना संक्रमण रोकने को अब प्रशासन मरीजों की संख्या के आधार पर कंटेनमेंट जोन का निर्धारण कर सख्ती बरतेगा। टेस्टिंग के आधार पर कंटेनमेंट जोन की पहचान होगी। यह जानकारी जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने दी।
उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन तीन स्तरों पर बांटे जाएंगे। पहला दो फीसदी, दूसरा पांच फीसदी, तीसरा 10 फीसदी या इससे अधिक मरीजों वाला होगा। मरीजों की संख्या जितनी ज्यादा होगी, सख्ती भी उतनी ज्यादा रहेगी। मौजूदा समय में रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के एंटीजन टेस्ट हो रहे हैं। इन टेस्ट के आधार पर जिस क्षेत्र में जितने मरीज सामने आ रहे हैं, उसके आधार पर 2 से 10 फीसदी तक इलाकों का वर्गीकरण किया जाएगा। पांच फीसदी से 10 फीसदी वाले कंटेनमेंट जोन पर खास नजर रखी जाएगी। जहां 10 फीसदी या इससे अधिक मरीज सामने आ रहे हैं, वह इलाका संक्रमण फैलाने वाला माना जाएगा। इसको देखते हुए इन इलाकों में टेस्टिंग की संख्या बढ़ा कर जिन घरों में ज्यादा मरीज मिले हैं उनको केंद्र मानते हुए आसपास के इलाकों में टेस्टिंग की जाएगी। डीएम ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर 10 फीसदी या इससे अधिक होने पर बफर जोन बना कर आम लोगों की आवाजाही को रोका जाएगा। थाना स्तर पर गठित स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, पुलिस की टीमें ऐसे इलाकों पर खास नजर रखेंगी।
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तीन स्तरों में बांटे जाएंगे संक्रमण वाले इलाके
कोरोना की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने तय की नई कार्य योजना
राजधानी में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रिमतों की संख्या से परेशान प्रशासन अब इसकी रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाएगा। कोरोना संक्रमण रोकने को अब प्रशासन मरीजों की संख्या के आधार पर कंटेनमेंट जोन का निर्धारण कर सख्ती बरतेगा। टेस्टिंग के आधार पर कंटेनमेंट जोन की पहचान होगी। यह जानकारी जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने दी।
उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन तीन स्तरों पर बांटे जाएंगे। पहला दो फीसदी, दूसरा पांच फीसदी, तीसरा 10 फीसदी या इससे अधिक मरीजों वाला होगा। मरीजों की संख्या जितनी ज्यादा होगी, सख्ती भी उतनी ज्यादा रहेगी। मौजूदा समय में रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के एंटीजन टेस्ट हो रहे हैं। इन टेस्ट के आधार पर जिस क्षेत्र में जितने मरीज सामने आ रहे हैं, उसके आधार पर 2 से 10 फीसदी तक इलाकों का वर्गीकरण किया जाएगा। पांच फीसदी से 10 फीसदी वाले कंटेनमेंट जोन पर खास नजर रखी जाएगी। जहां 10 फीसदी या इससे अधिक मरीज सामने आ रहे हैं, वह इलाका संक्रमण फैलाने वाला माना जाएगा। इसको देखते हुए इन इलाकों में टेस्टिंग की संख्या बढ़ा कर जिन घरों में ज्यादा मरीज मिले हैं उनको केंद्र मानते हुए आसपास के इलाकों में टेस्टिंग की जाएगी। डीएम ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर 10 फीसदी या इससे अधिक होने पर बफर जोन बना कर आम लोगों की आवाजाही को रोका जाएगा। थाना स्तर पर गठित स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, पुलिस की टीमें ऐसे इलाकों पर खास नजर रखेंगी।
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